प्रतिबंधित घातक हथियारों की अवैध आपूर्ति करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने एक फरार आरोपी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह पूरा मामला नागालैंड से बिहार तक अत्याधुनिक एके-47 राइफलों की तस्करी की साजिश से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी लगातार ऐसे संदिग्ध नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है जो देश के अलग-अलग राज्यों में गैरकानूनी हथियारों की खेप पहुंचाने का काम कर रहे थे।
वैशाली में देर रात छापेमारी और जब्ती
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान संदीप कुमार सिन्हा के रूप में हुई है। एनआईए ने 29 अक्टूबर को रात लगभग 10.30 बजे बिहार के वैशाली जिले के टाउन थाना क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर उसे हिरासत में लिया। इस कार्रवाई की औपचारिक जानकारी एनआईए की 30 अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सामने आई। गिरफ्तारी के दौरान जांच अधिकारियों ने संदीप के कब्जे से एक नेक्सॉन कार, कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड बरामद कर जब्त किए हैं। एजेंसी इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए तस्करी सिंडिकेट के अन्य संपर्कों को खंगालने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की साजिश
जांच एजेंसी के आरोपों के अनुसार, संदीप कुमार सिन्हा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में एके-47 जैसी प्रतिबंधित बोर की अत्याधुनिक राइफलों की तस्करी की आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश का मकसद सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर रूप से बिगाड़ना और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करना था। पूर्वोत्तर से हथियारों की तस्करी कर बिहार के आपराधिक या संदिग्ध तत्वों तक पहुंचाने की इस कड़ी को सुरक्षा एजेंसियां बेहद संवेदनशील मान रही हैं।
मुजफ्फरपुर के मुर्घटिया पुल से शुरू हुआ था मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत 7 मई 2024 को हुई थी, जब बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की फकुली पुलिस ने मुर्घटिया पुल के पास से लेंस लगी एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए थे। हथियार बरामदगी के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता, अंतरराज्यीय फैलाव और आतंकी या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली और 5 अगस्त 2024 को इसे आरसी-11/2024/एनआईए/डीएलआई के तहत दोबारा दर्ज किया।
कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट और पहले हुई गिरफ्तारियां
जांच आगे बढ़ने के साथ ही एनआईए ने भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत कई आरोपियों के खिलाफ अदालत में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल किए। अपनी पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट में एजेंसी ने विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी को नामजद किया था। बाद के आरोप पत्रों में मंजूर खान और कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के नाम शामिल किए गए। इससे पहले एजेंसी ने अगस्त 2026 में इसी मामले के सिलसिले में एक अन्य आरोपी भैरव त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया था। संदीप सिन्हा की हालिया गिरफ्तारी से जांच एजेंसी को उम्मीद है कि वह अंतरराज्यीय सीमाओं के पार हथियारों की तस्करी के इस संगठित ढांचे की अंतिम कड़ियों तक पहुंच सकेगी।



















