भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है जो अपने खाताधारकों को विभिन्न अवधियों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर आकर्षक रिटर्न प्रदान करता है। इस निवेश योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें एक निश्चित अवधि के लिए पूंजी सुरक्षित रखी जाती है और समय पूरा होने पर मूलधन के साथ ब्याज का भुगतान किया जाता है। बैंक की ओर से मिलने वाली ब्याज दरों में सामान्य नागरिकों और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं ताकि हर वर्ग को वित्तीय लाभ मिल सके।
छह महीने की सावधि जमा पर मिलने वाली ब्याज दरें
जो ग्राहक भारतीय स्टेट बैंक में छह महीने की अवधि के लिए निवेश करने का मन बना रहे हैं, उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि बैंक इस टेन्योर पर कितना ब्याज दे रहा है। बैंक की वर्तमान संरचना के अनुसार 59 वर्ष तक की आयु के सामान्य ग्राहकों को छह महीने की इस एफडी पर 5.65 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है। इसके विपरीत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.15 प्रतिशत तय की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि बुजुर्ग निवेशकों को आम ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के सुपर सीनियर सिटीजन निवेशकों को छह महीने की इस अवधि पर 6.25 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज दिया जा रहा है, जिससे उन्हें सबसे ज्यादा रिटर्न मिलता है।
तीन करोड़ रुपये तक की जमा पर लागू हैं नियम
यह बात ध्यान में रखना आवश्यक है कि बैंक की तरफ से घोषित की गई ये सभी ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ही लागू होती हैं। चूंकि बैंक आर्थिक परिस्थितियों और बाजार की जरूरतों के अनुसार समय-समय पर अपनी दरों में संशोधन करते रहते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले आधिकारिक पोर्टल या शाखा से मौजूदा नियमों और दरों की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहिए।
ब्याज दरों में आखिरी संशोधन कब किया गया था
भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में आखिरी बार दिसंबर 2025 के दौरान बदलाव किया था। उस संशोधन के बाद से बैंक ने ब्याज दरों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है, जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से ये दरें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। चूंकि मौद्रिक नीतियां और बैंक के आंतरिक फैसले समय के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पैसे को लॉक करने से पहले सभी अवधियों के विकल्पों की तुलना जरूर कर लें।
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