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बुरहानपुर की ताप्ती मिल बंद होने से साढ़े आठ सौ परिवारों पर गहराया संकट, शादी-ब्याह भी थमेमध्य प्रदेश
24 जुल॰ 2026, 2:41 pm (97 दिन पहले)· 1

बुरहानपुर की ताप्ती मिल बंद होने से साढ़े आठ सौ परिवारों पर गहराया संकट, शादी-ब्याह भी थमे

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में छह साल से बंद पड़ी ताप्ती मिल के कारण सैकड़ों कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और युवाओं के रिश्ते टूटने लगे हैं।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लालबाग क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक ताप्ती मिल के बंद होने से सैकड़ों परिवारों के जीवन में अंधेरा छा गया है। इस मिल का संचालन राष्ट्रीय कपड़ा निगम यानी एनटीसी द्वारा किया जाता था, जहां साढ़े आठ सौ से अधिक मजदूर अपनी आजीविका कमाते थे। साल 2020 में आई कोरोना महामारी के बाद से ही इस मिल में कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। पिछले छह वर्षों से मिल का ताला न खुलने के कारण यहां काम करने वाले श्रमिकों को बेहद कठिन और कष्टदायक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

रोजगार छिनने से टूटने लगे युवाओं के रिश्ते

मिल बंद होने का असर न केवल मजदूरों के घरों के चूल्हे पर पड़ा है, बल्कि इसका बहुत गहरा सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। यहां काम करने वाले कई युवा कर्मचारियों के विवाह और रिश्ते पूरी तरह खटाई में पड़ गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मिल चालू रहने के दौरान जिन युवाओं के विवाह तय हो चुके थे, मिल बंद होते ही उनके रिश्ते टूट गए। रोजगार न होने के कारण अब इन युवाओं के लिए नए रिश्ते भी नहीं आ रहे हैं, जिससे परिवारों की चिंताएं बहुत अधिक बढ़ गई हैं। घर का सामान्य खर्च चलाना भी अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

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आधा लालबाग क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से था निर्भर

इस औद्योगिक इकाई की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे लालबाग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी पर टिकी हुई थी। मिल के एक अनुभवी कर्मचारी संतोष ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा, "आधा लालबाग क्षेत्र इसी मिल पर निर्भर था और अब हमारे परिवारों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है।" संतोष के अनुसार, समय पर वेतन न मिलने और काम पूरी तरह बंद होने से साढ़े आठ सौ परिवारों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। स्थानीय लोगों ने शासन और प्रशासन से इस गंभीर मानवीय समस्या पर तत्काल ध्यान देने और मिल को दोबारा शुरू करने की गुहार लगाई है ताकि क्षेत्र में फिर से खुशहाली लौट सके।

सुरक्षा गार्डों को साल भर से नहीं मिला वेतन

मिल बंद होने के बावजूद इसकी संपत्ति और मशीनरी की सुरक्षा के लिए अभी भी 20 सुरक्षा गार्ड चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। ये गार्ड पूरी निष्ठा से मिल की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन इन्हें भी पिछले 12 महीनों से वेतन का एक भी पैसा नहीं मिला है। एक साल से बिना वेतन के काम कर रहे इन सुरक्षा गार्डों के परिवारों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। अब कर्मचारी और उनके संगठन मिलकर जिम्मेदार अधिकारियों से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

प्रबंधन ने दिया जल्द भुगतान का भरोसा

जब इस पूरे मामले को लेकर मिल प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्थिति को जल्द सुधारने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों के लंबित पड़े वेतन में से फिलहाल दो महीने के वेतन के भुगतान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही कागजी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी और कर्मचारियों के खातों में दो महीने का रुका हुआ वेतन भेज दिया जाएगा। हालांकि, कर्मचारी पूरी मिल को फिर से चालू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

सवाल-जवाब

बुरहानपुर की ताप्ती मिल का संचालन कौन करता है?
इस मिल का संचालन नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन (एनटीसी) द्वारा किया जाता है।
ताप्ती मिल कितने समय से और क्यों बंद पड़ी है?
यह मिल कोरोना महामारी के समय से यानी पिछले 6 वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ी है।
इस मिल के बंद होने से कितने मजदूर प्रभावित हुए हैं?
मिल बंद होने से साढ़े आठ सौ (850) से अधिक मजदूरों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है।
सुरक्षा गार्डों की वर्तमान शिकायत क्या है?
मिल की सुरक्षा में लगे 20 गार्डों को पिछले 12 महीनों से उनका वेतन नहीं मिला है।
वेतन भुगतान को लेकर मिल प्रबंधन का क्या कहना है?
प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने कर्मचारियों के दो महीने के वेतन के भुगतान के लिए पत्राचार किया है, जो जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।
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