बढ़ती जीवनशैली की बीमारियों और बाजार में बिकने वाली मिलावटी खाद्य सामग्रियों के बीच सेहतमंद आहार चुनना लोगों के लिए एक कठिन काम बन गया है। आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ और आहार सलाहकार खानपान में पौष्टिक मोटे अनाजों को शामिल करने की लगातार वकालत करते रहे हैं। हालांकि सामान्य बाजारों में पूरी तरह शुद्ध और रसायनमुक्त खाद्यान्न खोजना उपभोक्ताओं के लिए अक्सर पेचीदा साबित होता है। इसी समस्या के व्यावहारिक समाधान के रूप में उत्तर प्रदेश के बहराइच शहर में एक विशेष मोटा अनाज मार्ट की शुरुआत की गई है, जहाँ उपभोक्ताओं को सीधे खेतों से निकला प्रामाणिक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर हुआ शुभारंभ और किसानों को सीधे जोड़ने की व्यवस्था
इस अनूठे खाद्यान्न केंद्र का विधिवत उद्घाटन 15 तारीख को स्थानीय जिलाधिकारी द्वारा किया गया। केंद्र के संचालक मनीष कुमार शुक्ला ने इस परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस पहल का केंद्रीय मकसद क्षेत्रीय कृषकों के लिए एक समर्पित उत्पाद गैलरी तैयार करना है। इस मंच के माध्यम से किसान अपनी जैविक फसलों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे बाजार में लाकर विक्रय कर सकते हैं। उत्पादों की जैविक प्रामाणिकता और शुद्धता की पुष्टि के लिए संस्थान की अपनी तकनीकी टीम किसानों के खेतों पर व्यक्तिगत रूप से जाती है और फसलों की जैविक पद्धतियों का मौके पर निरीक्षण करती है।
पारंपरिक अनाजों की व्यापक श्रृंखला और शुद्ध देशी उत्पाद
इस केंद्र में दैनिक खानपान को पोषणयुक्त बनाने वाले लगभग सभी पारंपरिक मोटे अनाज एक ही छत के नीचे संकलित किए गए हैं। ग्राहकों के लिए यहाँ मक्के का दलिया, रागी, सांवा, कुटकी, देसी चना, साबुत हल्दी, ज्वार, बाजरा और कोदो जैसी दुर्लभ पौष्टिक फसलें पर्याप्त मात्रा में रखी गई हैं। अनाजों के अतिरिक्त दैनिक रसोई में इस्तेमाल होने वाले अन्य जरूरी उत्पाद भी पूरी शुद्धता की गारंटी के साथ पेश किए गए हैं, जिनमें शुद्ध देशी गाय का घी और पारंपरिक बैल कोल्हू विधि से तैयार किया गया शुद्ध सरसों का तेल प्रमुख रूप से शामिल हैं।
किफायती मूल्य निर्धारण और विशेष छूट की सुविधा
व्यावसायिक पैकेटबंद उत्पादों की तुलना में यहाँ की मूल्य नीति को आम नागरिकों की क्रय क्षमता के अनुकूल व्यवस्थित किया गया है। संचालक मनीष शुक्ला के अनुसार केंद्र पर उच्च गुणवत्ता वाली रागी 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है, जबकि मक्के का दलिया 100 रुपये प्रति किलोग्राम पर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को विभिन्न वस्तुओं पर 30% तक की विशेष छूट भी प्रदान की जा रही है, जिससे रासायनिक मिलावट से मुक्त यह खाद्यान्न कॉर्पोरेट ब्रांडों के महंगे पैकेटों की तुलना में काफी किफायती और सुलभ बन जाता है।
ताजा आटा तैयार करने की व्यवस्था और संचालन समय
खानपान में ज्वार, बाजरा और विभिन्न पोषक तत्वों से युक्त मिश्रित अथवा मल्टीग्रेन आटा पसंद करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यहाँ जल्द ही एक नई सेवा शुरू की जा रही है। परिसर के भीतर ही एक विशेष आटा चक्की स्थापित की जा रही है, ताकि खरीदार अपनी पसंद के मोटे अनाजों का चुनाव कर मौके पर ही उनका ताजा आटा पिसवा सकें। यह प्रतिष्ठान बहराइच स्थित किसान डिग्री कॉलेज के ठीक सामने, मौरंग की दुकान के निकट स्थित है। दैनिक खरीदारी के लिए यह केंद्र सुबह 10:00 बजे से लेकर रात्रि 9:30 बजे तक ग्राहकों की सेवा के लिए खुला रहता है।



















