दिल्ली के कन्हैया नगर मेट्रो स्टेशन के समीप बहने वाली मुनक नहर का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है। व्यापक स्तर पर चलाए गए एक विशेष महा स्वच्छता अभियान के बाद इस नहर के आसपास जमा मलबे और कचरे को पूरी तरह हटा दिया गया है। इस सफाई कार्य के दौरान नहर की गहराई से एक विशालकाय शिवलिंग के साथ-साथ सैकड़ों अन्य धार्मिक मूर्तियां भी बरामद की गई हैं। यह कदम जल संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्वच्छता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कीचड़ और कूड़े के ढेर से निकले धार्मिक प्रतीक
नहर के भीतर जमे सालों पुराने मलबे और गंदगी को हटाते समय सफाईकर्मियों को एक अत्यंत भारी वस्तु दिखाई दी। जब उसे सावधानीपूर्वक कीचड़ से बाहर निकाला गया, तो वह लगभग 30 से 35 किलो वजन का एक बड़ा शिवलिंग निकला। इस अभियान में शामिल संस्था के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह पवित्र शिवलिंग काफी लंबे समय से भारी कचरे के ढेर के नीचे दबा हुआ था। इसके अलावा अभियान के दौरान पानी के भीतर से लगभग 400 से 500 छोटी-बड़ी खंडित मूर्तियां और अन्य पूजनीय सामग्रियां भी बाहर निकाली गईं, जिन्हें लोगों ने पहले विसर्जित कर दिया था। इस सफाई के बाद नहर में पानी का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित हो सकेगा और कन्हैया नगर क्षेत्र के निवासियों को जलभराव तथा दुर्गंध से मुक्ति मिलेगी।
विभिन्न विभागों और स्वयंसेवकों का अनूठा तालमेल
इस बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए स्वच्छता अभियान को पूरा करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों और एक प्रमुख सामाजिक संगठन ने हाथ मिलाया। वजीरपुर स्थित स्वस्ति दास सेवा संस्थान (SDSS) के करीब 250 से अधिक उत्साही युवा स्वयंसेवकों ने इस श्रमदान में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। वहीं, इस काम को जमीनी स्तर पर मशीनी सहयोग देने के लिए MCD के 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अत्याधुनिक क्रेन और डंपर मशीनों के साथ मुस्तैद रहे। नहर की इस विशेष सफाई और बहाली कार्य में PWD विभाग की टीम ने भी अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया, जिससे यह जटिल सफाई कार्य सुगमता से संपन्न हो सका।
जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर बड़ी अपील
स्वस्ति दास सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष विनय दास ने इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था द्वारा पिछले छह महीनों की अवधि में मुनक नहर को साफ करने का यह चौथा बड़ा प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नहर से भौतिक कचरा हटाना ही नहीं है, बल्कि स्थानीय जनता के बीच हमारे बहुमूल्य जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति गहरी संवेदनशीलता और जागरूकता पैदा करना भी है। सफाई अभियान के संपन्न होने के बाद अब यह संपूर्ण क्षेत्र काफी स्वच्छ दिखने लगा है। इस बीच, MCD के केशवपुरम जोन के उपायुक्त मोहन बंसल ने स्थानीय नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे इस साफ की गई नहर में भविष्य में फिर से कोई कचरा, भवन निर्माण का मलबा या धार्मिक पूजा सामग्री न डालें, ताकि जल की शुद्धता और स्वच्छता को बरकरार रखा जा सके।














