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बारिश से पहले हाईवे की तैयारी पूरी रखें, नितिन गडकरी का अधिकारियों को सख्त फरमानभारत
25 जून 2026, 5:10 pm (33 दिन पहले)· 0

बारिश से पहले हाईवे की तैयारी पूरी रखें, नितिन गडकरी का अधिकारियों को सख्त फरमान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मानसून से पहले राष्ट्रीय राजमार्गों पर ड्रेनेज, ढलानों की मजबूती और रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम तैनात करने के निर्देश दिए हैं ताकि बारिश में सड़कें खराब न हों.

हर साल मानसून आते ही सड़कों के तालाब में बदल जाने की तस्वीरें सामने आती हैं. इसी परेशानी से निपटने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बारिश शुरू होने से पहले ही कमर कस लेने का फरमान सुनाया है. उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी सारी तैयारी पुख्ता हो और खराब मौसम की वजह से आने वाली दिक्कतों को कम करने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाए जाएं.

यह निर्देश उन समीक्षा बैठकों में सामने आए, जिनमें तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति को परखा गया. गडकरी का मानना है कि सड़क परिवहन की असली नींव राष्ट्रीय राजमार्ग ही हैं, इसलिए इन पर खास ध्यान देने की जरूरत है.

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किन राज्यों के कितने किलोमीटर हाईवे शामिल

इस समीक्षा के दायरे में तेलंगाना के 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के 2,035 किलोमीटर और लद्दाख के 804 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग आते हैं. यह आकलन मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाओं और अधिकारियों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) तथा प्रोजेक्ट ठेकेदारों से मिली जानकारी के आधार पर किया गया.

गुणवत्ता और जवाबदेही पर जोर

बैठकों में गडकरी ने चल रही परियोजनाओं, रखरखाव के काम और सुरक्षित, टिकाऊ व असरदार राजमार्ग ढांचे को पक्का करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की पड़ताल की. उन्होंने काम की रफ्तार बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता और जवाबदेही के सबसे ऊंचे मानकों को बनाए रखना बेहद जरूरी है.

मंत्री ने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी का ढांचा मजबूत करने, तय समय पर काम पूरा करने और आधुनिक निर्माण तकनीकों व बेहतर कार्यशैली को अपनाने के निर्देश दिए. उनका कहना था कि इससे सड़कें ज्यादा मजबूत होंगी, सफर आसान बनेगा और राजमार्ग लंबे समय तक टिकेंगे.

मानसून के लिए खास इंतजाम

बारिश के मौसम में आने वाली संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गडकरी ने अधिकारियों को असरदार ड्रेनेज प्रबंधन, ढलानों की स्थिरता (स्लोप स्टेबिलाइजेशन) और सुरक्षा से जुड़े कामों को प्राथमिकता देने को कहा. उन्होंने मौसम से पैदा होने वाली आपात स्थितियों से तुरंत निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) तैनात करने पर भी खास जोर दिया.

मंत्री के मुताबिक, ये सारे कदम राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर बेरोकटोक यातायात, सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए बहुत अहम हैं.

क्यों जरूरी हैं अच्छी सड़कें

गडकरी ने कहा कि बेहतर ढंग से बनी और रखरखाव वाली सड़कें क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, आर्थिक विकास को रफ्तार देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सहूलियत सुधारने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाना सड़क क्षेत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है.

सवाल-जवाब

नितिन गडकरी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी तैयारी मजबूत करने और खराब मौसम से होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाने को कहा है.
किन राज्यों के हाईवे की समीक्षा की गई?
तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति की समीक्षा की गई.
इन राज्यों में कितने किलोमीटर हाईवे शामिल हैं?
तेलंगाना के 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर के 2,035 किलोमीटर और लद्दाख के 804 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग इसमें शामिल हैं.
मानसून के लिए कौन से खास कदम बताए गए हैं?
असरदार ड्रेनेज प्रबंधन, ढलानों की स्थिरता (स्लोप स्टेबिलाइजेशन), सुरक्षा कार्य और मौसम से जुड़ी आपात स्थितियों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तैनात करने पर जोर दिया गया है.
यह समीक्षा किन जानकारियों के आधार पर हुई?
मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाओं और अधिकारियों, एनएचएआई, एनएचआईडीसीएल तथा परियोजना ठेकेदारों से मिली जानकारी के आधार पर.
गडकरी के मुताबिक अच्छी सड़कें क्यों जरूरी हैं?
उनके अनुसार बेहतर बनी और रखरखाव वाली सड़कें क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, आर्थिक विकास, पर्यटन और यात्रियों की सुविधा में अहम भूमिका निभाती हैं.
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