अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफरगंगा किनारे बेहतरीन नजारों और शांत माहौल का अनुभव देने वाले ऋषिकेश के खास कैफेझारखंड के 22 वर्षीय अजय कुमार विश्वकर्मा ने स्केट्स पर तय किया 21 हजार किमी का सफर, 20 राज्यों में फैलाया नशामुक्ति का संदेशसिंह राशिफल 1 अक्टूबर 2026: कर्म क्षेत्र में चमक और कागजी मामलों में बरतें खास सतर्कताबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकातुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यान
भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगा अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम, सर्जियो गोर ने दी समझौते की जानकारीभारत
28 अग॰ 2026, 9:20 pm (33 दिन पहले)· 2

भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगा अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम, सर्जियो गोर ने दी समझौते की जानकारी

भारत और अमेरिका के बीच जैवलिन मिसाइल सिस्टम की खरीद को लेकर रक्षा समझौता हुआ है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस सौदे की पुष्टि करते हुए इसे द्विपक्षीय सैन्य संबंधों में बड़ा कदम बताया।

भारतीय सेना की युद्ध तत्परता और परिचालन क्षमताओं को अभूतपूर्व मजबूती देने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा रक्षा सौदा किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत ने अमेरिका से युद्ध में परखे जा चुके आधुनिक जैवलिन मिसाइल सिस्टम को खरीदने के समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस सौदे की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे दोनों देशों के सैन्य संबंधों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम करार दिया है। इस रक्षा समझौते से भारतीय सेना की पैदल टुकड़ियों (इन्फैंट्री) की एंटी-आर्मर मारक क्षमता में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों का नया अध्याय

इस द्विपक्षीय समझौते के महत्व को रेखांकित करते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच रक्षा सहयोग अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने मई 2026 में संपन्न हुए शांगरी-ला डायलॉग का उल्लेख किया, जहां अमेरिकी युद्ध मंत्रीपीट हेगसेथ ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक तालमेल की बात कही थी। राजदूत गोर के अनुसार, यह समझौता केवल मिसाइल प्रणालियों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच भविष्य में सह-उत्पादन (co-production) के नए और संभावनाशील रास्ते भी खुलेंगे।

जैवलिन मिसाइल सिस्टम की तकनीकी खूबियां और मारक प्रभाव

जैवलिन सिस्टम की गिनती विश्व के सबसे सटीक और भरोसेमंद मध्यम दूरी के एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हथियारों में की जाती है। इस उन्नत मिसाइल प्रणाली का निर्माण अमेरिका की नामचीन रक्षा निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जाता है। वर्तमान में अमेरिकी थल सेना, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स और दुनिया के कई अन्य मित्र देशों की सेनाएं युद्ध क्षेत्र में इसका व्यापक इस्तेमाल करती हैं। इसे मुख्य रूप से दुश्मन के भारी बख्तरबंद वाहनों, मुख्य युद्धक टैंकों और कंक्रीट की मजबूत किलेबंदी वाली संरचनाओं को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

'फायर एंड फॉरगेट' तकनीक और थर्मल गाइडेंस की खासियत

जैवलिन मिसाइल प्रणाली का सबसे प्रमुख तकनीकी लाभ इसकी 'फायर-एंड-फॉरगेट' क्षमता है, जो अत्याधुनिक थर्मल गाइडेंस तकनीक पर काम करती है। इसके माध्यम से इन्फैंट्री सैनिक लक्ष्य को लॉक करके मिसाइल दागने के तुरंत बाद खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जा सकते हैं, क्योंकि मिसाइल को उड़ान के दौरान मैन्युअल रूप से गाइड करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अपनी उच्च मोबिलिटी (गतिशीलता) और सुगमता से ले जाने योग्य (पोर्टेबिलिटी) होने के कारण यह प्रणाली कठिन और विषम परिस्थितियों वाले युद्ध क्षेत्रों में भारतीय सैनिकों को दुश्मन के टैंकों के खिलाफ सटीक और त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगी।

सीमा सुरक्षा में मजबूती और 2025 की मंजूरी का घटनाक्रम

यह समझौता उस प्रक्रिया का अगला चरण है जिसकी शुरुआत साल 2025 के अंत में हुई थी, जब अमेरिका ने भारत को जैवलिन मिसाइल सिस्टम और एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल्स की बिक्री के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दी थी। भारत की सीमाओं पर उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए इस अत्याधुनिक हथियार का बेड़े में शामिल होना भारतीय थल सेना की आक्रामक और रक्षात्मक क्षमताओं को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने बयान में कहा, "हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है।"

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

भारत किस देश से जैवलिन मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है?
भारत अमेरिका से जैवलिन मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने की है।
जैवलिन मिसाइल सिस्टम का निर्माण कौन सी कंपनी करती है?
जैवलिन मिसाइल सिस्टम का निर्माण अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जाता है।
जैवलिन मिसाइल की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत क्या है?
इसकी सबसे बड़ी खासियत 'फायर-एंड-फॉरगेट' प्रणाली और थर्मल गाइडेंस है, जिससे मिसाइल दागने के बाद सैनिक तुरंत सुरक्षित स्थान पर जा सकता है।
अमेरिका ने इस बिक्री को कब मंजूरी दी थी?
अमेरिका ने साल 2025 के अंत में भारत को जैवलिन मिसाइल सिस्टम और एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल्स बेचने की मंजूरी दी थी।
इस समझौते के बारे में अमेरिकी युद्ध मंत्री ने किस मंच पर बात की थी?
अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने मई 2026 में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दौरान इस रक्षा सहयोग की चर्चा की थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 दिन पहले

यह रक्षा सौदा सामरिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही इतनी संवेदनशील उच्च-प्रौद्योगिकी वाले हथियारों की आपूर्ति, सीमावर्ती ठिकानों पर तैनाती और रक्षा उद्योगों के बीच सह-उत्पादन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा कानूनी अनुबंधों की सख्त निगरानी आवश्यक होगी ताकि रणनीतिक संप्रदाय सुरक्षित रहे।

Ravikash Gupta@ravikash·33 दिन पहले

यह रक्षा सौदा केवल सामरिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके वित्तीय और औद्योगिक आयाम भी गहरे हैं। लॉकहीड मार्टिन जैसी अमेरिकी दिग्गज रक्षा कंपनी के साथ सह-उत्पादन और भविष्य के संयुक्त निर्माण के रास्ते खुलने से भारतीय रक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निवेशकों और वित्तीय बाज़ारों की नज़र अब इस बात पर होगी कि इस तरह के उच्च-प्रौद्योगिकी समझौतों से घरेलू रक्षा स्टार्टअप्स और एयरोस्पेस इकोसिस्टम को कैसे वित्तीय लाभ मिलता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp