लाइकिन रिव्यू (2026): एक मशरूम गार्डन जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा दिखता हैकिया努 रीव्स बने नेटफ्लिक्स की एक्शन थ्रिलर 'मेलस्ट्रॉम' का हिस्सा, एलन रिचसन की जगह संभालेंगे कमानअलीबाबा के नए ओपन एआई मॉडल ने बीजिंग के सर्वर पर डेटा भेजने की कोशिश की, सुरक्षा जांच में हुआ खुलासागूगल क्रोम के 353 सुरक्षा दोष दूर, डेस्कटॉप यूज़र्स को तुरंत नया वर्ज़न इंस्टॉल करने की सलाहजालंधर की गलियों से मायानगरी तक का सफर, चाय बेचने और थप्पड़ खाने से लेकर टीवी के कॉमेडी सम्राट बनने की कहानीनाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तरणजी ट्रॉफी 2026-27: दूसरे दिन का खेल शुरू, दिल्ली और मुंबई की नजरें बड़े स्कोर परहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीब्राजील का रहस्यमयी स्नेक आइलैंड, जहां कदम रखते ही इंसान की जिंदगी पर मंडराता है गंभीर खतरा
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने युवाओं को दी नेतृत्व और संवाद की सीखअरुणाचल प्रदेश
26 अक्तू॰ 2026, 10:53 am (1 दिन पहले)· 0

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने युवाओं को दी नेतृत्व और संवाद की सीख

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परणैके ने ईटानगर में युवा नेतृत्व शिविर के दौरान विद्यार्थियों से संवाद कौशल, सत्यनिष्ठा और अनुशासन को अपनाने का आह्वान किया।

ईटानगर में एक युवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परणैके ने कहा कि बेहतर नेतृत्व क्षमता के लिए विद्यार्थियों को संवाद कौशल, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और समस्याओं को सुलझाने की कला विकसित करनी चाहिए। राजभवन से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने पापुम पारे जिले के बालिजान में आयोजित एक राज्य स्तरीय युवा नेतृत्व शिविर में यह बात कही।

चार दिवसीय युवा शिविर की रूपरेखा

यह चार दिवसीय शिविर 'स्प्रेड योर विंग्स' नाम से 22 अक्टूबर को बालिजान के विवेकानंद केंद्र विद्यालय में शुरू हुआ था। इस आयोजन की जिम्मेदारी विवेकानंद केंद्र विद्यालय अरुणाचल प्रदेश ट्रस्ट ने उठाई थी, जिसके तहत राज्य भर के विभिन्न विद्यालयों से कुल 145 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

ये भी पढ़ें

पढ़ने-लिखने की आदत और मानसिक संतुलन

विद्यार्थियों से संवाद करते हुए राज्यपाल ने नियमित तौर पर पढ़ने और लिखने की आदत डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन आदतों से ज्ञान का दायरा बढ़ता है, शब्दावली सुधरती है और विचारों को आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, उन्होंने युवाओं को तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शांत रहने और अपने लक्ष्यों पर डटे रहने की नसीहत दी।

समस्या समाधान और सत्यनिष्ठा का महत्व

नेतृत्व में समस्या निवारण की भूमिका पर जोर देते हुए राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाने और समय पर सही निर्णय लेने की जरूरत बताई। परणैके ने सत्यनिष्ठा, विश्वास, विनम्रता, साहस और प्रतिबद्धता जैसे मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेतृत्व का आधार विशेषाधिकारों का उपभोग नहीं बल्कि जिम्मेदारी और सेवाभाव होना चाहिए।

राष्ट्र निर्माण और प्रेरणा

राज्यपाल ने युवाओं को अपनी बुद्धिमत्ता के साथ अपने जुनून को भी आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। 'लव इंडिया' थीम पर आधारित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं की क्षमताओं को निखारना और उन्हें राष्ट्र कल्याण के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर उन्होंने विवेकानंद केंद्र को युवाओं की आकांक्षाओं को सही दिशा देने वाला एक बेहतरीन मंच बताया।

अन्य प्रमुख गतिविधियां

इस कार्यक्रम से इतर, राज्य में अन्य सकारात्मक पहल भी की जा रही हैं। इस सिलसिले में भारतीय सेना और रन मॉंक्स ने अरुणाचल में अपनी तरह की पहली 'मेनचुका वेलोर रन' का आयोजन किया था। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि रिपोर्टों में यह चेतावनी दी गई है कि चीन अरुणाचल प्रदेश से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास तिब्बतियों को फिर से बसा रहा है।

सवाल-जवाब

यह युवा नेतृत्व शिविर कहाँ आयोजित किया गया था?
यह शिविर पापुम पारे जिले के बालिजान में स्थित विवेकानंद केंद्र विद्यालय में आयोजित किया गया था।
इस शिविर का नाम क्या था?
इस चार दिवसीय शिविर का नाम 'स्प्रेड योर विंग्स' था।
इस कार्यक्रम में कितने विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था?
इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से कुल 145 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस शिविर का आयोजन किसने किया था?
इसका आयोजन विवेकानंद केंद्र विद्यालय अरुणाचल प्रदेश ट्रस्ट द्वारा किया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·9 घंटे पहले

युवाओं में संवाद और मानसिक संतुलन की बात बहुत सही है, तनाव में शांत रहना ही असली नेतृत्व है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 घंटे पहले

सीमावर्ती राज्य में युवाओं के बीच नेतृत्व और अनुशासन की ऐसी बातें होना बहुत जरूरी है, खासकर जब वहां सुरक्षा और चीन की चालबाजी जैसे गंभीर भू-राजनीतिक मुद्दे लगातार बने हुए हों।

Riya Menon@riya-menon·9 घंटे पहले

अर्जुन जी, आप ठीक कह रहे हैं। पर क्या इन बच्चों के लिए कुकिंग या होम साइंस जैसे प्रैक्टिकल लाइफ स्किल्स पर भी ऐसे कैंप्स में कोई बात होती है?

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

145 बच्चों के लिए चार दिन का ऐसा कैंप वाकई बढ़िया पहल है। राज्यपाल ने जो पढ़ने-लिखने की आदत डालने की बात कही, वो आज की जेनरेशन के लिए सबसे जरूरी है, फोन से थोड़ा वक्त निकालकर किताबें उठाना ही असली सीख है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

रोहन भाई, एकदम सही कहा आपने। मैं खुद जब कॉलेज के दिनों में ऐसे ही एक यूथ कैंप में गया था, तो फोन-वोन का चक्कर नहीं था, किताबों और चर्चाओं ने ही नजरिया बदला था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp