पंजाब पुलिस ने अमृतसर में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। कमिश्नरेट पुलिस ने एक 24 साल के युवक को हैंड ग्रेनेड, 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलरों के लगातार संपर्क में था और उसे पुलिस स्टेशनों समेत भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाने के निर्देश मिले थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर वक्त पर कार्रवाई न होती तो शहर में बड़ी वारदात हो सकती थी।
खुफिया जानकारी पर हुई कार्रवाई
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, पुलिस को आरोपी को लेकर पहले से पुख्ता खुफिया इनपुट मिल चुका था। इसी जानकारी के आधार पर एक स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें आरोपी को दबोच लिया गया। पुलिस टीमों ने काफी दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद सही मौके पर उसे घेरकर गिरफ्तार किया, ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे।
कौन है गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार युवक की पहचान सुमित कुमार उर्फ पंडित (24) के रूप में की है। वह मूल रूप से रूपनगर जिले के गांव सुखसाल का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल अमृतसर के पंडोरी वड़ैच इलाके में रह रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड, 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
इंस्टाग्राम के जरिए बना था सीमापार का संपर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए सीमा पार बैठे आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में आया था। इसी प्लेटफॉर्म के जरिए उसे आगे की योजना और निर्देश भेजे जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और खासतौर पर पुलिस ठिकानों तथा भीड़भाड़ वाले बाजारों जैसी सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाने के लिए कहा गया था। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि सीमा पार बैठे लोग किस तरह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर स्थानीय युवाओं को बरगला रहे हैं।
डीजीपी गौरव यादव बोले, नेटवर्क खंगाला जा रहा है
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, साथ ही सीमा पार से हथियार और निर्देश किस तरह भेजे जा रहे थे, इसकी भी तह तक जाने की कोशिश हो रही है।
पूछताछ में मिली एक और ग्रेनेड की जानकारी
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम जानकारियां पुलिस को दीं। उसके इसी खुलासे के आधार पर पुलिस ने एक और हैंड ग्रेनेड बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, इस दूसरी बरामदगी से यह साबित होता है कि आरोपी का सीमा पार के नेटवर्क और उसके हैंडलरों से गहरा जुड़ाव था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुमित कुमार पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने संपर्कों और अन्य साथियों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ और कौन-कौन इस साजिश में शामिल था।
शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम में दर्ज हुआ केस
इस मामले में अमृतसर के कैंट थाने में शस्त्र अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस और विस्फोटक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।











