उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बुधवार को एक बड़े कृषि केंद्र के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सपा नेताओं के भगवान श्री कृष्ण के वंशज होने के दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटबैंक खिसकने के डर से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कभी भगवान कृष्ण के दर्शन करने नहीं गए। मंत्री ने कहा कि अपने पूर्वजों का सम्मान न करने वाले लोग अब चुनावी लाभ के लिए धार्मिक दावों का सहारा ले रहे हैं।
शिवपाल यादव के दावे पर पलटवार और छुआछूत का आरोप
हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने बयान दिया था कि उनका परिवार भगवान कृष्ण का वंशज है और इस बार भगवान कृष्ण ही उनकी चुनावी नैया पार लगाएंगे। इस बयान पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि यदि सपा नेता खुद को यदुवंशी मानते हैं, तो वे आज तक मंदिर दर्शन करने क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व को लगता है कि मंदिर जाने से उनका मुस्लिम मतदाता वर्ग उनसे नाराज हो जाएगा। मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, "दर्शन करने चले जाएंगे तो मुसलमान मतदाता रूठ जाएगा।" उन्होंने सपा की इस सोच को राजनीतिक छुआछूत करार दिया।
पीलीभीत में देश के दूसरे बासमती और पहले जैविक केंद्र की सौगात
राजनीतिक बयानों के बीच पीलीभीत में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र का औपचारिक शिलान्यास संपन्न हुआ। यह शिलान्यास उत्तर प्रदेश के कैबिनेट कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह संस्थान देश का दूसरा बासमती चावल प्रशिक्षण केंद्र है, जबकि जैविक खेती के मामले में यह भारत का पहला समर्पित प्रशिक्षण केंद्र बन गया है। इस केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक और रासायनिक-मुक्त खेती की नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य और सपा शासन पर आरोप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि देश का विकास तब तक अधूरा है जब तक उत्तर प्रदेश पूरी तरह से विकसित नहीं हो जाता, और राज्य की उन्नति का सीधा रास्ता किसानों की आर्थिक प्रगति से होकर गुजरता है। पिछली सपा सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में कृषि विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। शाही के अनुसार, सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों की कल्याणकारी योजनाओं के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट भी जारी नहीं किया था।
आरक्षण व्यवस्था और संवैधानिक स्थिति पर स्पष्टीकरण
कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने देश में जारी आरक्षण व्यवस्था पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का ढांचा भारत के संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत पूरी तरह से सुरक्षित है। वर्तमान सरकार संवैधानिक व्यवस्थाओं के अनुरूप ही समाज के सभी पात्र वर्गों को आरक्षण का लाभ प्रदान कर रही है, और इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार का बदलाव या अनदेखी नहीं की जा रही है।





















