देशभर में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार करने के लिए योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस रूट के चुनिंदा हिस्सों पर साल 2027 तक हाई-स्पीड ट्रेन का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों को भी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जोड़ने की पुख्ता योजना तैयार की है।
रेल मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट
दिवाली और छठ के त्योहारों से ठीक पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर ताजा जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से कानपुर, लखनऊ होते हुए पटना तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। दिल्ली और पटना के बीच का यह रेल मार्ग देश के सबसे व्यस्त रूटों में से एक माना जाता है, जहां रोजाना भारी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इस खंड पर हाई-स्पीड ट्रेन के आ जाने से इस व्यस्तता से बड़ी राहत मिलेगी और यात्रियों को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा प्राप्त होगी।
समय की भारी बचत और सफर का नया अनुभव
मौजूदा समय में ट्रेन के जरिए दिल्ली से पटना की दूरी तय करने में लगभग 12 घंटे का लंबा समय लग जाता है। लेकिन बुलेट ट्रेन के शुरू हो जाने के बाद यह दूरी सिमटकर महज 4.5 घंटे की रह जाएगी। अब तक राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत और दुरंतो जैसी प्रीमियम सुपरफास्ट ट्रेनें भी इस समयावधि तक पहुंचने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सकी हैं, जो काम अब बुलेट ट्रेन के जरिए संभव होने जा रहा है। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने से उत्तर प्रदेश और बिहार के करोड़ों निवासियों का कम समय में सफर करने का सपना आखिरकार पूरा हो सकेगा।



















