देशभर में गणेश चतुर्थी के दस दिवसीय महापर्व का उल्लास अपने चरम पर है और श्रद्धालु अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर भगवान गणपति को विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं। महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में विसर्जन शोभायात्राओं को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। भारी जनसैलाब, भव्य शोभायात्राओं और कानून व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से तेलंगाना प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के हैदराबाद, सिकंदराबाद, रंगारेड्डी और मेडचल-मलकजगिरी जिलों में 25 सितंबर को सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों एवं कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है।
यातायात नियंत्रण और वैकल्पिक कार्यदिवस का ऐलान
प्रतिमा विसर्जन के दौरान निकलने वाले विशाल जुलूसों की वजह से महानगरों में भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासनिक मशीनरी ने विशेष योजना तैयार की है। तेलंगाना के मुख्य सचिव की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक, यह स्थानीय अवकाश मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में प्रभावी रहेगा जो विसर्जन के प्रमुख रूट के अंतर्गत आते हैं। हैदराबाद, सिकंदराबाद, रंगारेड्डी और मेडचल-मलकजगिरी जिलों के तमाम स्कूल, कॉलेज और सरकारी विभाग बंद रहेंगे।
छात्रों की पढ़ाई और दफ्तरों के प्रशासनिक कामकाज की भरपाई के लिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी निर्धारित की है। 25 सितंबर को दिए गए इस सार्वजनिक अवकाश की पूर्ति के लिए 14 नवंबर 2026 को कार्यदिवस के रूप में संचालित किया जाएगा। गौरतलब है कि 14 नवंबर 2026 महीने का दूसरा शनिवार है, जिसे आमतौर पर अवकाश माना जाता है, परंतु इस दिन सभी सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान सामान्य दिनों की तरह खुलेंगे।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और मदिरा बिक्री पर पूर्ण पाबंदी
शोभायात्राओं के शांतिपूर्ण संचालन और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अकेले हैदराबाद में ही करीब 20,000 से 30,000 पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया है। संवेदनशील इलाकों और विसर्जन मार्गों पर नजर रखने के लिए हजारों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लाइव निगरानी की जा रही है।
शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस कमिश्नरेट ने कई कड़े प्रतिबंध भी लागू किए हैं। विसर्जन जुलूस के दौरान सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए तय किए गए क्षेत्रों में शराब की दुकानों, बार और ताड़ी की दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मौसम का रुख और अन्य राज्यों में स्कूलों की स्थिति
सितंबर के अंत में आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में बने डीप डिप्रेशन के चलते कई राज्यों में मौसम प्रतिकूल बना हुआ है। इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, जलभराव, यातायात अवरोध और अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। हालांकि केंद्र स्तर पर देशव्यापी अवकाश का कोई आदेश नहीं है, लेकिन जिलाधिकारियों और स्थानीय प्रशासनों को यह अधिकार दिया गया है कि वे गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए अपने जिलों में स्कूलों के संचालन अथवा छुट्टी पर स्वतंत्र निर्णय लें।
वहीं, दूसरी ओर महाराष्ट्र में भी बप्पा के विसर्जन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। विसर्जन के विशाल आयोजनों और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुंबई और पुणे समेत राज्य के कई प्रमुख शहरों में 25 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
























