कानपुर के नरवल तहसील में जमीन खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है. महाराजपुर, हाथीपुर और फुफुवार सुईथोक, इन तीन गांवों में सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है. नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं और करीब दो साल बाद हुए इस बदलाव में कुछ श्रेणियों में रेट 35 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. इसका सीधा असर जमीन की रजिस्ट्री, स्टांप शुल्क और खरीद-बिक्री की कुल लागत पर पड़ेगा.
आवासीय प्लॉट पर सबसे ज्यादा असर
जिला प्रशासन के मुताबिक महाराजपुर और हाथीपुर में 9.15 मीटर तक चौड़ी सड़क से लगी आवासीय जमीन का सर्किल रेट 5,250 रुपये से बढ़ाकर 7,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है. 9.15 मीटर से 18.29 मीटर तक चौड़ी सड़क पर स्थित जमीन का रेट भी 6,050 रुपये से बढ़कर 8,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गया है.
फुफुवार सुईथोक में सबसे बड़ा उछाल देखने को मिला है. यहां 9.15 मीटर तक चौड़ी सड़क पर स्थित आवासीय जमीन का रेट 2,650 रुपये से सीधे 5,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है, यानी दरें लगभग दोगुनी हो गई हैं. इस गांव में अब प्लॉट खरीदना या घर बनाना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा साबित होगा.
खेती और कारोबारी जमीन की कीमत भी बढ़ी
सिर्फ आवासीय प्लॉट ही नहीं, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्ति की दरों में भी इजाफा हुआ है. महाराजपुर और हाथीपुर में खेती की जमीन का सर्किल रेट पहले 63.60 लाख से 1 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर के बीच था, जिसे अब बढ़ाकर 89 लाख से 1.37 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है. फुफुवार सुईथोक में कृषि भूमि की दर 46.20 लाख से 69.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 66 लाख से 1 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है.
दुकानों और व्यावसायिक भवनों के रेट में भी बदलाव किया गया है. महाराजपुर और हाथीपुर में कमर्शियल जमीन का रेट 27,000 रुपये से 30,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बीच तय हुआ है, जबकि फुफुवार सुईथोक में यह दायरा 22,000 रुपये से 24,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है.
दो साल बाद रेट क्यों बढ़ाए गए
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो साल में इन इलाकों में जमीन की बाजार कीमत लगातार ऊपर गई है, जबकि सरकारी सर्किल रेट पुराने स्तर पर ही अटके रह गए थे. यही वजह है कि इन दरों का पुनर्निर्धारण किया गया, ताकि सरकारी रेट बाजार की असली कीमत के करीब आ सकें.
एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि नरवल तहसील के महाराजपुर, हाथीपुर और फुफुवार सुईथोक गांवों के सर्किल रेट में जरूरी संशोधन करते हुए नई दरें जारी कर दी गई हैं. ये दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं.
अब खरीदारों को चुकानी होगी ज्यादा रकम
जो लोग इन तीन गांवों में प्लॉट, मकान, दुकान या खेती की जमीन खरीदने की तैयारी में हैं, उन्हें अब पहले से ज्यादा स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री शुल्क चुकाना होगा. अगर आप भी कानपुर में जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो नई सर्किल दरों को ध्यान में रखकर ही अपना बजट तय करें.













