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अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य से जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का मार्ग बदला, अक्टूबर में कई फेरे निरस्तभारत
19 सित॰ 2026, 7:53 pm (5 दिन पहले)· 1

अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य से जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का मार्ग बदला, अक्टूबर में कई फेरे निरस्त

उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल पर ट्रैक दोहरीकरण के कारण जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस सितंबर से अक्टूबर तक बदले मार्ग से चलेगी, जबकि अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते में 11 फेरे पूरी तरह रद्द रहेंगे।

राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में स्थित अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर रेल पटरियों के पैच दोहरीकरण का बुनियादी ढांचा कार्य शुरू किया जा रहा है। इस तकनीकी निर्माण और ट्रैक विस्तार के चलते जोधपुर-इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में व्यापक रूप से प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए ट्रेन को परिवर्तित मार्ग से चलाने और कुछ तारीखों पर इसके फेरे पूरी तरह निरस्त करने का निर्णय लिया है।

ट्रैक दोहरीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य की योजना

अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर झारवासा, बांदनवाड़ा और सिंगावल रेलवे स्टेशनों के मध्य पैच दोहरीकरण का काम तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाना है। संरक्षा और सिग्नल प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यहां प्री-नॉन इंटरलॉकिंग, मुख्य नॉन इंटरलॉकिंग और उसके बाद पोस्ट-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य चरणबद्ध तरीके से संपन्न किए जाएंगे। इस बड़े इंजीनियरिंग ब्लॉक के कारण नियमित ट्रेनों का आवागमन पुराने ट्रैक पर पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रखना संभव नहीं है, जिस वजह से इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है।

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16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक परिवर्तित मार्ग से संचालन

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने परिचालन में किए गए बदलावों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया है। उनके अनुसार, ट्रेन संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस 16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक अपने कुल 18 फेरों के दौरान नियमित मार्ग से नहीं चलेगी। यह गाड़ी अपने सामान्य रूट मारवाड़ जंक्शन-चित्तौड़गढ़-रतलाम के बजाय मारवाड़ जंक्शन-अजमेर-जयपुर-सवाई माधोपुर-रतलाम के रास्ते चलाई जाएगी। मार्ग परिवर्तन के दौरान यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए रेलवे ने कुछ वैकल्पिक स्टॉपेज निर्धारित किए हैं। यह ट्रेन परिवर्तित रूट पर किशनगढ़, जयपुर, दुर्गापुरा, वनस्थली निवाई, सवाई माधोपुर, कोटा और नागदा स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस डायवर्जन के कारण ट्रेन के समय और गंतव्य तक पहुंचने की अवधि में बदलाव देखने को मिल सकता है।

अक्टूबर के पहले पखवाड़े में 11 फेरे रहेंगे पूरी तरह रद्द

ट्रैक पर अंतिम चरण के नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य को गति देने के लिए दोनों दिशाओं में चलने वाली इस ट्रेन के कुल 11 फेरे पूरी तरह निरस्त रखने का फैसला भी लिया गया है। हितेश यादव के मुताबिक, ट्रेन संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अपने पांच फेरों के लिए रद्द रहेगी। वहीं दूसरी ओर से आने वाली ट्रेन संख्या 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस का संचालन 4 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक छह फेरों के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा। जिन यात्रियों ने इन तारीखों पर पूर्व में आरक्षण करा रखा है, उन्हें अपनी यात्रा में बड़ा फेरबदल करना पड़ सकता है।

यात्रियों के लिए रेलवे की जरूरी सलाह

रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग पर यात्रा करने की योजना बना रहे सभी नागरिकों से विशेष अपील की है। बदले हुए मार्ग और अतिरिक्त ठहराव वाले स्टेशनों के कारण यात्रा का समय सामान्य दिनों से भिन्न हो सकता है, इसलिए घर से निकलने से पहले ट्रेन की मौजूदा परिचालन स्थिति और नए ठहरावों की जांच कर लेना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, जो यात्री 4 से 9 अक्टूबर के बीच यात्रा करने वाले थे, वे अपने टिकट और ट्रेन की स्थिति की पुनः पुष्टि करने के पश्चात ही आगे का सफर तय करें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित असुविधा से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का मार्ग किस कारण बदला गया है?
उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर झारवासा, बांदनवाड़ा और सिंगावल के बीच पैच दोहरीकरण तथा नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण मार्ग बदला गया है।
ट्रेन संख्या 14801 कितने दिनों तक और किस नए मार्ग से चलेगी?
यह ट्रेन 16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक 18 फेरों के लिए मारवाड़ जंक्शन-अजमेर-जयपुर-सवाई माधोपुर-रतलाम के रास्ते चलाई जाएगी।
बदले हुए मार्ग पर ट्रेन को कौन-से नए ठहराव दिए गए हैं?
डायवर्टेड रूट पर यह गाड़ी किशनगढ़, जयपुर, दुर्गापुरा, वनस्थली निवाई, सवाई माधोपुर, कोटा और नागदा स्टेशनों पर रुकेगी।
अक्टूबर के महीने में कौन-से फेरे और कब से कब तक रद्द रहेंगे?
ट्रेन 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस 4 से 8 अक्टूबर तक 5 ट्रिप और ट्रेन 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस 4 से 9 अक्टूबर तक 6 ट्रिप रद्द रहेगी।
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टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·5 दिन पहले

अजमेर-चंदेरिया रेलखंड के दोहरीकरण से जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तन और 11 फेरे रद्द होने का असर सिर्फ यात्रा समय पर नहीं, बल्कि त्योहारी सीजन की छुट्टियों में घूमने की योजना बना रहे कपल्स और परिवारों की प्लानिंग पर भी पड़ेगा। इस बड़े बदलाव के चलते यात्रियों को समय रहते अपने प्लान रीशेड्यूल करने होंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर चल रहे इस ट्रैक दोहरीकरण और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से स्पष्ट है कि रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है। हालांकि इससे जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तन और अक्टूबर में 11 फेरे रद्द होने से यात्रियों को तत्काल असुविधा होगी और यात्रा समय बढ़ेगा, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह विस्तार इस व्यस्त मार्ग पर कैपेसिटी बढ़ाने, ट्रेन संचालन की गति तेज करने और भविष्य में माल ढुलाई तथा यात्री यातायात दोनों के लिए आर्थिक दक्षता में सुधार लाने में मददगार साबित होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

अजमेर-चंदेरिया रेलखंड का यह बुनियादी ढांचा विकास राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम है। यद्यपि ट्रैफिक ब्लॉक और लगातार फेरे रद्द होने से त्योहारी सीजन से ठीक पहले यात्री दबाव प्रबंधन की एक बड़ी चुनौती बन गया है, तथापि सिग्नल प्रणाली का आधुनिकीकरण और प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य अंततः नेटवर्क की सुरक्षा और ट्रेन टर्नअराउंड समय को अनुकूलित करने में दीर्घकालिक नीतिगत लाभ देगा।

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर हो रहा यह बुनियादी ढांचा विकास भविष्य की रेल सुरक्षा और गतिशीलता के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन त्योहारी सीजन के नजदीक आने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। लंबी दूरी की इस जोधपुर-इंदौर सेवा के डायवर्जन और फेरे रद्द होने से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच व्यापारिक व पारिवारिक आवागमन पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रिफंड प्रक्रिया और वैकल्पिक यात्रा साधनों की जानकारी समय पर यात्रियों तक पहुँचे, ताकि अंतिम समय में होने वाली अव्यवस्था से बचा जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

अपराध और कानून-व्यवस्था के बीट पर काम करते हुए यह समझना आवश्यक है कि जब भी इस तरह के बड़े तकनीकी या इंजीनियरिंग ब्लॉक लिए जाते हैं, तो भीड़ प्रबंधन और स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में जब फेरे पूरी तरह रद्द रहेंगे और त्योहारी सीजन नजदीक होगा, तब रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे संवेदनशील समय में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्यिक विभाग को आपसी समन्वय के साथ अतिरिक्त बल तैनात करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या या भगदड़ जैसी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और यात्रियों की भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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