पर्वों के आगमन के साथ ही मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों में बढ़ती मिलावट की रोकथाम के लिए राजधानी में व्यापक प्रशासनिक अभियान शुरू कर दिया गया है। विशेष निरीक्षण दस्तों ने बुधवार को विभिन्न व्यापारिक केंद्रों पर औचक दबिश देकर कुल 948.9 लीटर संदिग्ध घी अपने कब्जे में लिया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान कई खुदरा और थोक प्रतिष्ठानों से गुणवत्ता परीक्षण के वास्ते 15 अलग-अलग नमूने प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं। प्रशासनिक प्रमुख रेखा गुप्ता ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मिलावट के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संबंधित विभाग में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा तथा फील्ड कर्मचारियों की संख्या में भी शीघ्र विस्तार होगा।
तीन प्रमुख बाजारों में पुलिस बल के साथ संयुक्त दबिश
जांच अधिकारियों की अलग-अलग टुकड़ियों ने बुधवार को भोगल मार्केट, नजफगढ़ मार्केट और शिव विहार इलाके में एक साथ छापा मारा। आंकड़े बताते हैं कि भोगल के व्यापारिक ठिकानों से सर्वाधिक 389.9 लीटर घी कब्जे में लिया गया, जबकि नजफगढ़ के बाजारों से 338 लीटर की बरामदगी हुई। इसी तरह शिव विहार क्षेत्र में स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से चलाए गए अभियान में 221 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया। इस समूची धरपकड़ के दौरान भोगल और नजफगढ़ के केंद्रों से एकत्र किए गए कुल 15 नमूनों को अधिकृत रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला रवाना किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण के अंतिम नतीजे सामने आने के बाद संलिप्त व्यापारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
साल भर चलेगा सघन अभियान और हेल्पलाइन की व्यवस्था
निरीक्षण प्रक्रिया को गति देने के लिए खाद्य सुरक्षा तंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। फील्ड स्टाफ की संभावित कमी को पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार अन्य सरकारी विभागों के मानव संसाधन को भी इस कार्य में शामिल किया जाएगा, ताकि छापेमारी और निगरानी निरंतर जारी रह सके। सरकार की ओर से यह भी साफ किया गया है कि यह निगरानी केवल त्योहारों के समय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे वर्ष नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण होते रहेंगे। इसमें किसी भी छोटे दुकानदार अथवा नामचीन ब्रांडेड कंपनी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए कार्यदिवसों के आधिकारिक समय में 1800-11-3921 नंबर की एक विशेष टेलीफोन हेल्पलाइन उपलब्ध कराई गई है, जिस पर एक्सपायर्ड या मिलावटी सामान की सीधी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
निहाल विहार में अवैध कारखानों पर दबिश और उत्पाद नष्ट
इससे पूर्व की एक योजनाबद्ध कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निहाल विहार की गलियों में 13 संदिग्ध ठिकानों की पड़ताल की थी। इस कार्रवाई के तहत कुल 402 किलोग्राम दूषित खाद्य वस्तुओं को तत्काल प्रभाव से नष्ट करवाया गया। नष्ट की गई सामग्रियों में 265 किलोग्राम तैयार रसगुल्ले, 45 किलोग्राम छेना, 80 किलोग्राम मिल्क केक और 12 किलोग्राम कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल शामिल था। निरीक्षण दल ने वहां बिना वैध लाइसेंस के चलाई जा रही कई अनधिकृत निर्माण इकाइयों, मिष्ठान्न निर्माताओं और दुकानों की पड़ताल की। इस दौरान विभिन्न इकाइयों से 14 नमूने जांच के लिए उठाए गए, जिनमें छेने के छह, रसगुल्ले व मिल्क केक के दो-दो तथा बेसन लड्डू, मोतीचूर लड्डू, पनीर और रसभरी का एक-एक सैंपल शामिल था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 26 अगस्त को पूर्व में की गई एक कोशिश के समय व्यापारियों ने अपने शटर गिरा दिए थे और टीम महज तीन ठिकानों तक पहुंच सकी थी। इस बाधा से सबक लेते हुए इस बार सार्वजनिक अवकाश के दिन का चयन किया गया और अनेक गलियों को एक साथ घेरकर औचक कार्रवाई पूरी की गई।
मोरी गेट खोया मंडी में सड़े हुए माल का निस्तारण
राजधानी के थोक व्यापारिक केंद्र मोरी गेट की खोया मंडी में भी एक पृथक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को लावारिस दशा में पड़ा भारी स्टॉक मिला। जांचकर्ताओं को मौके पर 370 किलोग्राम खोया और 150 किलोग्राम छेना अत्यंत दुर्गंधयुक्त और सड़ी हुई स्थिति में प्राप्त हुआ। जनस्वास्थ्य के लिए खतरे को भांपते हुए अधिकारियों ने तुरंत 520 किलोग्राम सड़े हुए खोए और छेने को नष्ट करवा दिया। इस स्थान से भी प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए खोए के तीन अतिरिक्त नमूने सुरक्षित रखे गए। उल्लेखनीय है कि पूर्व में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान 4 सितंबर को इसी विशिष्ट बाजार से लगभग 3,050 किलोग्राम दूषित पनीर और खोया नष्ट किया गया था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सभी रिपोर्टों की समीक्षा के उपरांत दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई निश्चित की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि मिठाइयों की शुद्धता जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ी है और मुनाफे की खातिर नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
























