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अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी पर अमित शाह का बड़ा बयान, राम मंदिर आंदोलन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को किया यादभारत
27 सित॰ 2026, 9:02 pm (1 दिन पहले)· 0

अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी पर अमित शाह का बड़ा बयान, राम मंदिर आंदोलन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को किया याद

दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन द्वारा अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष का भव्य उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।

भारतीय संस्कृति और राम जन्मभूमि आंदोलन को नई दिशा देने वाले विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंहल के विचार आज की पीढ़ी के लिए एक बड़ा मार्गदर्शन साबित हो सकते हैं। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके कृतित्व को याद करते हुए युवाओं से उनके संघर्षों को आत्मसात करने का आह्वान किया। यह आयोजन उनके जन्मशताब्दी वर्ष के सिलसिले में रखा गया था, जिसमें देश भर से कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।

युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बने अशोक सिंहल

राजधानी दिल्ली में आयोजित इस भव्य शताब्दी समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे अमित शाह की उपस्थिति में हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन की तरफ से संयुक्त रूप से किया गया था। इस अवसर पर उनके जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को गहराई से याद किया गया। नेताओं ने बताया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने में समर्पित कर दिया था, जिसे आज के युवाओं को जानने और समझने की आवश्यकता है।

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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राम मंदिर आंदोलन का सफर

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने उनके कार्य करने के अनूठे तरीकों और दृढ़ इच्छाशक्ति का विशेष जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके भीतर गजब की संवेदनशीलता के साथ-साथ एक अडिग संकल्प शक्ति भी मौजूद थी, जो उन्हें किसी भी कठिन परिस्थिति में पीछे हटने नहीं देती थी। वे काम की जटिलता से कभी नहीं घबराते थे, बल्कि उनका पूरा ध्यान हमेशा लक्ष्य को हासिल करने पर केंद्रित रहता था।

विभिन्न पुस्तकों और डिजिटल परियोजनाओं का लोकार्पण

इस शताब्दी समारोह के मंच से कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहलों की भी शुरुआत की गई। कार्यक्रम के दौरान ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य पदचिह्न’ नामक एक विशेष कॉफी टेबल बुक का आधिकारिक विमोचन किया गया। इसके साथ ही अयोध्या के राम वन-गमन पथ पर स्थापित किए जाने वाले ‘श्री राम स्तंभों’ का डिजिटल लोकार्पण भी संपन्न हुआ। इस मौके पर उनके जीवन संघर्ष और विहिप के इतिहास को दर्शाती एक भव्य प्रदर्शनी भी सजाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

सवाल-जवाब

अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष का उद्घाटन समारोह कहाँ आयोजित हुआ था?
यह उद्घाटन समारोह नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया था।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में किसने हिस्सा लिया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किन संगठनों ने मिलकर किया था?
इसका आयोजन विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान किस पुस्तक का विमोचन किया गया?
इस मौके पर ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य पदचिह्न’ नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ।
अयोध्या के किस मार्ग से जुड़ी परियोजना का डिजिटल लोकार्पण किया गया?
अयोध्या के राम वन-गमन पथ पर स्थापित होने वाले श्री राम स्तंभों का डिजिटल लोकार्पण किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·1 दिन पहले

भारत मंडपम में सजी वह प्रदर्शनी सचमुच देखने लायक रही होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

अशोक सिंहल जी का राम मंदिर आंदोलन में जो योगदान रहा है, उसे आज की पीढ़ी को जरूर जानना चाहिए। भारत मंडपम के कार्यक्रम में अमित शाह और दत्तात्रेय होसबाले ने उनके संघर्ष को सही मायनों में याद किया।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·1 दिन पहले

रवि जी, योगदान तो बड़ा है, पर आज के युवाओं के लिए इसे सिर्फ प्रेरणा बताना काफी नहीं है, यह तो इतिहास की एक जटिल बहस भी बन चुका है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

अशोक सिंहल जी का राम मंदिर आंदोलन में जो योगदान रहा है, उसे कोर्ट और कानून की लंबी लड़ाइयों के दौरान देश ने बहुत करीब से देखा है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

करण, बिल्कुल सही कहा आपने। पर क्या इस शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में राजनीतिक दलों के दूसरे बड़े नेताओं को भी बुलाया गया था?

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