भारतीय स्टेट बैंक में सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपोजिट विकल्प तलाश रहे ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी सामने आई है। देश का यह प्रमुख सार्वजनिक ऋणदाता संस्थान अपनी विभिन्न समय अवधियों वाली योजनाओं के तहत ग्राहकों को 3.05 प्रतिशत से लेकर 7.15 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहा है। बैंक की ओर से न्यूनतम 7 दिनों से लेकर अधिकतम 10 साल तक की अवधि के लिए सावधि जमा खाते खुलवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इस वित्तीय व्यवस्था के तहत 211 दिनों की अवधि वाली योजना भी शामिल है, जिस पर मिलने वाले लाभ और निवेश राशि को लेकर कई अहम बातें तय की गई हैं।
211 दिनों की सावधि जमा पर मिलने वाला ब्याज
भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से 211 दिनों की परिपक्वता अवधि वाली फिक्स्ड डिपोजिट योजना के लिए अलग-अलग आयु वर्ग के हिसाब से ब्याज दरें तय की गई हैं। इस विशिष्ट अवधि के लिए आम नागरिकों को मिलने वाला रिटर्न 5.90 प्रतिशत तय किया गया है, जबकि अधिक उम्र के निवेशकों को इसमें अतिरिक्त लाभ मिलता है। वित्तीय योजनाओं के नियमों के अनुसार निवेशक इस विशेष सावधि जमा खाते में अधिकतम 2,99,99,999 रुपये तक की राशि निवेश कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए लाभ
इस सावधि जमा योजना में आयु सीमा के आधार पर मिलने वाले रिटर्न में अंतर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। जिन ग्राहकों की आयु 59 वर्ष तक है, उन्हें 211 दिन की अवधि पर 5.90 प्रतिशत की दर से लाभ मिलता है। वहीं जिन जमाकर्ताओं की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, उनके लिए यह दर बढ़ाकर 6.40 प्रतिशत कर दी जाती है। इसके अलावा जिन निवेशकों की उम्र 80 वर्ष या उससे भी अधिक हो चुकी है, उन्हें इसी 211 दिन की एफडी पर सबसे अधिक यानी 6.50 प्रतिशत का रिटर्न प्रदान किया जाता है। बैंक आमतौर पर सामान्य नागरिकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 प्रतिशत अधिक फायदा देता है और 80 वर्ष से ऊपर के लोगों को अतिरिक्त 0.10 प्रतिशत की बढ़त दी जाती है।
ब्याज दरों में संशोधन की पिछली स्थिति
देश के इस सबसे बड़े सरकारी बैंक ने अपनी सावधि जमा योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बार पिछले साल दिसंबर के महीने में बदलाव किया था। उस संशोधन के बाद से लेकर अब तक बैंक की तरफ से एफडी दरों में किसी तरह का नया फेरबदल नहीं किया गया है। निवेशक मौजूदा तय दरों के आधार पर ही अपनी जमा योजनाएं संचालित कर रहे हैं।



















