वर्मीकंपोस्टिंग से स्वरोजगार की राह, कम बजट और साठ दिनों के चक्र में नियमित आमदनीचुनाव आयोग पर बरसे राहुल गांधी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठाई मांगनॉर्जेस बैंक ने नीतिगत दर बढ़ाकर 4.5% की, वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसलों और ट्रंप-शी बैठक पर बाजार की नजरअदालत ने वापस ली पचास हजार रुपये की पेनल्टी, स्टाफ को चाय और समोसा परोसने का दिया निर्देशकर्ज पूरा चुकाने पर भी क्या बैंक रोक सकता है गिरवी रखा सोना, जानिए कानूनी अधिकारदिल्ली लक्ष्मी योजना में मासिक ₹2,500 के लिए बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण और पर्यावरण शपथ अनिवार्यकॉनकॉर्ड बायोटेक का पहला 1:1 बोनस शेयर ऐलान, हर एक शेयर पर मिलेगा एक अतिरिक्त शेयरमहादेव सट्टेबाजी मामले में सीबीआई की कार्रवाई, दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर धराया अभिषेक कुमारफ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज़ में आईफोन 17 पर बड़ा डिस्काउंट, 80,000 रुपये से कम में खरीदने का मौकाट्रेन में तेज शोर और अनियंत्रित बर्ताव पर शिवश्री स्कंदप्रसाद ने जताई चिंता, पब्लिक स्पेस में सिविक सेंस पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग पर बरसे राहुल गांधी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठाई मांगभारत
24 सित॰ 2026, 6:37 pm (30 मिनट पहले)· 1

चुनाव आयोग पर बरसे राहुल गांधी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठाई मांग

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर तीखे सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की चुनावी व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है। ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि बांग्लादेश युद्ध में विजय हासिल करने के ठीक एक वर्ष बाद भी तत्कालीन सरकार और इंदिरा गांधी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर देखने को मिली थी। उनका तर्क है कि लोकतंत्र में जनभावनाओं और सत्ता विरोधी माहौल का चुनावी नतीजों में न दिखना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

चुनावी प्रक्रिया और नतीजों पर उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में मौजूदा सरकार के खिलाफ असंतोष होने के बाद भी परिणाम लगातार एक ही राजनीतिक दल के पक्ष में आ रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया और उन पर व्यवस्था में धांधली करने का आरोप लगाते हुए उन्हें देशद्रोही करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। दूसरी तरफ, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आयोग में मौजूद अन्य दो सदस्यों ने सराहनीय काम किया है और संस्था के भीतर से भी चिंताएं सामने आई हैं।

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हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात के नतीजों का उल्लेख

चुनावी रुझानों का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि हर लोकतांत्रिक समाज में एंटी-इंकंबेंसी स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा होती है। इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जनता एक निश्चित समयावधि के बाद सत्ता के खिलाफ खड़ी होती है और यह प्रभाव विभिन्न राज्यों तथा सभी दलों पर लागू होता रहा है। हालांकि, उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी के दौर में हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख राज्यों के भीतर यह सत्ता विरोधी लहर परिणामों से बिल्कुल नदारद दिखती है। उन्होंने सवाल किया कि जमीनी असंतोष के बावजूद इन राज्यों में सत्ता विरोधी रुझान अचानक कैसे गायब हो जाता है।

संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे पर प्रहार का आरोप

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि यह विवाद केवल किसी एक सीट की हार-जीत या कुछ वोटों के नुकसान का नहीं है, बल्कि देश के पूरे लोकतांत्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर और संविधान की बुनियाद पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम और मतदाता सूचियों में हेरफेर के जरिए चुनावी खेल को प्रभावित किया जा रहा है और 2024 के आम चुनावों में भी वोटों की हेराफेरी हुई। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि यदि इस संस्थागत धांधली और गड़बड़ी पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो मतदाता इस तंत्र को कभी माफ नहीं करेगा क्योंकि संविधान ने नागरिकों को मतदान की जो शक्ति दी है, उसी पर सीधा आघात किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर क्या आरोप लगाए हैं?
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली करने का आरोप लगाते हुए उन्हें देशद्रोही करार दिया और इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी और बांग्लादेश युद्ध का उदाहरण क्यों दिया?
उन्होंने यह समझाने के लिए उदाहरण दिया कि ऐतिहासिक विजय के बाद भी सरकारों के खिलाफ स्वाभाविक सत्ता विरोधी लहर होती है, जो हाल के चुनावों में गायब दिख रही है।
राहुल गांधी ने किन राज्यों के चुनावी नतीजों का हवाला दिया?
उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद परिणाम आश्चर्यजनक रहे हैं।
चुनाव आयोग के अन्य सदस्यों को लेकर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि आयोग के अन्य दो सदस्यों ने सराहनीय काम किया है और संस्था के भीतर से भी सवाल उठे हैं।
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