नागालैंड के नोक्लाक जिला प्रशासन ने न्यू पांगशा गांव को अफ्रीकन स्वाइन फीवर यानी एएसएफ से प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है। यह कदम प्रयोगशाला जांच में इस खतरनाक बीमारी की पुष्टि होने के बाद उठाया गया है, जिसके चलते इलाके में सख्त रोकथाम के नियमों को लागू कर दिया गया है।
संक्रमण की पुष्टि और परीक्षण
नोक्लाक के उपायुक्त पी मोनो खियाम्नियुंगन की ओर से जारी एक आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि न्यू पांगशा गांव से लिए गए ऊतक के नमूने गुवाहाटी के खानापारा स्थित एनिमल हेल्थ सेंटर, एनईआरडीडीएल में जांच के दौरान अफ्रीकन स्वाइन फीवर से संक्रमित पाए गए।
यह पुष्टि नोक्लाक के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय की एक रिपोर्ट के बाद सामने आई है। इस रिपोर्ट में गांव और उसके आसपास के इलाकों में कई सूअरों की अचानक मौत होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था।
असंक्रमित क्षेत्रों का निर्धारण और प्रतिबंध
प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों को प्रभावित करने वाली एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिस पर तुरंत काबू पाना बेहद जरूरी था। इस खतरे को देखते हुए न्यू पांगशा के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित जोन घोषित किया गया है, जबकि इसके बाहर के 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी जोन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
रोग की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के तहत प्रभावित क्षेत्रों के भीतर सूअरों और सूअर के मांस के वध, खरीद, बिक्री, सेवन और परिवहन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा स्थानीय निवासियों को भी यह सलाह दी गई है कि वे संक्रमित क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में पोर्क या उससे जुड़े उत्पादों को न तो खरीदें, न बेचें और न ही उनका सेवन करें।
शव निस्तारण और स्वास्थ्य दिशानिर्देश
जारी किए गए आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि मरने वाले सूअरों के शवों का निस्तारण केवल गहरे गड्ढे में दफनाकर या फिर भस्मीकरण के जरिए किया जाना चाहिए। यह पूरी प्रक्रिया तयशुदा जैव सुरक्षा और स्वच्छता प्रक्रियाओं के अनुसार ही पूरी की जानी चाहिए ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहे।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह सरकारी दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप सभी आवश्यक निगरानी, संगरोध, रोकथाम, सैनिटाइजेशन और बीमारी नियंत्रण के उपायों को तुरंत अमलीजामा पहनाए।
प्रशासनिक अपील और आगे की स्थिति
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से यह अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी सूअर में संक्रमण के लक्षण दिखाई दें या सूअरों की अचानक मौत होने की कोई बात पता चले, तो वे तुरंत इसकी सूचना अपने नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र या अस्पताल अथवा नोक्लाक के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय को दें।
अधिकारियों द्वारा इस बीमारी के प्रकोप को रोकने और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती और अगले आदेश जारी नहीं होते, तब तक ये सभी प्रतिबंध सख्ती से लागू रहेंगे।














