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चुमौकेदिमा में तीसरे मेड इन नागालैंड केंद्र का शुभारंभ, स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजारनागालैंड
9 सित॰ 2026, 4:43 pm (22 दिन पहले)· 2

चुमौकेदिमा में तीसरे मेड इन नागालैंड केंद्र का शुभारंभ, स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने चुमौकेदिमा स्थित यूथनेट में तीसरे 'मेड इन नागालैंड' केंद्र का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ना है।

नागालैंड के स्थानीय कारीगरों, उत्पादकों और नए उद्यमियों को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से चुमौकेदिमा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने मंगलवार को चुमौकेदिमा स्थित यूथनेट परिसर में तीसरे 'मेड इन नागालैंड' केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। यह नया केंद्र राज्य के पारंपरिक ज्ञान और स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक बाजारों से जोड़ने का काम करेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के टिकाऊ अवसर पैदा होंगे।

पारंपरिक शिल्प और स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा व्यापारिक मंच

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल नंद किशोर यादव ने नागालैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उद्योगों की व्यावसायिक क्षमताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में हथकरघा, वस्त्र उद्योग, स्वदेशी हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, पारंपरिक खाद्य सामग्री और कलात्मक कृतियों की भारी मांग है। राज्यपाल के अनुसार, यदि इन स्थानीय संसाधनों को बेहतर बाजार संपर्क और बिक्री केंद्र उपलब्ध कराए जाएं, तो इन्हें आय के एक स्थायी और मजबूत साधन में बदला जा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और स्थानीय कारीगरों को अपनी कला का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

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81 से 350 उद्यमियों तक पहुंचा मेड इन नागालैंड का दायरा

मेड इन नागालैंड पहल की पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि इस मंच की परिकल्पना स्थानीय उत्पादकों और बड़े बाजारों के बीच मौजूद दूरी को समाप्त करने के लिए की गई थी। उन्होंने इस मंच को सशक्त बनाने में यूथनेट की भूमिका की सराहना की। गवर्नर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2018 में कोहिमा में पहले मेड इन नागालैंड केंद्र की शुरुआत मात्र 81 उद्यमियों के साथ हुई थी। बीते वर्षों में इस अभियान का निरंतर विस्तार हुआ है और आज नागालैंड के विभिन्न जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 350 उद्यमी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, जो करीब 600 उत्पाद ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं।

युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय जॉब क्रिएटर बनने का आह्वान

राज्यपाल नंद किशोर यादव ने राज्य के युवाओं से पारंपरिक रोजगार खोज की मानसिकता से बाहर निकलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार अपनाकर दूसरों के लिए नौकरियां पैदा करने वाला बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का लाभ विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और ग्रामीण समुदायों को मिलेगा। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि मेड इन नागालैंड की वास्तविक सफलता इस बात में निहित है कि यह स्थायी उद्यम कैसे स्थापित करता है, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण कितना करता है और नागालैंड के पारंपरिक कौशल को संरक्षित करते हुए स्थानीय उत्पादों को राज्य की सीमाओं से बाहर कहां तक पहुंचाता है।

यूथनेट का सफर और तीसरे केंद्र की स्थापना

कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सलाहकार और यूथनेट की संस्थापक हेकानी जाखालू ने संस्था के प्रयासों और मेड इन नागालैंड के विकास यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में यूथनेट का गठन युवाओं में उद्यमिता के प्रति दृष्टिकोण बदलने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि वे केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर न रहकर स्वयं का व्यवसाय शुरू करें। जाखालू ने बताया कि पहला मेड इन नागालैंड केंद्र 2018 में कोहिमा में स्थापित हुआ था और चुमौकेदिमा में शुरू हुआ यह नया केंद्र इस पहल के तहत स्थापित तीसरा प्रमुख व्यापारिक परिसर है।

सवाल-जवाब

चुमौकेदिमा में नए मेड इन नागालैंड केंद्र का उद्घाटन किसने किया?
नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने मंगलवार को चुमौकेदिमा स्थित यूथनेट परिसर में इस तीसरे केंद्र का आधिकारिक उद्घाटन किया।
मेड इन नागालैंड पहल से इस समय कितने उद्यमी और उत्पाद जुड़े हैं?
इस पहल के तहत वर्तमान में लगभग 350 उद्यमी जुड़े हुए हैं, जो नागालैंड के विभिन्न जिलों के लगभग 600 उत्पाद पेश करते हैं।
पहला मेड इन नागालैंड केंद्र कब और कहां शुरू किया गया था?
पहला मेड इन नागालैंड केंद्र वर्ष 2018 में कोहिमा में स्थापित किया गया था, जिसमें शुरुआती दौर में 81 उद्यमी शामिल थे।
यूथनेट संस्था की स्थापना किस वर्ष और किस उद्देश्य से की गई थी?
यूथनेट की स्थापना वर्ष 2006 में हेकानी जाखालू द्वारा युवाओं को सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई थी।
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