एयर इंडिया के विमान AI-171 दुर्घटना की जांच को लेकर सरकार ने संसद के मानसून सत्र में महत्वपूर्ण प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की है। नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि विमान निर्माता कंपनी द्वारा कराए गए उन्नत परीक्षणों में फ्यूल कंट्रोल स्विच और उसकी लॉकिंग व्यवस्था में किसी तरह का तकनीकी दोष नहीं मिला है। इस भीषण विमान हादसे में लगभग 260 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद दुर्घटना के मूल कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न स्तरों पर जांच प्रक्रिया जारी है।
फ्यूल कंट्रोल स्विच और लॉकिंग मैकेनिज्म की गहन जांच
संसदीय कार्यवाही के दौरान मंत्री ने विमान के नियंत्रण प्रणालियों की जांच का विवरण साझा किया। मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) ने स्विच प्रणालियों का बारीकी से मूल्यांकन किया था। नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा,
"विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच की विस्तृत जांच में, जिसमें इसकी लॉकिंग डिटेंट्स की मजबूती भी शामिल थी, कोई असामान्य बात नहीं मिली है।"यह विशेष परीक्षण महानिदेशालय नागर विमानन (डीजीसीए) के निर्देशों के आधार पर आयोजित किया गया था। इस वर्ष फरवरी महीने में इस श्रेणी के विमानों की उड़ानों पर रोक लगाने के बाद निरंतर उड़ान योग्यता मानकों के तहत ये सुरक्षा जांच पूरी की गई थीं।
सिएटल में थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की जांच जारी
स्विच की जांच में कोई खराबी न मिलने के बावजूद जांच दल विमान के अन्य हिस्सों की तकनीकी समीक्षा कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिएटल स्थित ओईएम सुविधा केंद्र में पूरे थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की विस्तृत और उन्नत जांच अभी प्रक्रियाधीन है। दुर्घटना की जांच कर रहे विशेषज्ञ और एजेंसियां सिएटल केंद्र से आने वाली विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही हैं, जिससे उड़ान के दौरान थ्रस्ट रिस्पॉन्स का सटीक आंकलन किया जा सके।
एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट और समयसीमा पर स्थिति
दुर्घटना रिपोर्ट में हो रहे समय को लेकर सरकार ने स्थिति साफ की है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की तरफ से कोई विलंब नहीं हुआ है। बड़े और जटिल विमान हादसों की पड़ताल किसी निश्चित समयसीमा में सीमित नहीं होती, बल्कि नए तकनीकी साक्ष्यों के मिलने के साथ जांच आगे बढ़ती है। दुर्घटना में योगदान देने वाले सभी संभावित तकनीकी, मौसमी और परिचालन कारकों की गहन समीक्षा की जा रही है। जांच प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है और काम पूरा होते ही एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट को आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा।



















