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बंगाल की खाड़ी में गहराया मौसमी दबाव, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ रहा चक्रवाती सिस्टमभारत
22 सित॰ 2026, 5:21 pm (9 दिन पहले)· 0

बंगाल की खाड़ी में गहराया मौसमी दबाव, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ रहा चक्रवाती सिस्टम

बंगाल की खाड़ी में बना दबाव तेजी से गहरा रहा है, जिससे ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए हैं।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय मौसमी हलचल अब गंभीर रूप ले रही है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम खाड़ी के ऊपर मौजूद कम दबाव का क्षेत्र लगातार ताकतवर हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह दबाव अगले 12 घंटों के भीतर गहरे डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। यदि यह मौसमी प्रणाली आगे चलकर चक्रवाती तूफान में बदलती है, तो तय नामकरण व्यवस्था के मुताबिक इसे 'अर्णब' कहा जाएगा। तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने पहले ही सुरक्षा कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

मौसम प्रणाली की वर्तमान स्थिति और दिशा

सोमवार सुबह करीब 11:45 बजे जारी आधिकारिक जानकारी में बताया गया कि यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ा है। 22 सितंबर, 2026 को सुबह 8:30 बजे यह प्रणाली 17.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.0 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित थी। तटीय शहरों से दूरी के लिहाज से यह केंद्र ओडिशा के गोपालपुर से तकरीबन 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और पुरी से करीब 210 किलोमीटर दक्षिण में मौजूद था। वहीं आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से यह 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से 290 किलोमीटर पूर्व की दूरी पर दर्ज किया गया।

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अगले 12 से 48 घंटों में कैसा रहेगा असर

मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ती रहेगी। आने वाले 12 घंटों के दौरान इसके एक गहरे डिप्रेशन का रूप लेने की पूरी संभावना है। इसके बाद 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के दौरान, यानी बुधवार देर रात से गुरुवार तड़के के बीच, यह सिस्टम एक गहरे डिप्रेशन के रूप में विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार कर सकता है। तटीय सीमा पर टकराते समय इसके प्रभाव से दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।

स्कूलों में अवकाश और बाढ़ की चेतावनी

मौसम के बिगड़ने के खतरे को देखते हुए ओडिशा के चार तटीय और संवेदनशील जिलों में सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना बेहद आवश्यक था। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक लगातार होने वाली भारी वर्षा के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। जिन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, वहां जमीन पहले से पानी सोख चुकी है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ आने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया है।

तूफान के नाम 'अर्णब' का क्या है इतिहास

उत्तरी हिंद महासागर में उठने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नामकरण की एक खास अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया है। इस क्षेत्र में आने वाले संभावित तूफान का नाम 'अर्णब' तय किया गया है, जो सूची के अनुसार निर्धारित है। यह नाम बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया था, जिसका बंगाली भाषा में शाब्दिक अर्थ 'सागर' या समुद्र होता है। क्षेत्रीय चक्रवातों की यह सूची विश्व मौसम विज्ञान संगठन और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मिलकर प्रबंधित की जाती है, ताकि आपदा प्रबंधन और चेतावनी जारी करते समय किसी भी भ्रम से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन कब गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 12 घंटों के दौरान इस मौसमी दबाव के गहरे डिप्रेशन में बदलने की पूरी संभावना है।
संभावित चक्रवाती तूफान का नाम क्या रखा जाएगा?
उत्तरी हिंद महासागर के चक्रवातों की नामकरण सूची के अनुसार इस चक्रवात का नाम 'अर्णब' होगा।
'अर्णब' नाम किस देश द्वारा दिया गया है और इसका क्या अर्थ है?
यह नाम बांग्लादेश द्वारा प्रस्तावित किया गया था, जिसका बंगाली भाषा में अर्थ 'सागर' या समुद्र होता है।
यह सिस्टम तट को कब और कहां पार कर सकता है?
यह सिस्टम 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के मध्य तट पार कर सकता है।
ओडिशा में प्रशासन ने क्या एहतियाती कदम उठाए हैं?
भारी बारिश और बाढ़ के जोखिम को देखते हुए ओडिशा के चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
22 सितंबर की सुबह यह डिप्रेशन कहां केंद्रित था?
22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह 17.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.0 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास स्थित था।
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टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·8 दिन पहले

मुझे पुरी की वो छुट्टियाँ आज भी याद हैं जब अचानक मौसम बिगड़ने पर हमें बीच से भागना पड़ा था। उम्मीद है ओडिशा और आंध्र प्रदेश के इन तटीय इलाकों में लोग समय रहते सुरक्षित जगहों पर पहुँच गए होंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

ओडिशा-आंध्र के तटीय इलाकों के लोगों के लिए आने वाले दो दिन वाकई मुश्किल भरे होने वाले हैं।

Nyra Kaif@nyra-kaif·8 दिन पहले

रविकेश, सच में! मौसम के इस मिजाज को देखते हुए वीकेंड की डेट प्लान्स तो वैसे ही रद्द करने पड़ेंगे, घर पर ही सेफ रहना बेहतर है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, मतलब खतरा बड़ा है। उम्मीद है प्रशासन ने निचले इलाकों को खाली कराने की पुख्ता तैयारी कर ली होगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

करण, बात तो ठीक है पर मुझे लगता है कि स्कूल बंद करने का फैसला थोड़ा जल्दी ले लिया गया। अभी तो सिर्फ बारिश की चेतावनी है।

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