भारतीय स्टेट बैंक ने कम अवधि में बेहतर रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए एक विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट योजना अमृत वृष्टि पेश की है। यह विशेष एफडी योजना 444 दिनों यानी लगभग 15 महीने की समयावधि के लिए उपलब्ध कराई गई है। इस योजना के तहत बैंक सामान्य निवेशकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को नियमित फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में अधिक ब्याज दरें प्रदान कर रहा है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है, जबकि अधिकतम निवेश की सीमा 3 करोड़ रुपये तक तय की गई है। यह योजना भारतीय निवासियों, वरिष्ठ नागरिकों, अति वरिष्ठ नागरिकों, अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और अपनी मौजूदा एफडी का नवीनीकरण कराने वाले खाताधारकों के लिए पूरी तरह से खुली है।
अमृत वृष्टि योजना की मुख्य विशेषताएं और निवेश सीमाएं
एसबीआई की अमृत वृष्टि योजना को आम निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस योजना की परिपक्वता अवधि ठीक 444 दिन रखी गई है। इसमें न्यूनतम जमा राशि 1,000 रुपये होने के कारण यह छोटे बचतकर्ताओं के लिए भी एक सुलभ विकल्प बनती है। वहीं दूसरी ओर, बड़ी पूंजी लगाने वाले निवेशक इसमें 3 करोड़ रुपये तक की राशि जमा कर सकते हैं। इस एफडी योजना में ब्याज भुगतान के कई विकल्प दिए गए हैं। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, त्रैमासिक, छमाही या वार्षिक आधार पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं, जो सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट के मानक पैटर्न के अनुरूप है।
विभिन्न आयु वर्गों के लिए ब्याज दरों का पूरा ब्योरा
अमृत वृष्टि एफडी योजना के अंतर्गत अलग-अलग आयु वर्ग के निवेशकों के लिए आकर्षक ब्याज दरें तय की गई हैं। सामान्य श्रेणी के निवेशकों के लिए एसबीआई इस 444 दिनों की योजना पर 6.45% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर और भी अधिक लाभप्रद है। 60 वर्ष से 80 वर्ष के बीच की आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% की दर से ब्याज मिलता है। वहीं, 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले अति वरिष्ठ नागरिकों को बैंक 7.05% प्रति वर्ष का उच्चतम ब्याज रिटर्न प्रदान कर रहा है।
नियमित एफडी की तुलना में अमृत वृष्टि का प्रदर्शन
यदि एसबीआई की नियमित फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं से इसकी तुलना की जाए, तो अमृत वृष्टि का 15 महीने का कार्यकाल अधिक रिटर्न देता है। सामान्य एफडी में 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम की अवधि पर बैंक सामान्य नागरिकों को 6.25% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.75% ब्याज देता है। इसकी तुलना में अमृत वृष्टि योजना 444 दिनों में सामान्य श्रेणी को 6.45% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% का रिटर्न देती है। नियमित एफडी में सामान्य श्रेणी के लिए 6.45% का उच्चतम ब्याज पाने के लिए 2 वर्ष से लेकर 3 वर्ष से कम की अवधि तक पैसा जमा रखना पड़ता है। इसी तरह वरिष्ठ नागरिकों को नियमित एफडी में 7.05% की उच्चतम दर प्राप्त करने के लिए 5 वर्ष से 10 वर्ष तक की लंबी अवधि के लिए निवेश करना पड़ता है। इस प्रकार अमृत वृष्टि योजना कम समय में ही अधिकतम ब्याज दर पाने का अवसर देती है।
ब्याज की चक्रवृद्धि गणना और परिपक्वता मूल्य
बैंक के कैलकुलेटर के अनुसार, अमृत वृष्टि योजना में ब्याज की गणना त्रैमासिक चक्रवृद्धि आधार पर की जाती है। बैंक द्वारा प्रदान किए गए मैच्योरिटी कैलकुलेटर केवल सामान्य योजना और अनुमान लगाने के लिए सहायक उपकरण के रूप में काम करते हैं। इनमें दर्शाए गए ब्याज और परिपक्वता मूल्य सांकेतिक होते हैं। जमाकर्ता को मिलने वाला वास्तविक परिपक्वता मूल्य वही होगा जो बैंक द्वारा जारी की जाने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद पर मुद्रित होता है।
समय पूर्व निकासी के नियम और जुर्माना दरें
एसबीआई ने इस विशेष एफडी योजना में समयावधि पूरी होने से पहले राशि निकालने पर पेनल्टी का प्रावधान भी रखा है। यदि आपकी मूल राशि 5 लाख रुपये तक है और आप अवधि पूरी होने से पहले एफडी बंद करते हैं, तो निकाली गई राशि पर 0.50% का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि एफडी की राशि 5 लाख रुपये से अधिक है, तो समय पूर्व निकासी पर जुर्माने की दर बढ़कर 1.00% हो जाती है।
कर नियम: टीडीएस कटौती, फॉर्म 121 और रिफंड क्लेम
फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली ब्याज आय कर योग्य होती है। यदि निवेशक ने बैंक में अपना पैन नंबर सत्यापित कराया है, तो एफडी के ब्याज पर 10% की दर से टीडीएस काटा जाता है। यदि बैंक खाते से पैन नंबर लिंक या सत्यापित नहीं है, तो टीडीएस की दर दोगुनी यानी 20% हो जाती है। हालांकि, जिन निवेशकों की कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, वे बैंक में फॉर्म 121 जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं। यदि कोई निवेशक फॉर्म 121 जमा करना भूल जाता है और टीडीएस कट जाता है, लेकिन उसकी कुल वार्षिक आय कर सीमा के भीतर है, तो वह आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करके काटे गए टीडीएस के रिफंड का दावा कर सकता है।



















