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असमय सफेद होते बाल और दाढ़ी को लेकर कोडरमा के डॉ. प्रभात कुमार ने दी खास सलाहझारखंड
18 सित॰ 2026, 4:35 pm (7 दिन पहले)· 1

असमय सफेद होते बाल और दाढ़ी को लेकर कोडरमा के डॉ. प्रभात कुमार ने दी खास सलाह

कोडरमा के आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने कम उम्र में बाल और दाढ़ी सफेद होने के मुख्य कारणों के रूप में खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान को रेखांकित किया है। उन्होंने बाजार के भ्रामक विज्ञापनों से बचकर डॉक्टर की सलाह लेने और दिनचर्या में सुधार करने पर जोर दिया है।

आजकल किशोरों और युवाओं में समय से पहले बाल और दाढ़ी के सफेद होने की समस्या काफी तेजी से बढ़ रही है। इस समस्या से परेशान होकर युवा अक्सर बाल और दाढ़ी को दोबारा काला करने के लिए बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रकार के रसायनों, तेलों, दवाइयों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले घरेलू नुस्खों का सहारा लेने लगते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी उपचारों के पीछे भागने से पहले इस बात को गहराई से समझना बेहद जरूरी है कि आखिर यह समस्या पैदा क्यों हो रही है। बिना मूल कारण को जाने किया गया कोई भी इलाज स्थाई समाधान नहीं दे सकता।

खराब दिनचर्या और नींद की कमी का बुरा असर

कोडरमा जिले के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने इस समस्या के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि अगर हमें अपने बालों और त्वचा को स्वस्थ रखना है, तो सबसे पहले हमें अपनी जीवनशैली और खान-पान में सकारात्मक सुधार करना होगा। जब शरीर अंदर से पूरी तरह से स्वस्थ रहेगा, तभी उसका असर बाहर भी दिखाई देगा। डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, आजकल लोगों की दिनचर्या बेहद अनियमित हो चुकी है और खान-पान में संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है।

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आजकल के दौर में बड़ी संख्या में युवा देर रात तक जागते रहते हैं और फिर सुबह बहुत देर से सोकर उठते हैं। इसका एक मुख्य कारण देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल करना या अन्य कामों में व्यस्त रहना है। इस अनियंत्रित आदत की वजह से लोगों की नींद का चक्र पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सलाह दी है कि लोगों को हर दिन समय पर और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही अपनी पूरी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल सके।

खान-पान में बदलाव और हानिकारक आदतें

चिकित्सक ने सुबह उठते ही चाय, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने की आदत पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। बहुत से लोगों को सुबह जागते ही इन चीजों की लत होती है और वे इसके बिना खुद को अधूरा महसूस करते हैं। डॉ. प्रभात कुमार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की निर्भरता से हर हाल में बचना चाहिए, क्योंकि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और यह शरीर के पोषक तत्वों को नष्ट करता है। इसके बजाय सुबह की शुरुआत स्वस्थ और प्राकृतिक आदतों से की जानी चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने खान-पान में आ रहे बदलावों को भी इसका एक बड़ा कारण बताया है। आज की आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश युवा हरी पत्तेदार सब्जियों और पारंपरिक रूप से खाए जाने वाले पौष्टिक भोजन से दूरी बना रहे हैं। इसकी जगह वे अधिक तला-भुना, मसालेदार और अत्यधिक नॉनवेज भोजन पसंद कर रहे हैं। डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि शरीर को पर्याप्त पोषण देने के लिए भोजन में हरी सब्जियों, ताजे फलों और अन्य आवश्यक पौष्टिक तत्वों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए ताकि बालों की जड़ों को जरूरी पोषण मिल सके।

विज्ञापनों के झांसे में न आएं, डॉक्टरी सलाह लें

बालों को असमय सफेद होने से बचाने के लिए डॉ. प्रभात कुमार ने नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करने, संतुलित और पौष्टिक आहार लेने तथा भरपूर नींद लेने को स्वस्थ जीवनशैली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उन्होंने बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के तेलों, एंटी-ग्रेइंग शैंपू और सप्लीमेंट्स के दावों को लेकर भी युवाओं को सचेत किया है। उन्होंने कहा कि बाजार में ऐसे कई उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो आकर्षक विज्ञापनों के जरिए चमत्कारिक परिणाम देने का दावा करते हैं, लेकिन बिना सही जानकारी के इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा के बाल या दाढ़ी कम उम्र में ही बहुत तेजी से सफेद हो रहे हों, या इसके साथ ही शरीर में अन्य लक्षण या कमजोरी दिखाई दे रही हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका है। केवल एक डॉक्टर ही जांच के बाद यह बता सकता है कि शरीर में किस विटामिन या तत्व की कमी है और उसके अनुसार सही उपचार प्रदान कर सकता है।

सवाल-जवाब

कम उम्र में बाल सफेद होने का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या, देर रात तक जागना, खराब खान-पान और हरी सब्जियों की कमी है।
सुबह उठकर किन आदतों से बचना चाहिए?
सुबह उठते ही चाय, तंबाकू या अन्य हानिकारक चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
असमय सफेद बालों से बचने के लिए खान-पान में क्या बदलाव करने चाहिए?
अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और अन्य पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए।
क्या बाजार में मिलने वाले तेल और शैंपू बालों को काला करने में असरदार होते हैं?
बाजार के आकर्षक विज्ञापनों वाले उत्पादों का बिना जानकारी के इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और केवल डॉक्टर की सलाह पर ही सही इलाज लेना चाहिए।
कोडरमा के किस विशेषज्ञ ने यह सलाह दी है?
कोडरमा जिले के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने यह सलाह दी है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

कोडरमा के आयुष अधिकारी द्वारा उठाई गई यह समस्या केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज की पीढ़ी की बिगड़ती जीवनशैली और आंतरिक स्वास्थ्य के गंभीर पतन को दर्शाती है। देर रात तक जागना, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और सुबह खाली पेट तंबाकू या कैफीन का सेवन युवाओं के चयापचय और पोषण अवशोषण को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। यदि खान-पान और दिनचर्या में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो असमय सफेद होते बाल भविष्य में अन्य बड़ी स्वास्थ्य जटिलताओं और पुरानी बीमारियों का शुरुआती संकेत साबित हो सकते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

यह स्पष्ट है कि युवाओं में बढ़ती इस शारीरिक असंगति का संबंध सीधे तौर पर हमारी जीवनशैली और खान-पान के गंभीर संकट से है। जिस प्रकार से रासायनिक उत्पादों का अंधाधुंध उपयोग बढ़ रहा है, वह न केवल बाहरी रूप को प्रभावित करता है बल्कि आंतरिक व्यवस्था को भी कमजोर कर रहा है। यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह स्थिति आने वाले समय में जनस्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है, क्योंकि आंतरिक पोषण की कमी और अनियंत्रित दिनचर्या कई अन्य गंभीर शारीरिक व्याधियों को भी जन्म दे सकती है।

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