राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पिछले 15 दिनों से लापता 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की गुमशुदगी का मामला एक भयावह हत्याकांड के रूप में सामने आया है। पुलिस ने गहन तफ्तीश के बाद इस पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संपत्ति और पैसों के लेनदेन के विवाद में महिला का अपहरण कर गला घोंट दिया गया और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाकर अवशेष नदी में बहा दिए गए।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
भीलवाड़ा शहर के वीर सावरकर चौक इलाके की रहने वाली 72 वर्षीय कमला देवी काकरिया बीते 15 दिनों से अचानक गायब हो गई थीं। उनके परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मृतका की पुत्रवधू रवीना देवी ने 15 अक्टूबर को भीमगंज थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल शुरू की। फुटेज खंगालने पर पुलिस को बुजुर्ग महिला अंतिम बार आर.के. कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय रवि तापड़िया के साथ जाती हुई दिखाई दी।
संपत्ति हड़पने के लिए रची गई साजिश
संदिग्ध फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी रवि तापड़िया को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने और मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने की कोशिश करता रहा। हालांकि, जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) सज्जन सिंह के मुताबिक आरोपी रवि तापड़िया का बुजुर्ग महिला कमला देवी के घर लगातार आना-जाना था। वह महिला के बैंक और संपत्ति से जुड़े अधिकांश लेनदेन के काम संभालता था। इसी दौरान उसकी नीयत खराब हो गई और वह बुजुर्ग महिला की किसी संपत्ति को अपने नाम हस्तांतरित करवाना चाहता था।
हत्या के बाद शव जलाया, अवशेष नदी में बहाए
संपत्ति को हड़पने की नीयत से आरोपी रवि तापड़िया ने महिला को झांसे में लिया और सुभाष नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोटी पुलिया स्थित एक मकान में ले गया। वहां उसने अपने एक साथी हीरा सिंधी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों ने पहले बुजुर्ग महिला का मुंह दबाकर गला घोंट दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद अपराध को छिपाने के लिए आरोपियों ने मकान के भीतर ही शव को आग लगा दी। जब शव जलकर राख हो गया, तो बची हुई हड्डियों और अवशेषों को बोरे में भरकर पालड़ी रोड स्थित कोठारी नदी में फेंक दिया।
गोताखोरों और एफएसएल की मदद से अवशेषों की तलाश
वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस मुख्य आरोपी रवि तापड़िया और उसके सहयोगी हीरा सिंधी को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब आरोपियों की निशानदेही पर कोठारी नदी में महिला के अवशेषों को तलाश रही है। इस काम के लिए गोताखोरों की विशेष टीम, जेसीबी मशीनों और फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीमों को लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नदी से मिलने वाले अवशेषों और राख को कब्जे में लेकर मृतका के परिजनों के साथ उनका डीएनए टेस्ट कराया जाएगा ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता वैज्ञानिक सबूत पेश किए जा सकें। मामले की विस्तृत जांच जारी है।


















