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बागपत पहुंचे जयंत चौधरी का सपा अध्यक्ष पर पलटवार, 'चवन्नी' बयान, सीट बंटवारे और चीनी की कीमतों पर अखिलेश यादव को घेराउत्तर प्रदेश
28 अग॰ 2026, 11:10 am (15 दिन पहले)· 2

बागपत पहुंचे जयंत चौधरी का सपा अध्यक्ष पर पलटवार, 'चवन्नी' बयान, सीट बंटवारे और चीनी की कीमतों पर अखिलेश यादव को घेरा

केंद्रीय राज्यमंत्री और आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बागपत के खेकड़ा में अखिलेश यादव के तंज का तीखा जवाब दिया। उन्होंने राजनीति की मर्यादा, समाज के सम्मान और चीनी के बढ़ते दामों पर विपक्ष के रवैये पर खुलकर अपनी राय रखी।

राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने बागपत दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। खेकड़ा स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में नई लाइब्रेरी का उद्घाटन करने पहुंचे जयंत चौधरी ने राजनीतिक मर्यादा, सीट बंटवारे और किसान मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के समय विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आरोप-प्रत्यारोप लगाना स्वाभाविक है, लेकिन देश और प्रदेश की जनता सब समझती है और सही समय पर अपना निर्णय देती है।

समाज और राजनीति के रिश्ते पर अखिलेश यादव को करारा जवाब

अखिलेश यादव द्वारा किए गए 'चवन्नी' वाले तंज का जवाब देते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव उन पर व्यक्तिगत रूप से जितने चाहें कटाक्ष कर सकते हैं, उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, अगर राजनीति के तहत पूरे समाज को निशाना बनाया जाएगा, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और सवाल जरूर पूछेंगे। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव काफी समय से इशारों-इशारों में उन्हें निशाना बना रहे थे, इसी वजह से उन्होंने शुरुआत में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

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जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयानों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब यह कहा जाता है कि किसी समाज को राजनीति समझ में नहीं आती, तो आखिर किस समाज की बात की जा रही है? उन्होंने एक बड़ा वैचारिक सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि क्या कोई समाजवादी पार्टी या राजनीतिक दल समाज का निर्माण करता है या फिर राजनीतिक दल खुद समाज से बनते हैं? जयंत चौधरी ने बल देकर कहा कि दुनिया का कोई भी राजनीतिक संगठन समाज की उपज होता है। किसी भी राजनीतिक दल की इतनी हैसियत या क्षमता नहीं होती कि वह पूरे समाज का निर्माण कर सके।

कार्यकर्ताओं को संयम की सलाह, सीट बंटवारे पर कसा तंज

क्षेत्र में अखिलेश यादव के पोस्टर लगाए जाने से जुड़े सवाल पर आरएलडी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ये पोस्टर किसने और क्यों लगाए हैं। इसी के साथ उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राजनीति में संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में किसी को भी शिष्टाचार और मर्यादा की लक्ष्मण रेखा नहीं लांघनी चाहिए।

एनडीए (NDA) गठबंधन में आरएलडी को अधिक सीटें मिलने पर अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर चुटकी लेते हुए जयंत चौधरी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव को आरएलडी को मिली सीटों से इतनी ही परेशानी है, तो क्या आरएलडी की पैरवी करने के लिए उन्हें ही एनडीए के पास भेज दिया जाए? इसके अलावा, यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और शीर्ष अदालत ने इस पर रोक लगाई है, जिसका पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के आदर्शों, विचारों और संस्कारों से आने वाली युवा पीढ़ी को जोड़ने पर सार्थक चर्चा हुई है।

गन्ने का नया सीजन और चीनी की कीमतों पर विपक्ष का घेराव

चीनी के बढ़ते दामों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर जयंत चौधरी ने करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गन्ने का नया पेराई सीजन जल्द ही शुरू होने वाला है। गन्ने की खेती और किसानों की दिन-रात की मेहनत से होने वाली कमाई ने हमेशा से हर घर में मिठास घोलने का काम किया है। उन्होंने समझाया कि गन्ने के बेहतर उत्पादन और खरीद का सीधा आर्थिक लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि चीनी मिलों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों, कर्मचारियों और पूरे चीनी उद्योग को मिलता है।

जयंत चौधरी ने विपक्ष के रवैये पर दुख जताते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने या विपक्ष में बैठने के बाद भी अगर नेताओं को किसानों की मूल समस्याएं और उनकी जरूरतें समझ में नहीं आ रही हैं, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार विपक्ष का काम यह होना चाहिए था कि वह सरकार से किसानों को गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग करता, लेकिन इसके विपरीत विपक्ष रसगुल्ला महंगा होने की दुहाई देकर राजनीति कर रहा है।

सवाल-जवाब

जयंत चौधरी बागपत किस कार्यक्रम में पहुंचे थे?
जयंत चौधरी बागपत के खेकड़ा स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में नई लाइब्रेरी का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले तंज पर जयंत चौधरी ने क्या कहा?
जयंत चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव उन पर जितने चाहें तंज कसें, लेकिन अगर पूरे समाज को निशाना बनाया जाएगा तो वे सवाल जरूर पूछेंगे।
एनडीए में आरएलडी के सीट बंटवारे पर जयंत चौधरी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
जयंत चौधरी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या आरएलडी की पैरवी करने के लिए अखिलेश यादव को ही एनडीए के पास भेज दिया जाए।
यूजीसी (UGC) के मुद्दे पर जयंत चौधरी ने क्या स्पष्टीकरण दिया?
जयंत चौधरी ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है और अदालत के उस आदेश का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।
चीनी के बढ़ते दामों और गन्ने के सीजन पर जयंत चौधरी का क्या रुख था?
जयंत चौधरी ने कहा कि नए पेराई सीजन से किसानों और मजदूरों को आर्थिक फायदा होगा और विपक्ष को रसगुल्ले की महंगाई के बजाय किसानों के लाभकारी मूल्य की बात करनी चाहिए।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 दिन पहले

यह बयानबाजी स्पष्ट करती है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और किसान बहुल मतदाताओं पर पकड़ मजबूत रखने के लिए आरएलडी और सपा के बीच वैचारिक और सामाजिक वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है। व्यक्तिगत कटाक्ष से बढ़कर समाज के सम्मान को ढाल बनाना यह संकेत देता है कि आने वाले स्थानीय चुनावों में ध्रुवीकरण और तीव्र होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

यह वैचारिक टकराव केवल दो दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उस चुनावी समीकरण का हिस्सा है जहाँ गन्ना किसानों के मुद्दे और सामाजिक अस्मिता सीधे तौर पर मतों को प्रभावित करते हैं। जयंत चौधरी का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे व्यक्तिगत आलोचनाओं को दरकिनार कर सामुदायिक सम्मान को अपनी रणनीति का केंद्र बना रहे हैं, जिससे आगामी राजनीतिक मैदान में क्षेत्रीय दलों के बीच गठबंधनों और समीकरणों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

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