भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल तंत्रों में से एक है। इसकी पटरियों पर दौड़ने वाली ट्रेनें न केवल विभिन्न शहरों को आपस में जोड़ती हैं, बल्कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता की एक खूबसूरत तस्वीर भी पेश करती हैं। ऐसी ही ट्रेनों में एक बेहद लोकप्रिय और ऐतिहासिक नाम हिमसागर एक्सप्रेस का है। यह ट्रेन उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्र को सीधे दक्षिण भारत के समुद्र तट से जोड़ती है और एक ही यात्रा में यात्रियों को देश के बड़े भूभाग की सैर करवाती है।
श्री माता वैष्णो देवी कटरा से कन्याकुमारी तक का भव्य सफर
हिमसागर एक्सप्रेस का परिचालन जम्मू-कश्मीर स्थित श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन से तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक किया जाता है। यह ट्रेन लगभग 3,790 किलोमीटर की विशाल दूरी तय करती है। इस लंबी यात्रा को पूरा करने में ट्रेन को करीब 73 घंटे का समय लगता है। यह एक साप्ताहिक ट्रेन है, जो सप्ताह में एक बार अपनी मंजिल के लिए रवाना होती है। इतने लंबे सफर के दौरान यात्री भारत के अलग-अलग मौसम, पहनावे और व्यंजनों का स्वाद एक साथ ले सकते हैं।
किन 12 राज्यों से होकर गुजरती है हिमसागर एक्सप्रेस?
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका विस्तृत और अनोखा रूट है। अपने पूरे सफर के दौरान हिमसागर एक्सप्रेस कुल 12 भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरती है। उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए इसके रास्ते में आने वाले राज्य इस प्रकार हैं
- जम्मू-कश्मीर: यात्रा की शुरुआत श्री माता वैष्णो देवी कटरा से होती है।
- पंजाब: उत्तरी मैदानी इलाकों की ओर प्रवेश।
- हरियाणा: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पास से गुजरते हुए।
- दिल्ली: देश की राजधानी का प्रमुख रेल जंक्शन।
- उत्तर प्रदेश: उत्तरी भारत के विशाल भूभाग से गुजरना।
- राजस्थान: पश्चिमी भारत के सांस्कृतिक क्षेत्र को छूते हुए।
- मध्य प्रदेश: मध्य भारत के पठारी और मैदानी इलाके।
- महाराष्ट्र: पश्चिमी और मध्य भारत के व्यापारिक गलियारे।
- तेलंगाना: दक्षिण भारत में प्रवेश का पहला चरण।
- आंध्र प्रदेश: दक्षिण भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्र।
- केरल: हरियाली और तटीय नजारों से भरा रास्ता।
- तमिलनाडु: देश का अंतिम दक्षिणी छोर यानी कन्याकुमारी।
सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक नजारों का अनूठा मेल
हिमसागर एक्सप्रेस का सफर केवल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत दर्शन जैसा अनुभव प्रदान करता है। उत्तर भारत के बर्फ से ढके पहाड़ों और विशाल मैदानों से शुरू होकर यह ट्रेन मध्य भारत के जंगलों और पठारों को पार करती है। इसके बाद दक्षिण भारत के नारियल के बागानों, नदियों और तटीय इलाकों से गुजरते हुए अपनी अंतिम मंजिल कन्याकुमारी पहुंचती है। यात्रियों को हर कुछ सौ किलोमीटर पर भाषा, बोली, पहनावे और भोजन में बदलाव साफ महसूस होता है।
क्या हिमसागर एक्सप्रेस भारत की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन है?
बहुत से लोगों के बीच यह आम धारणा है कि 12 राज्यों से गुजरने के कारण हिमसागर एक्सप्रेस देश की सबसे लंबी रेल यात्रा है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 12 राज्यों को जोड़ने का रिकॉर्ड हिमसागर एक्सप्रेस के पास जरूर है, लेकिन दूरी के मामले में यह भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन नहीं है। भारत में सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी विवेक एक्सप्रेस के नाम दर्ज है, जो असम के डिब्रूगढ़ से तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक चलती है।



















