रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंअमेरिकी ऊर्जा सेक्टर में दक्षिण कोरिया करेगा 200 अरब डॉलर का भारी निवेश, अलास्का एलएनजी और आठ परमाणु संयंत्रों को मिलेगा विस्तारपश्चिम एशिया से कच्चा तेल आपूर्ति सुधरने के बीच डब्ल्यूटीआई फिसलकर 89 डॉलर के करीब पहुंचाअमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की गिरावट से कनाडाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर पर फिसलाआयात में 5.8 फीसदी की जोरदार छलांग से ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष घटकर 49.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर सिमटा
झारखंड में थमा भारी बारिश का सिलसिला, देवघर और हजारीबाग सहित 9 जिलों में हल्की फुहारों की संभावनाझारखंड
1 अक्तू॰ 2026, 7:14 am (28 मिनट पहले)· 0

झारखंड में थमा भारी बारिश का सिलसिला, देवघर और हजारीबाग सहित 9 जिलों में हल्की फुहारों की संभावना

झारखंड में मूसलाधार बारिश का दौर थम गया है और 1 अक्टूबर को 9 जिलों में केवल हल्की बूंदाबांदी का अनुमान है, जबकि 5 अक्टूबर से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।

झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बीते कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का सिलसिला अब पूरी तरह थमने लगा है। मौसम के बदलते रुख के बीच राज्य भर में वर्षा की तीव्रता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 1 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा, जबकि कुछ सीमित इलाकों में केवल छिटपुट बौछारें दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि समूचे राज्य में कहीं भी अत्यधिक या भारी वर्षा को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

उत्तरी और पूर्वी इलाकों के 9 जिलों में छिटपुट बौछारें

मौसम केंद्र के विश्लेषण के अनुसार, राज्य के उत्तरी और संथाल परगना प्रमंडल से जुड़े नौ विशिष्ट जिलों में स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है। इन जिलों में चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में केवल अलग-थलग स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज होगी। इन नौ जिलों को छोड़कर झारखंड के शेष भूभाग में वर्षा की संभावना न के बराबर है, जिससे लगातार हो रही वर्षा से परेशान नागरिकों को सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें

4 अक्टूबर तक नहीं होगी मूसलाधार बारिश

राज्य स्तर पर किसी भी जिले के लिए 1 अक्टूबर को भारी बारिश का कोई अलर्ट प्रभावी नहीं है। हालांकि, वायुमंडलीय बदलावों के चलते कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल घिरे रह सकते हैं और कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने रेखांकित किया है कि 1 अक्टूबर से लेकर 4 अक्टूबर तक राज्य भर में मौसमी हलचल बेहद सीमित स्तर पर बनी रहेगी। इसका अर्थ यह है कि वर्षा पूरी तरह बंद तो नहीं होगी, लेकिन उसकी गति इतनी मंद रहेगी कि जलभराव, नदियों के उफान या बाढ़ जैसी किसी भी विकट स्थिति की कोई गुंजाइश नहीं बनेगी।

5 अक्टूबर से विदा हो सकता है मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान विभाग के आकलन के अनुसार, झारखंड से मानसून की आधिकारिक वापसी 5 अक्टूबर से शुरू होने के आसार हैं। पारंपरिक तौर पर राज्य में जून से लेकर सितंबर तक के चार महीनों में मानसूनी हवाओं से सबसे अधिक जलवृष्टि होती है। हालांकि, मानसून बीत जाने के बाद भी अक्टूबर से फरवरी के शीतकालीन महीनों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते यदा-कदा बूंदाबांदी देखने को मिलती रहती है।

राजधानी रांची में कैसा बना रहेगा वातावरण

राजधानी रांची और इसके आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में आने वाले कुछ दिनों तक सुहावना और आंशिक बादलों वाला मौसम बने रहने की उम्मीद है। 1 अक्टूबर को रांची के लिए भी भारी वर्षा की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन के समय धूप-छांव के बीच आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ चुनिंदा स्थानों पर बेहद हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में बहुत अधिक फेरबदल नहीं देखा जाएगा।

मानसून आंकड़ों का लेखा-जोखा: पूरे राज्य में 2 प्रतिशत कमी

झारखंड में समूचे मानसून चक्र के दौरान सामान्य तौर पर 1,025 से लेकर 1,100 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जाती है। इस वर्ष 1 जून से लेकर 30 सितंबर के बीच पूरे राज्य में कुल 1,005 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो कि सामान्य औसत की तुलना में लगभग 2 प्रतिशत कम मानी गई है।

रांची में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक बरसे बदरा

पूरे राज्य के समग्र आंकड़े में मामूली कमी के विपरीत, राजधानी रांची में इस मानसून सीजन में जोरदार बादल बरसे। मौसम विभाग के संकलित आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 30 सितंबर के दौरान रांची में कुल 1,215 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी का सामान्य मानसूनी औसत 1,027 मिलीमीटर रहता है, जिसका अर्थ है कि इस वर्ष रांची में सामान्य से करीब 18 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई है।

सवाल-जवाब

झारखंड में 1 अक्टूबर को किन जिलों में बारिश का अनुमान है?
चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में कहीं-कहीं हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है।
क्या राज्य में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी किया गया है?
नहीं, मौसम विभाग ने 1 अक्टूबर के लिए झारखंड में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
झारखंड से मानसून की विदाई कब तक होने की संभावना है?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावित तारीख 5 अक्टूबर है।
इस साल मानसून सीजन में पूरे झारखंड में कितनी बारिश दर्ज की गई?
1 जून से 30 सितंबर के दौरान पूरे राज्य में 1,005 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 2 प्रतिशत कम है।
राजधानी रांची में मानसून के दौरान कितनी बारिश हुई?
रांची में इस मानसून सीजन में 1,215 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य औसत 1,027 मिमी से करीब 18 प्रतिशत अधिक है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp