तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई सहित आसपास के कई जिलों में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह से ही जोरदार बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मूसलाधार बारिश और निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राज्य के पांच प्रमुख जिलों में सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिन जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, उनमें चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार जलभराव और मौसम की परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मूसलाधार बारिश से चेन्नई की प्रमुख सड़कों पर जलजमाव
लगातार जारी बारिश के कारण चेन्नई महानगर के कई निचले रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह के समय बड़े पैमाने पर पानी भर गया। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में गिने जाने वाले अन्ना सलाई और वुड्स रोड जैसे प्रमुख रास्तों पर भी पानी जमा हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। सड़कों पर पानी भरने से सुबह दफ्तर और अन्य कामकाज के लिए निकलने वाले दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी बारिश का दौर बने रहने का अनुमान जताए जाने के बाद, स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने का परामर्श दिया है।
चेन्नई के विभिन्न इलाकों में दर्ज किए गए बारिश के आंकड़े
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात और तड़के सुबह चेन्नई के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है। शहर के मीनांबक्कम मौसम केंद्र पर सबसे अधिक 12 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि नुंगमबक्कम में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा तारामणि में 10 सेंटीमीटर और माधवराम में 9 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई। वहीं विल्लीवक्कम और नंदनम इलाकों में 8-8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश का प्रभाव शहर के केंद्रीय हिस्सों के साथ-साथ उपनगरीय इलाकों में भी बराबर रूप से पड़ा है।
दैनिक गतिविधियों और यातायात पर गहरा प्रभाव
महानगर के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों, नगर निगम की बसों और टैक्सियों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। सुबह के समय सफर करने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से दोगुना समय लग रहा है। सार्वजनिक परिवहन में आई इस रुकावट का सीधा असर कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति, जरूरी सामान की डिलीवरी और सामान्य व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। चेन्नई के अलावा तमिलनाडु के कई अन्य हिस्सों में भी व्यापक बारिश की सूचना मिली है। कोयंबटूर, कांचीपुरम, रामनाथपुरम, थूथुकुडी और कन्याकुमारी जैसे जिलों में भी बादल जमकर बरसे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बारिश की यह लहर केवल राजधानी तक ही सीमित नहीं है बल्कि राज्य के विस्तृत भूभाग को अपनी चपेट में ले चुकी है।
पांच जिलों में स्कूलों की छुट्टी और अभिभावकों के लिए निर्देश
प्रतिकूल मौसम और जलभराव के खतरे को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासनों ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को 21 अक्टूबर को बंद रखने का त्वरित फैसला लिया। चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट में लागू किए गए इस आदेश का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जलमग्न सड़कों से यात्रा करने के जोखिम से बचाना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपने बच्चों के स्कूलों और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक संदेशों पर नजर रखें। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों के अवकाश के आदेश को स्वतः कॉलेजों या उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए लागू न माना जाए, जब तक कि उनके लिए अलग से विशेष घोषणा न की जाए। अचानक हुई इस छुट्टी के कारण कामकाजी माता-पिता को अपने बच्चों की देखभाल के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी है।
बंगाल की खाड़ी में बना तंत्र और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार तमिलनाडु में बारिश का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय हो रहा है, जो राज्य में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ावा देगा। वर्तमान मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 26 अक्टूबर तक पूरे राज्य में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है। 21 अक्टूबर की सुबह के समय चेन्नई, तिरुवल्लूर, रानीपेट, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम के कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुरई, नागपट्टिनम, तिरुवारूर, तंजावुर और पुदुक्कोट्टई जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दक्षिणी तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी और ऑरेंज अलर्ट
मौसम की यह सक्रियता राज्य के दक्षिणी जिलों को भी व्यापक रूप से प्रभावित कर रही है। रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी के कुछ हिस्सों में भी लगातार वर्षा होने का अनुमान है। विशेष रूप से तिरुनेलवेली और थूथुकुडी जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम कार्यालय ने चेतावनी दी है कि 21 और 22 अक्टूबर के दौरान इन दोनों दक्षिणी जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि कुछ क्षेत्रों में वर्षा का कुल स्तर 20 सेंटीमीटर तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं और तटीय तथा निचले इलाकों के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।















