भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आगामी 10 अगस्त 2026 के संदर्भ में गंभीर मौसमी परिस्थितियों का अनुमान जताया गया है, जिसके तहत देश के विस्तृत भूभाग पर मानसूनी गतिविधियां पूरे उफान पर रहेंगी। विशेष तौर पर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की वादियों तथा तराई इलाकों में बादलों के आक्रामक तेवर देखने को मिल सकते हैं। इन भौगोलिक क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक वर्षा होने की संभावना के साथ ही भूस्खलन, बाढ़ के हालात, तेज हवाओं के झोंके और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। मौसम प्रणाली के इस सक्रिय रुख के मद्देनजर शिमला, जयपुर, दिल्ली, भोपाल, देहरादून, रायपुर, लखनऊ और मंडी समेत कुल नौ राज्यों के तीस प्रमुख शहरों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां मानसूनी प्रलय का सबसे अधिक असर दर्ज किया जा सकता है।
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बादलों का डेरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे हुए इलाकों में 10 अगस्त के दिन मानसून का व्यापक प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जाएगा, जिससे लोगों को पिछले दिनों से परेशान कर रही भीषण गर्मी और उमस भरे वातावरण से खासी राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली के आसमान पर पूरे दिन घने बादलों का पहरा रहेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पड़ोसी शहर नोएडा में बादलों की लुकाछिपी के बीच रुक-रुक कर मध्यम से लेकर भारी बौछारें पड़ने के आसार हैं। गाजियाबाद प्रशासन और मौसम तंत्र ने यहां तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने तथा आकाशीय बादलों के बीच आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को लेकर आगाह किया है। इसके विपरीत, गुरुग्राम में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिसके फलस्वरूप शहर के निचले और जल निकासी की कमी वाले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की पूरी संभावना है।
राजस्थान में पूर्वी हिस्सों पर बरसेगा मानसून
राजस्थानी भूभाग पर मानसूनी हवाओं का जोर पूर्वी जिलों में विशेष रूप से देखने को मिलेगा, जहां मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर पुख्ता चेतावनी जारी की है। प्रांतीय राजधानी जयपुर में 10 अगस्त के दौरान बादलों की तेज गर्जना के साथ मध्यम से भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। कोटा और उसके आसपास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ वज्रपात होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध झीलों के शहर उदयपुर में रिमझिम फुहारों से लेकर मध्यम बारिश तक के आसार हैं, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी और मौसम सुहाना हो जाएगा। जोधपुर संभाग में भी हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश के संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते मौसम कार्यालय ने वहां के लिए पीला (येलो) अलर्ट घोषित किया है।
मध्य प्रदेश के जिलों में झमाझम का दौर
मध्य प्रदेश के तमाम जिलों में मानसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है और बादलों की सक्रियता चरम पर है। राज्य की राजधानी भोपाल में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और गरज-चमक के बीच मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। मालवा क्षेत्र के आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र इंदौर में घने बादलों के आवरण के बीच भारी बारिश और तेज रफ्तार हवाएं चलने की बात कही गई है। ग्वालियर और चंबल अंचल के इलाकों में रुक-रुक कर वर्षा का क्रम जारी रहने का अनुमान है, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी बरकरार रहेगा। जबलपुर तथा महाकौशल के विस्तृत भूभाग पर निरंतर मानसूनी पानी गिरने के कारण स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठने की आशंका है।
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आक्रामक मौसम
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में प्रकृति अपने बेहद आक्रामक तेवर दिखा सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। शिमला में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मंडी जिले के भीतर फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ और पहाड़ी से मलबा खिसकने यानी लैंडस्लाइड का गंभीर खतरा लगातार बना हुआ है। कांगड़ा घाटी में बादलों की भारी गर्जना के बीच मूसलाधार वर्षा होने तथा चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने के आसार जताए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुल्लू में लगातार हो रही भारी बारिश के परिणामस्वरुप ब्यास नदी अपने पूरे उफान पर बह सकती है, जिसके मद्देनजर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड की वादियों में कुदरत का कड़ा पहरा
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों तक कुदरत का कड़ा और सख्त पहरा देखने को मिलेगा। राज्य की प्रशासनिक राजधानी देहरादून में गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश होने को लेकर कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध पहाड़ी शहर नैनीताल में मूसलाधार बादलों के बरसने से भूस्खलन होने की आशंका जताई जा रही है। हरिद्वार के मैदानी भूभाग पर हल्की से मध्यम स्तर की बौछारें पड़ने और आसमान में आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है। पवित्र नगरी ऋषिकेश में गंगा नदी के तटीय इलाकों के समीप जलस्तर में वृद्धि हो सकती है और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में मानसूनी नमी और सुहावना मौसम
उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर मानसूनी हवाओं के प्रवेश और प्रभाव के चलते संपूर्ण वातावरण सुहावना और नमी से भरपूर रहेगा। प्रांतीय राजधानी लखनऊ के आसमान में बादलों की आवाजाही निरंतर बनी रहेगी और शहर में हल्की से लेकर मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने का आधिकारिक अलर्ट जारी किया गया है। औद्योगिक नगरी कानपुर में उमस भरे और गर्म मौसम के बीच ठंडी हवाएं चलने और मध्यम बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। ऐतिहासिक शहर वाराणसी तथा इसके आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है।
- भारत में: देश के 9 राज्यों में भारी मानसूनी बारिश के कारण यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव से सतर्क रहें।
- दिल्ली-एनसीआर में: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में गरज-चमक के साथ होने वाली बारिश से उमस से राहत मिलेगी लेकिन जलभराव से जाम की स्थिति बन सकती है।



















