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बुवाई से पहले घर पर परखें अपना बीज, सागर KVK के वैज्ञानिक ने बताया जूट बोरी वाला आसान वैज्ञानिक तरीकामध्य प्रदेश
18 जून 2026, 12:06 pm (86 दिन पहले)· 3

बुवाई से पहले घर पर परखें अपना बीज, सागर KVK के वैज्ञानिक ने बताया जूट बोरी वाला आसान वैज्ञानिक तरीका

मध्य प्रदेश में मानसून से पहले किसान घर पर भीगी जूट की बोरी में बीज रखकर अंकुरण जांच कर सकते हैं। सागर कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. के.एस. यादव के अनुसार 70 से अधिक दानों में अंकुरण आए तो बीज उत्तम गुणवत्ता का है।

मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की आमद बस दरवाजे पर है। पहली अच्छी बारिश होते ही जैसे ही जमीन तीन से चार इंच तक भीग जाएगी, किसान भाई बुवाई का काम शुरू कर देंगे। लेकिन इस खरीफ सीजन में एक बड़ी परेशानी सामने आई है कि बाजार में सोयाबीन के बीज की भारी कमी है और जो बीज मिल भी रहा है वह बेहद महंगे दामों पर बिक रहा है। ऐसे में बहुत से किसान भाई पिछले साल घर में रखे हुए बीज से बुवाई करने की सोच रहे हैं। लेकिन यहीं पर सबसे बड़ा जोखिम है। अगर वह बीज ठीक से अंकुरित नहीं हुआ तो पूरी बुवाई बर्बाद होगी और फिर से बीज तथा खाद खरीदकर बोना पड़ेगा। इससे किसान की लागत दोगुनी हो जाती है जो उनके लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका होता है।

डॉ. के.एस. यादव की सलाह: मानसून से पहले का वक्त है बीज जांच का सही मौका

सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. के.एस. यादव का कहना है कि मानसून आने से पहले जो समय हाथ में है उसका सबसे अच्छा उपयोग यही है कि बीज की गुणवत्ता परख ली जाए। उनकी सलाह है कि चाहे सोयाबीन हो, उड़द हो, मक्का हो, मूंग हो, तिल हो, धान हो या अरहर हो, जो भी फसल बोनी हो उसका बीज पहले इकट्ठा करें। बीज खरीदते समय उन्नत और प्रमाणित किस्म को प्राथमिकता दें। कृषि संस्थानों से मिलने वाले फाउंडेशन बीज या प्रमाणित बीज पहले से ही परीक्षित होते हैं इसलिए उनके बारे में चिंता कम होती है। लेकिन घर पर रखा हुआ बीज अलग मामला है और उसकी जांच किसान को खुद करनी होगी।

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घर पर जूट की बोरी से करें बीज का टेस्ट

जो किसान भाई बिना खेत गए अपने घर पर ही बीज की परख करना चाहते हैं उनके लिए डॉ. यादव ने एक बेहद सरल तरीका बताया है। एक जूट की बोरी लें और उसे पानी में पूरी तरह भिगो लें। अब जिस बीज की जांच करनी हो उसमें से रैंडमली एक मुट्ठी दाने उठाएं, उन्हें गिनें और उस भीगी हुई बोरी के अंदर रख दें। कुछ दिन बाद देखें कि उनमें से कितने दाने अंकुरित हो चुके हैं। इस नमूने में जो अंकुरण का अनुपात दिखेगा, वही आपके पूरे बीज स्टॉक की असली गुणवत्ता बता देगा।

खेत में 500 दानों की पंक्ति लगाकर भी होती है जांच

जो किसान सीधे खेत में बीज परीक्षण करना चाहते हों उनके लिए भी एक व्यावहारिक विधि है। अच्छे दाने छांटकर उनमें से 500 दाने अलग करें और उन्हें 100-100 दानों की 5 पंक्तियों में बोएं। जब ये दाने अंकुरित होंगे तो उनकी गिनती से सटीक अंकुरण प्रतिशत पता चल जाएगा और उसी आधार पर मुख्य बुवाई की योजना बनाई जा सकती है।

अंकुरण का नतीजा देखकर तय करें बीज की मात्रा

डॉ. यादव बताते हैं कि अगर जांचे गए बीजों में 70 से अधिक दानों में अंकुरण आ रहा है तो समझिए कि आपका बीज उत्तम है और उसे भरोसे के साथ खेत में बोया जा सकता है। ऐसे अच्छे बीज की बुवाई दर 75 से 80 किलो प्रति हेक्टेयर यानी 35 किलो प्रति एकड़ तय की गई है। अगर जांच में पता चले कि अंकुरण सिर्फ 60 या 65 दानों तक ही हो रहा है तो उस बीज को फेंकने की जरूरत नहीं है। बस उसी अनुपात में बीज की मात्रा 20 से 25 प्रतिशत बढ़ा दें। इस तरकीब से कम अंकुरण वाले बीज से भी खेत में पर्याप्त पौधे उगाए जा सकते हैं।

बुवाई शुरू करने से पहले बीज उपचार जरूर करें

डॉ. यादव का जोर इस बात पर भी है कि केवल अंकुरण जांच से काम नहीं चलेगा। बुवाई से पहले बीज उपचार यानी सीड ट्रीटमेंट करना अनिवार्य है। इससे बीज जनित रोगों और मिट्टी में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं से फसल को शुरुआत से ही सुरक्षा मिलती है और अंकुरण भी एकसमान और मजबूत होता है।

सवाल-जवाब

घर पर बीज की जांच कैसे की जाती है?
एक जूट की बोरी को पानी में भिगोएं, उसमें गिनकर रैंडमली बीज रखें और कुछ दिन बाद देखें कि कितने दाने अंकुरित हुए।
अच्छे बीज में कम से कम कितने दानों का अंकुरण होना चाहिए?
डॉ. के.एस. यादव के अनुसार 70 से अधिक दानों में अंकुरण आए तो बीज अच्छी गुणवत्ता का माना जाता है।
अगर बीज का अंकुरण 60 या 65 ही हो तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में बीज की मात्रा 20 से 25 प्रतिशत बढ़ाकर बुवाई करें ताकि खेत में पर्याप्त पौधे निकल सकें।
सोयाबीन की बुवाई के लिए प्रति एकड़ कितने किलो बीज चाहिए?
अच्छे बीज के लिए 35 किलो प्रति एकड़ यानी 75 से 80 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई होती है।
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