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भारतीय वायुसेना को मिली पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर, स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने ग्वालियर में रचा इतिहासमध्य प्रदेश
7 अग॰ 2026, 8:09 am (37 दिन पहले)· 1

भारतीय वायुसेना को मिली पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर, स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने ग्वालियर में रचा इतिहास

स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट से ग्रेजुएट होकर भारत की पहली महिला 'टॉप गन' यानी फाइटर कॉम्बैट लीडर बन गई हैं।

भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। बिहार के एक छोटे से शहर से निकलकर वायुसेना के शीर्ष पायदान तक पहुंचने वाली भावना कांत भारत की पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर यानी 'टॉप गन' बन गई हैं। ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) से इस प्रतिष्ठित कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करके उन्होंने साबित कर दिया है कि लगन और साहस के बल पर आसमान की हर सीमा को पार किया जा सकता है। अब वे न केवल अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों से हवाई युद्ध में दुश्मन को मात देने में सक्षम हैं, बल्कि वायुसेना के भावी हवाई अभियानों का नेतृत्व भी करेंगी।

ग्वालियर के कठिन एफसीएल कोर्स में साबित की अपनी क्षमता

भारतीय वायुसेना में फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) का यह कोर्स बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ग्वालियर के 'टॉप गन' स्कूल के नाम से मशहूर संस्थान में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि लगभग 20 सप्ताह होती है। इस विशेष कोर्स में वायुसेना के 100 शीर्ष फाइटर पायलटों में से केवल 1 सबसे योग्य और कुशल पायलट का चयन किया जाता है। भावना कांत ने 20 हफ्तों की कठिन ट्रेनिंग के दौरान उन्नत हवाई युद्ध कला, मिशन प्लानिंग, सामरिक नेतृत्व और जटिल युद्धक अभ्यासों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस ग्रेजुएट स्तर की उपलब्धि को हासिल करने वाली वे देश की पहली महिला पायलट बन गई हैं।

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बिहार की गलियों से फाइटर जेट के कॉकपिट तक का सफर

बिहार से ताल्लुक रखने वाली भावना कांत के लिए वायुसेना में फाइटर पायलट बनना और फिर 'टॉप गन' का दर्जा हासिल करना बचपन से देखा गया एक सपना था। वर्ष 2016 में जब भारतीय वायुसेना ने महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम के दरवाजे खोले, तो वे अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ देश के पहले महिला फाइटर पायलट बैच का हिस्सा बनी थीं। अपने इस फैसले और मौके पर बात करते हुए भावना कांत ने कहा था, "यह मौका जब मिला, मैंने एक पल भी नहीं सोचा, मैंने तुरंत पकड़ लिया।" उनकी इस सोच ने उन्हें बीते 10 वर्षों की सेवा में एक के बाद एक कई कीर्तिमान स्थापित करने की प्रेरणा दी।

10 साल के सेवा काल में बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत का 10 वर्षों का वायुसेना करियर कई शानदार पड़ावों से भरा रहा है। वर्ष 2016 में फाइटर स्ट्रीम में शामिल होने के तीन साल बाद, यानी वर्ष 2019 में वे मिग-21 लड़ाकू विमान पर दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए योग्य घोषित होने वाली पहली महिला पायलट बनी थीं। इसके बाद वर्ष 2021 में उन्होंने एक और इतिहास रचा जब वे नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में फाइटर पायलट के रूप में हिस्सा लेने वाली पहली महिला बनीं। वर्तमान में वे अत्याधुनिक सुखोई-30MKI जैसे खतरनाक लड़ाकू विमान को उड़ाते हुए उच्चतम स्तर के हवाई युद्ध कौशल का प्रशिक्षण पूरा कर चुकी हैं।

भविष्य की हवाई जंग और रणनीति का करेंगी नेतृत्व

टॉप गन स्कूल से एफसीएल कोर्स पूरा करने का मतलब सिर्फ एक कुशल पायलट होना नहीं है, बल्कि लड़ाकू अभियानों की कमान संभालना भी है। इस कोर्स को पास करने वाले पायलटों पर वायुसेना की नई युद्ध रणनीतियां बनाने, आधुनिक हवाई अभियानों का नेतृत्व करने और युवा फाइटर पायलटों को प्रशिक्षित करने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। भावना कांत अब मिग से लेकर सुखोई-30MKI तक के विभिन्न लड़ाकू पोतों से देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा करेंगी। उनकी यह उपलब्धि देश की उन तमाम बेटियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो रक्षा बलों में शामिल होकर देश सेवा का सपना देखती हैं।

सवाल-जवाब

स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है?
वे भारतीय वायुसेना की पहली महिला 'टॉप गन' यानी फाइटर कॉम्बैट लीडर बन गई हैं, जिन्होंने ग्वालियर स्थित TACDE से FCL कोर्स पूरा किया है।
टॉप गन या फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स क्या है?
यह भारतीय वायुसेना का लगभग 20 हफ्तों का सबसे कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें चयनित पायलटों को उन्नत हवाई युद्ध, मिशन प्लानिंग और सामरिक नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जाती है।
इस कोर्स के लिए चयन प्रक्रिया कितनी कठिन होती है?
इस प्रतिष्ठित कोर्स के लिए वायुसेना के 100 शीर्ष फाइटर पायलटों में से केवल 1 कुशल पायलट का चयन किया जाता है।
भावना कांत भारतीय वायुसेना में कब शामिल हुई थीं?
वे वर्ष 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच का हिस्सा बनी थीं।
भावना कांत इससे पहले किन उपलब्धियों के लिए जानी जाती हैं?
वे 2019 में मिग-21 पर दिन के कॉम्बैट मिशन के लिए योग्य होने वाली और 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं।
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