सोमवार, 24 अगस्त को सुगर सेक्टर के शेयरों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला, लेकिन इसके विपरीत दावणगेरे शुगर कंपनी लिमिटेड के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई और कारोबार के अंत में भाव नीचे बंद हुए। पिछले पांच वर्षों के लंबे अंतराल को देखें तो इस पैनी स्टॉक ने अपने निवेशकों को लगभग 105 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इस काउंटर पर बनी हुई है।
बीएसई पर कंपनी का शेयर भाव 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2.88 रुपये पर बंद हुआ। इस कारोबार सत्र के दौरान शेयर का मार्केट कैप 411.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दिनभर के कारोबार में इस शेयर ने ऊंचे स्तर पर 3.05 रुपये का इंट्राडे हाई छुआ, जबकि नीचे की तरफ यह 2.85 रुपये के इंट्राडे लो तक फिसला।
शेयर बाजार के जानकारों की राय
विभवंगत अनुकूलकारा प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्या के अनुसार, इस कंपनी के शेयरों की चाल मुख्य रूप से व्यापक चीनी और इथेनॉल चक्र पर निर्भर रहने वाली है। कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी की संभावनाएं चीनी की प्राप्ति दरों, गन्ने की उपलब्धता, लागत ढांचे और उसके वैल्यू-एडेड बिजनेस में सुधार जैसे कारकों से तय होंगी।
सिद्धार्थ मौर्या ने आगे कहा कि अल्पावधि में इस कंपनी के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है क्योंकि निवेशक अभी भी कंपनी की अर्निंग क्वालिटी और भविष्य के ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स का आकलन कर रहे हैं। मार्जिन में सुधार, इथेनॉल कारोबार का विस्तार या चीनी के अनुकूल बाजार माहौल मिलने पर ही स्टॉक के ट्रेंड में सुधार आ सकता है, लेकिन निवेशकों को इस कारोबार के चक्रीय स्वभाव को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
सालभर का प्रदर्शन और वित्तीय आंकड़े
सोमवार को 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद होने वाले इस शेयर ने 22 जनवरी 2026 को 5.48 रुपये का अपना 52-वीक हाई बनाया था। इसके उलट, 24 अगस्त 2026 को यह शेयर 2.85 रुपये के अपने 52-वीक लो तक लुढ़क गया। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी यानी ROE 2.38 प्रतिशत है। पिछले तीन महीनों में इस शेयर की वैल्यू में 34 प्रतिशत की गिरावट आई है और साल 2026 में अब तक यह करीब 22 प्रतिशत टूट चुका है, हालांकि दो साल की अवधि में इस स्टॉक ने लगभग 58 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 94 लाख रुपये दर्ज किया गया, जबकि इससे पिछली यानी वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में यह 195 लाख रुपये रहा था। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी Q1FY27 में कंपनी का नेट रेवेन्यू 34.72 करोड़ रुपये रहा, जो मार्च तिमाही में 83.82 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।



















