दक्षिण भारत के तटीय और आंतरिक इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने नए निम्न दबाव के क्षेत्र और कोमोरिन क्षेत्र के आसपास सक्रिय मौसमी हलचल ने तमिलनाडु और पड़ोसी राज्य केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का नया दौर शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार, क्षेत्र में लगातार दो दिनों से मूसलाधार बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें गिर रही हैं, और इस तीव्र मौसमी गतिविधि से कम से कम 27 अक्टूबर 2026 तक कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के दर्जनों शहरों और कस्बों के लिए अलर्ट जारी किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने 23 अक्टूबर 2026 को कई जनपदों में एहतियातन स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है।
कोमोरिन क्षेत्र में निम्न दबाव और मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु तथा केरल के ऊपर बने निम्न दबाव के तंत्र के चलते व्यापक स्तर पर बादलों का जमावड़ा बना हुआ है। इस मौसमी तंत्र के असर से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसी तरह केरल के विभिन्न हिस्सों में 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 के बीच मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में पानी भरने, तेज सतही हवाओं के चलने और आकाशीय बिजली गिरने के बढ़ते खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है।
कन्याकुमारी, नीलगिरि और कोयंबटूर में ऑरेंज अलर्ट जैसे हालात
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी घाट और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में वर्षा का दबाव सबसे अधिक रहने वाला है। कन्याकुमारी, नीलगिरि और कोयंबटूर जिलों में छिटपुट जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन पर्वतीय और तटीय इलाकों में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और लगातार पानी बरसने से पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और सड़कों पर पेड़ गिरने की आशंका बढ़ जाती है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
चेन्नई, मदुरै और दो दर्जन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसमी परिस्थितियों का व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग ने विस्तृत सूची जारी करते हुए कई जिलों में छिटपुट जगहों पर भारी बारिश, आंधी और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली झोंकेदार हवाओं का अनुमान जताया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं
- इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर और तिरुचिरापल्ली
- तेनकासी, थेनी, डिंडीगुल, मदुरै और विरुधुनगर
- पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुरै
- शिवगंगा, रामनाथपुरम, थूथुकुडी और तिरुनेलवेली
- अरियालुर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, तिरुप्पुर और पेरम्बलूर
- चेन्नई और तिरुवल्लूर के साथ पुडुचेरी और कराईकल के इलाके
तमिलनाडु के शेष हिस्सों में भी मौसम शुष्क नहीं रहेगा, बल्कि कई स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियों पर प्रशासनिक फैसले
बिगड़ते मौसम और जलभराव के संकट को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। तिरुवन्नामलाई जिले में जिला प्रशासन ने 23 अक्टूबर 2026 गुरुवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों को भी पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया है। इसके विपरीत, विल्लुपुरम और कल्लाकुरिची जिलों में केवल स्कूलों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, जबकि वहां उच्च शिक्षण संस्थान अपनी निर्धारित कक्षाओं का संचालन जारी रखेंगे।
दूसरी ओर, पड़ोसी जिलों चेंगलपट्टू और कांचीपुरम के जिलाधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद स्पष्ट किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में सभी स्कूल और कॉलेज सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और वहां पठन-पाठन का कार्य बिना किसी रुकावट के चलेगा। राजधानी चेन्नई में 22 अक्टूबर को लगातार बारिश के कारण स्कूल बंद किए गए थे, लेकिन 23 अक्टूबर के संबंध में कोई नया औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया। राजधानी के अभिभावकों और विद्यार्थियों को परामर्श दिया गया है कि वे सुबह घर से निकलने से पहले स्थानीय नगर निगम, जिला प्रशासन अथवा अपने विद्यालय प्रबंधन के आधिकारिक संचार माध्यमों से स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।

















