झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी इलाके में स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। चिड़ियाघर परिसर में गुरुवार की सुबह एक नन्हे दरियाई घोड़े (हिप्पोपोटेमस) का जन्म हुआ। मादा दरियाई घोड़ा 'मोनी' ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। बाड़े में नन्हे मेहमान के कदम रखते ही चिड़ियाघर प्रशासन में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच भी इस नए सदस्य को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कुनबा बढ़कर हुआ 11, दूसरी पीढ़ी ने भी बढ़ाया परिवार
नन्हे शावक के आगमन के साथ ही भगवान बिरसा जैविक उद्यान में दरियाई घोड़ों का परिवार और अधिक बड़ा हो गया है। इस नए जन्म के बाद अब चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ों की कुल संख्या बढ़कर 11 तक पहुँच गई है। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे दिलचस्प बात यह है कि मां बनी मोनी का जन्म भी बाहरी जंगल में नहीं, बल्कि इसी जैविक उद्यान के भीतर हुआ था। मोनी यहाँ के पुराने और वरिष्ठ दरियाई घोड़े 'लालू' और 'लिली' की संतान है।
दस्तावेजों के मुताबिक मोनी का जन्म 20 जनवरी 2023 को इसी परिसर में हुआ था। उद्यान में ही पली-बढ़ी मोनी के अब स्वयं मां बनने की घटना को अधिकारी एक शानदार और ऐतिहासिक पल मान रहे हैं। एक ही चिड़ियाघर के भीतर वन्यजीवों की दूसरी पीढ़ी का इस प्रकार सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ना प्रबंधन के लिए एक असाधारण अनुभव साबित हो रहा है।
सफल प्रजनन और बेहतर संरक्षण का बड़ा प्रमाण
चिड़ियाघर प्रशासन मोनी के मां बनने को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में आंक रहा है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि बाड़े का वातावरण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के बेहद करीब और अनुकूल है। जैविक उद्यान के निदेशक जब्बर सिंह ने इस नए जन्म पर गहरा संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "नन्हे दरियाई घोड़े का जन्म पूरे उद्यान परिवार के लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है।"
निदेशक जब्बर सिंह के अनुसार, शावक का यह जन्म वन्यजीवों के निरंतर संरक्षण और उनके सफल प्रजनन की दिशा में बहुत सकारात्मक संकेत देता है। चिड़ियाघर प्रबंधन सभी जानवरों के संतुलित खान-पान, नियमित चिकित्सा जांच और उन्हें तनावमुक्त प्राकृतिक माहौल देने पर विशेष जोर दे रहा है। इसी निरंतर निगरानी और देखरेख के चलते यहाँ वन्यजीवों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।
मेडिकल टीम की निगरानी में मां और नवजात
फिलहाल चिड़ियाघर के डॉक्टरों और अनुभवी केयरटेकर्स की एक विशेष टीम नवजात शावक और उसकी मां मोनी की सेहत पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए है। बच्चे को किसी भी तरह के बाहरी संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए बाड़े की विशेष रूप से साफ-सफाई की जा रही है और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह से तंदुरुस्त हैं और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।


















