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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं की रिहाई, कोर्ट ने जंतर-मंतर जाने पर लगाई रोकदिल्ली
11 अक्तू॰ 2026, 10:26 am (19 दिन पहले)· 1

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं की रिहाई, कोर्ट ने जंतर-मंतर जाने पर लगाई रोक

एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं को हिरासत से मुक्त करने का निर्देश दिया है, लेकिन उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।

राजधानी दिल्ली में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने रविवार 11 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत से रिहा करने का आदेश जारी किया। हालांकि, अदालत ने राहत देने के साथ ही एक सख्त शर्त भी जोड़ी है कि तीनों नेता जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने नहीं जा सकेंगे।

विमान से उतरते ही हुई थी हिरासत की कार्रवाई

यह पूरा मामला शनिवार 10 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जब दिल्ली पुलिस ने इन तीनों नेताओं को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर विमान के भीतर से ही हिरासत में ले लिया था। अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास मुंबई से दिल्ली आ रहे थे ताकि राजधानी में आयोजित हो रहे पार्टी के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले सकें। इस धरपकड़ के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया था।

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पुलिस कमिश्नर को पत्र और पेशी

नेताओं को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस से अपने नेताओं की स्थिति को लेकर जवाब मांगा था और पुलिस कमिश्नर को औपचारिक पत्र लिखकर जानकारी चाही थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रविवार को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें रिहा करने का फैसला सुनाया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान जारी

संगठन की ओर से जंतर-मंतर चलो का आह्वान किया गया था, जिसके चलते राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अदालत के आदेश के बाद तीनों नेताओं को राहत तो मिल गई है, लेकिन जंतर-मंतर पर जाने की पाबंदी के कारण वे धरना स्थल पर नहीं पहुंच सकेंगे।

सवाल-जवाब

अदालत ने किन नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया?
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करने का आदेश दिया।
तीनों नेताओं को कब और कहां से हिरासत में लिया गया था?
उन्हें शनिवार 10 अक्टूबर को दिल्ली के IGI हवाई अड्डे पर मुंबई से आए विमान से ही हिरासत में लिया गया था।
कोर्ट ने रिहाई के साथ क्या शर्त रखी है?
अदालत ने उन्हें हिरासत से तो छोड़ दिया है, लेकिन जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में जाने की इजाजत नहीं दी है।
नेताओं की हिरासत के बाद उनकी पार्टी ने क्या कदम उठाया था?
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·18 दिन पहले

फिल्मी ड्रामे जैसी एंट्री थी इनकी एयरपोर्ट पर, सीधे विमान से उठा लिया गया। अब कोर्ट ने छोड़ तो दिया है लेकिन जंतर-मंतर जाने से रोक दिया, तो फिर प्रोटेस्ट का फायदा ही क्या हुआ?

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

अभिजीत, आशुतोष और सौरव को विमान से उतरते ही पकड़ लिया गया, ये तो अजीब था। पर अदालत ने जंतर-मंतर जाने पर रोक क्यों लगाई, जबकि रिहाई भी दे दी? क्या सिर्फ उनके वहाँ पहुँचने से ही शांति व्यवस्था को इतना बड़ा खतरा मान लिया गया?

Li Wei@li-wei·18 दिन पहले

अर्जुन, आपकी बात सही है। पर क्या पुलिस के पास ऐसा कोई पुख्ता सबूत था कि इनके जाने से वाकई दंगा भड़क सकता था?

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

अरे वाह! फ्लाइट से उतरते ही सीधे हिरासत में ले लिया, ये गजब ड्रामा है। रिहाई तो मिल गई पर जंतर-मंतर जाने से रोक दिया, मतलब आधे रास्ते में ही लटका दिया।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन भाई, धारा 144 और एहतियातन हिरासत का यही खेल होता है। विमान से सीधे थाने ले जाना थोड़ा ज्यादा हो गया, पर कोर्ट ने संतुलन बनाने की कोशिश की है।

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