नागालैंड के टुएनसांग जिले में पिछले तीन दिनों के भीतर कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं. इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद राज्य पुलिस विभाग ने एक रेड अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी अनधिकृत या अवैध स्रोत से खरीदी गई शराब का सेवन बिल्कुल न करें.
मौत के आंकड़े और गंभीर लक्षण
नागालैंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) रुपिन शर्मा द्वारा 12 सितंबर को सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इनमें से दो मौतें टुएनसांग के सिविल अस्पताल में दर्ज की गई थीं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जहरीली शराब का सेवन करने के बाद पीड़ितों में कई गंभीर लक्षण दिखाई दिए थे. इनमें मुख्य रूप से सांस लेने में तकलीफ होना, आंखों के सामने धुंधलापन आना, सिर में तेज दर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना और उल्टी होना शामिल था. हालांकि मौतों के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती जांच के संकेत बताते हैं कि बीमार पड़ने से पहले इन सभी लोगों ने शराब का सेवन किया था.
फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम की चुनौतियां
मामले की गहराई से जांच करने और शराब की प्रकृति का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक और फोरेंसिक टेस्ट किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद पीड़ितों को सांस लेने में भारी कठिनाई हुई और उसके बाद उनकी जान चली गई. इस जांच में पुलिस के सामने एक बड़ी बाधा यह आई कि अधिकांश मामलों में शवों का पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जब तक पुलिस को इन संदिग्ध मौतों के पैटर्न का पता चलता, तब तक परिजन अंतिम संस्कार के लिए शवों को अपने साथ ले जा चुके थे. अब टुएनसांग पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह शराब कहां से आई थी, क्या इसमें मिलावट की गई थी और किन परिस्थितियों में ये मौतें हुईं. अधिकारी इस बात की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि इसके निर्माण, बिक्री या वितरण के लिए कौन से लोग जिम्मेदार थे.
विभिन्न जिलों के लिए पुलिस की एडवाइजरी
हालात की गंभीरता को देखते हुए DGP रुपिन शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल शराब के सेवन से पूरी तरह दूर रहें. उन्होंने विशेष रूप से मोन, मोकोकचुंग, टुएनसांग, लोंगलेंग, किफिरे, शामतोर और नोकलाक जिलों के निवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने और शराब का सेवन न करने की सलाह दी है. इसके साथ ही, उन्होंने राज्य के अन्य जिलों के लोगों से भी अपील की है कि जब तक इस पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक वे शराब पीने से परहेज करें.
अवैध ठिकानों पर छापेमारी और जब्ती
इस बीच, पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब की बिक्री और निर्माण पर लगाम लगाने के लिए टुएनसांग शहर और चेंडांग सैडल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान और छापेमारी शुरू कर दी है. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों से इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) की लगभग 470 बोतलें और बीयर के केन जब्त किए हैं. पुलिस अधिकारी आबकारी विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की गहन जांच कर रहे हैं और तत्काल प्रवर्तन उपाय कर रहे हैं. इसके साथ ही पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री की कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें.



















