योग गुरु बाबा रामदेव और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच हाल के दिनों में उपजा तीखा विवाद अब पूरी तरह खत्म हो गया है। दोनों प्रमुख हस्तियों के बीच सीधी बातचीत और मुलाकात के बाद आपसी गलतफहमियों को सुलझा लिया गया है। इस सौहार्दपूर्ण समाधान के बाद बाबा रामदेव ने पूर्व सांसद के खिलाफ दायर किया गया मानहानि का कानूनी दावा भी वापस लेने का फैसला किया है। मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने गिले-शिकवे दूर होने पर एक-दूसरे के प्रति आभार जताया और स्पष्ट किया कि संवाद के जरिए पूरी स्थिति साफ हो चुकी है, इसलिए अब किसी भी तरह का टकराव बाकी नहीं रह गया है।
सीधी मुलाकात से दूर हुईं दूरियां
हालिया तनावपूर्ण बयानों के बीच दोनों नेताओं की एक साथ बैठने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह ने साथ में समय बिताया और पूरे घटनाक्रम पर खुलकर चर्चा की। इससे कुछ ही दिन पहले पूर्व सांसद ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के मंच से बाबा रामदेव के साथ-साथ उनके व्यावसायिक ब्रांड और उत्पादों पर बेहद तल्ख टिप्पणियां की थीं। हालांकि, आमने-सामने बैठकर हुई इस बैठक के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया और दोनों ने विवाद को पूरी तरह समाप्त मान लिया है।
पतंजलि के उत्पादों पर उठाए गए थे गंभीर सवाल
इस पूरे विवाद की जड़ में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा दिया गया वह बयान था, जिसमें उन्होंने एक सार्वजनिक आयोजन के दौरान पतंजलि के सामानों की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने अपने संबोधन में बाबा रामदेव को मिलावटी सामान तैयार करने वालों का सम्राट तक कह दिया था और विशेष रूप से पतंजलि के गाय के घी की गुणवत्ता पर तीखे सवाल खड़े किए थे। इसके अलावा उन्होंने यह दावा भी किया था कि पतंजलि के उत्पाद कई मुल्कों में बेचे जा रहे हैं और कुछ देशों में उन पर पाबंदी भी लगी हुई है। पूर्व सांसद ने इस पूरे मामले में केंद्र सरकार से संज्ञान लेने और जांच कराने का आग्रह किया था। इन तीखे आरोपों पर पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कानूनी रास्ता अपनाया था और बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये के मानहानि का दावा ठोक दिया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबा रामदेव ने दी सफाई
बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबा रामदेव ने गाय के घी और पतंजलि की अन्य दवाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पतंजलि का गाय का घी पूरी तरह शुद्ध है और उनकी बनाई कोई भी दवा नकली नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके संस्थान का कोई भी उत्पाद गुणवत्ता के पैमाने पर गलत नहीं है और पिछले कुछ महीनों से पतंजलि के ब्रांड को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित तरीके से भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। पूर्व सांसद के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने केवल सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करके वे टिप्पणियां कर दी थीं। अब चूंकि दोनों के बीच सीधी मुलाकात हो चुकी है, इसलिए सारी भ्रांतियां दूर हो गई हैं और उनके खिलाफ किया गया मानहानि का मुकदमा भी वापस ले लिया गया है।
दवाओं की गुणवत्ता और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पक्ष
बाबा रामदेव ने जोर देकर कहा कि कुछ तत्व पतंजलि के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार में जुटे हैं और झूठी अफवाहें उड़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से पतंजलि की किसी भी दवा की बिक्री या उत्पादन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने दावा किया कि पतंजलि के सभी उत्पाद और दवाएं कड़े अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती हैं। इसके साथ ही उन्होंने खुला भरोसा जताते हुए कहा कि उनके ब्रांड के घी का परीक्षण देश या दुनिया की किसी भी स्वतंत्र लैब में कराया जा सकता है।



















