नागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार देवरी के ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर का करेगी कायाकल्प, खर्च होंगे 50 करोड़ रुपयेमध्य प्रदेश
26 जुल॰ 2026, 1:05 pm (95 दिन पहले)· 1

बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार देवरी के ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर का करेगी कायाकल्प, खर्च होंगे 50 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश सरकार सागर जिले के देवरी में स्थित 400 साल पुराने ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर को 50 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेगी।

बुंदेलखंड के सागर जिले में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार देवरी स्थित लगभग 400 साल पुराने ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर को एक प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस विकास योजना को मंजूरी दी थी, जिसका खाका स्थानीय नगर पालिका ने क्षेत्रीय विधायक के साथ मिलकर तैयार किया है।

भीड़भाड़ से मिलेगी मुक्ति और सुगम होगा मंदिर का रास्ता

तेजी से बढ़ते शहरीकरण और लगातार हो रहे विस्तारीकरण के कारण यह प्राचीन खंडेराव मंदिर अब देवरी नगर के बीचों-बीच घिर गया है। इसके चलते यहां आने वाले श्रद्धालुओं को यातायात और संकरी गलियों की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लगातार होते निर्माण कार्यों के कारण मंदिर परिसर का दायरा भी सिमटता जा रहा था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर का संरक्षण करने और इसे एक भव्य पर्यटक स्थल के रूप में बदलने का फैसला लिया गया है ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रह सके।

ये भी पढ़ें

50 करोड़ के बजट से संवरेगा खंडेराव लोक

इस परियोजना के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े काम किए जाएंगे। सबसे पहले मंदिर को सीधे नेशनल हाईवे 44 (NH 44) और अन्य मुख्य संपर्क मार्गों से जोड़ा जाएगा, ताकि भारी वाहनों और बाहरी पर्यटकों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। इसके अलावा मंदिर तक सुगम पहुंच के लिए एक विशेष खंडेराव लोक का निर्माण किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परियोजना के तहत निम्नलिखित निर्माण कार्य किए जाएंगे

  • बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए एक आधुनिक भक्त निवास बनाया जाएगा।
  • धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए एक विशाल सत्संग भवन का निर्माण होगा।
  • मंदिर परिसर में एक सुंदर जलाशय (कुंड) और आकर्षक लाइटिंग वाला बगीचा (लाइटिंग गार्डन) विकसित किया जाएगा।
  • परिसर के आसपास से सभी अवैध अतिक्रमणों को पूरी तरह हटाया जाएगा।
  • युवाओं और पर्यटकों के लिए आकर्षक सेल्फी पॉइंट बनाए जाएंगे।
  • भगवान खंडेराव की महिमा और मंदिर के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली एक विशेष गैलरी तैयार की जाएगी।

चंपा छठ पर दहकते अंगारों पर चलने की अनोखी परंपरा

खंडेराव भगवान का यह मंदिर मध्य प्रदेश का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहां हर साल चंपा छठ के अवसर पर आयोजित होने वाला प्रसिद्ध अग्निकुंड मेला पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इस मेले के दौरान मंदिर परिसर में विशेष अग्निकुंड तैयार किए जाते हैं। मान्यता है कि मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु दहकते हुए अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। यह अनोखी और साहसी परंपरा पिछले 400 वर्षों से बिना किसी रुकावट के लगातार चली आ रही है। इस 10 दिवसीय मेले में भाग लेने के लिए दूर-दूर से भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर कहां स्थित है?
यह 400 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर देवरी में स्थित है।
इस पुनर्विकास परियोजना का बजट कितना है और इसे किसने मंजूरी दी है?
इस परियोजना के लिए कुल 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसकी घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की थी।
खंडेराव मंदिर में कौन सी प्रसिद्ध प्राचीन परंपरा निभाई जाती है?
यहाँ चंपा छठ पर प्रसिद्ध अग्निकुंड मेला लगता है, जहाँ श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। यह परंपरा पिछले 400 वर्षों से चली आ रही है।
50 करोड़ रुपये के इस बजट के तहत मंदिर में कौन सी नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी?
इस बजट के तहत मंदिर को NH 44 से जोड़ा जाएगा और खंडेराव लोक, भक्त निवास, सत्संग भवन, कुंड, लाइटिंग गार्डन, सेल्फी पॉइंट और एक गैलरी का निर्माण किया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp