असम और मेघालय के बीच अंतरराज्यीय यातायात व्यवस्था शुक्रवार को उस समय चरमरा गई, जब जोराबाट और बर्नीहाट के बीच मुख्य मार्ग को दोनों तरफ से पूरी तरह बंद कर दिया गया। सीमा पर उपजे गंभीर तनाव को देखते हुए री भोई जिला प्रशासन के उप आयुक्त कार्यालय ने एक आपातकालीन सार्वजनिक परामर्श निर्देश जारी किया है। शिलोंग और गुवाहाटी के बीच यात्रा करने वाले नागरिकों, विशेषकर अस्पताल जाने वाले मरीजों, हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों तथा आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को हिदायत दी गई है कि वे इस प्रभावित राजमार्ग का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लें।
गुवाहाटी और शिलोंग के लिए तय किए गए वैकल्पिक मार्ग
यात्रियों की असुविधा को कम करने और जरूरी वाहनों की आवाजाही बनाए रखने के लिए री भोई जिला प्रशासन ने अलग-अलग दिशाओं के लिए स्पष्ट डायवर्जन रूट घोषित किए हैं। शिलोंग, नोंगपो और बर्नीहाट से गुवाहाटी के एलजीबीआई हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों को बर्नीहाट-पिलिंगकाटा-किलिंग मार्ग या नोंगपो-पथरखमा-रानी मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसके विपरीत, गुवाहाटी हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशन से शिलोंग की तरफ आने वाले यात्रियों को बसिष्ठ-पिलिंगकाटा-किलिंग मार्ग या रानी-पथरखमा-मैरांग मार्ग से यात्रा करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने असम और मेघालय दोनों तरफ के चालकों से अनुरोध किया है कि वे स्थिति सामान्य होने तक जोराबाट-बर्नीहाट मुख्य सड़क पर जाने से बचें। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करें और किसी भी यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों का चयन करके समय रहते अपनी तैयारी पूरी रखें ताकि आवश्यक वस्तुओं और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
सीमा पर वाहनों की रोकथाम और टैक्सी सेवाओं का निलंबन
राजमार्ग पर संकट उस समय और गहरा गया जब असम के स्थानीय परिवहन कार्यकर्ताओं और चालकों ने जोराबाट तथा समीपवर्ती खानापारा क्षेत्र में मेघालय के नंबर वाले कमर्शियल वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई के कारण सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में यात्री फंसे रह गए और गुवाहाटी-शिलोंग मार्ग पर चलने वाली टैक्सियों और व्यावसायिक गाड़ियाँ पूरी तरह ठप हो गईं।
इसी बीच मेघालय टैक्सी ड्राइवर्स एसोसिएशन ने शिलोंग और गुवाहाटी के बीच चलने वाली अपनी सभी व्यावसायिक टैक्सी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान कर दिया। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि शिलोंग में असम के पर्यटकों पर हुए हमले और हिंसा के विरोध में यह कदम उठाया गया है। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि यदि हालात को जल्द नियंत्रण में नहीं लाया गया, तो असम से मेघालय आने वाली टैक्सी सेवाओं के परिचालन पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
19 अगस्त की शिलोंग हिंसा से उपजा विवाद
दोनों राज्यों के बीच उपजे इस तनाव की शुरुआत 19 अगस्त को शिलोंग में आयोजित खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की एक बाइक रैली के दौरान हुई थी। काले झंडे लेकर निकाली गई इस बाइक रैली के दौरान असम के पंजीकरण नंबर वाले कई वाहनों पर कथित तौर पर हमले किए गए और उनमें तोड़फोड़ की गई। असम के पर्यटकों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं ने असम के ट्रांसपोर्टरों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप जोराबाट में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और प्रशासन को ट्रैफिक डायवर्जन लागू करना पड़ा।



















