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53वीं प्रगति बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की दो टूक, 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स में रफ्तार और क्वालिटी दोनों जरूरीभारत
25 अग॰ 2026, 10:48 pm (36 दिन पहले)· 3

53वीं प्रगति बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की दो टूक, 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स में रफ्तार और क्वालिटी दोनों जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता करते हुए नौ राज्यों से जुड़ी 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में गति के साथ गुणवत्ता पर जोर देने और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।

नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय 53वीं प्रगति बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण सत्र में नौ राज्यों में फैली 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की छह प्रमुख परियोजनाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। प्रशासन और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट संदेश देते हुए यह जोर दिया गया कि गति बढ़ाने की प्रक्रिया में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्र और राज्य प्रशासनों के बीच बेहतर आपसी तालमेल तथा सक्रिय कार्यसंस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। इस समीक्षा बैठक के दौरान परिवहन, ऊर्जा और कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया गया।

परियोजनाओं को समग्र रूप से देखने की सलाह

समीक्षा के दौरान बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को खंडित दृष्टिकोण से देखने के बजाय एक संपूर्ण और एकीकृत श्रृंखला के रूप में देखने का सुझाव दिया गया। सड़क, रेल और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना सुनिश्चित करने को कहा गया। विकास कार्यों के प्रत्येक चरण में लगातार सुधार प्रक्रिया जारी रखना अनिवार्य बताया गया। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। जनता को इन विकास पहियों का लाभ समय पर मिल सके, इसके लिए केंद्र तथा राज्यों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

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कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक और एआई का विस्तार

बैठक के दौरान एग्रीस्टैक की प्रगति का भी गहन मूल्यांकन किया गया। कृषि क्षेत्र में आधुनिक डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई। कृषि संबंधी आंकड़ों का सटीक विश्लेषण करके किसानों को उन्नत और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे न केवल फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट पर सख्त रुख

देशभर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों और डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। पुलिस विभागों और विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच अधिक प्रभावी समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ विशेष प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश जारी किए गए। सामान्य नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बताई गई। जब तक आम जनमानस पूरी तरह सतर्क नहीं होता, तब तक इस तरह के फर्जी और आपराधिक कृत्यों पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं हो सकता है।

सवाल-जवाब

53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता किसने की?
53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
इस बैठक में कितने राज्यों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई?
इस उच्चस्तरीय बैठक में 9 राज्यों से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
समीक्षा की गई परियोजनाओं की कुल लागत कितनी थी?
समीक्षा की गई परियोजनाओं की कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा थी।
बैठक में कृषि क्षेत्र के लिए किस डिजिटल पहल पर जोर दिया गया?
बैठक में कृषि क्षेत्र के लिए एग्रीस्टैक की प्रगति और डिजिटल तकनीक व एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
पीएम मोदी ने साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए क्या निर्देश दिए?
पीएम मोदी ने पुलिस और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, स्पेशल ट्रेनिंग और आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·36 दिन पहले

वैदिक गणितीय सिद्धांतों और आधुनिक खगोलीय गणनाओं की भांति, किसी भी विशाल अवसंरचनात्मक परियोजना में समय और गुणवत्ता का संतुलन ही उसकी सफलता निर्धारित करता है। 30 हजार करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्ट्स में 'एकीकृत श्रृंखला' का दृष्टिकोण यह सिद्ध करता है कि प्रशासन अब खंडित नीतियों से दूर हटकर समग्र विकास की ओर अग्रसर है। साइबर सुरक्षा और एग्रीस्टैक जैसे डिजिटल सुधार इस बात के परिचायक हैं कि भविष्य की नीतियां डेटा-संचालित और सुरक्षा-केंद्रित होंगी, जो राष्ट्र के दीर्घकालिक सुदृढ़ीकरण में सहायक सिद्ध होंगी।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·36 दिन पहले

अंक ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, 53 और 30 हजार जैसी संख्याओं का यह संयोजन राष्ट्र के लिए एक सुव्यवस्थित और प्रगतिशील ऊर्जा का सृजन करता है। कृषि में एआई और साइबर सुरक्षा जैसे कदम यह दर्शाते हैं कि आगामी समय में तकनीक और सुरक्षा का यह संतुलन देश की आर्थिक धुरी को और अधिक मजबूत और स्थिर बनाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·36 दिन पहले

प्रधानमंत्री की यह समीक्षा दिखाती है कि भारत में अब बुनियादी ढांचे के विकास के साथ वित्तीय अनुशासन और डिजिटल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुके हैं। 30 हजार करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्ट्स में गति और गुणवत्ता का संतुलन तथा एग्रीस्टैक जैसी पहलों में एआई का उपयोग भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घावधि विजन को मजबूत करता है। साथ ही, डिजिटल अरेस्ट और साइबर धोखाधड़ी पर सख्ती वित्तीय बाज़ारों और डिजिटल एसेट्स में निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद अहम है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·36 दिन पहले

प्रधानमंत्री की यह समीक्षा बैठक केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के दायरे से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिस प्रकार डिजिटल अरेस्ट और संगठित साइबर धोखाधड़ी जैसे अपराधों का जिक्र करते हुए पुलिस व जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और विशेष प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है, उससे साफ है कि डिजिटल युग के इन नए अपराधियों से निपटने के लिए अब जमीनी पुलिसिंग को हाई-टेक साइबर इंटेलिजेंस के साथ जोड़ना अनिवार्य हो गया है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 दिन पहले

करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह रेखांकित करना आवश्यक है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में केंद्र और राज्यों का यह एकीकृत दृष्टिकोण आपूर्ति श्रृंखला की लागत को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। जब सड़क, रेल और ऊर्जा जैसे क्षेत्र एक समन्वित श्रृंखला के रूप में समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे, तो रसद (लॉजिस्टिक्स) दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वहीं, कृषि क्षेत्र में एग्रीस्टैक और एआई का एकीकरण तथा साइबर सुरक्षा पर यह उच्चस्तरीय सख्ती यह दर्शाती है कि शासन का फोकस अब तकनीकी रूप से सुरक्षित और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर है, जो आगामी वित्तीय वर्ष में विकास दर को गति देने के लिए एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

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