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दिल्ली मेट्रो में सीट के विवाद पर हमले के बाद घायल 48 वर्षीय पवन शर्मा की अस्पताल में मौतदिल्ली
11 अक्तू॰ 2026, 8:07 pm (18 दिन पहले)· 1

दिल्ली मेट्रो में सीट के विवाद पर हमले के बाद घायल 48 वर्षीय पवन शर्मा की अस्पताल में मौत

दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिक सीट को लेकर हुई तीखी बहस और मारपीट में घायल 48 वर्षीय पवन शर्मा ने एलएनजेपी अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके वकील बेटे सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली मेट्रो के भीतर वरिष्ठ नागरिक सीट को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद एक व्यक्ति की जान जाने के साथ बेहद दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के अंदर 8 अक्टूबर को हुई हाथापाई में गंभीर रूप से चोटिल हुए 48 वर्षीय पवन शर्मा ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।

सीट खाली करने को लेकर उपजा था विवाद

यह पूरा मामला चलती ट्रेन में बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ। दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट के विवरण के अनुसार, 48 वर्षीय पवन शर्मा अपनी बुजुर्ग मां दुर्गा शर्मा के साथ मेट्रो में सफर कर रहे थे और दोनों वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठे हुए थे। जब ट्रेन सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर रुकी, तो वहां से दो यात्री कोच के भीतर दाखिल हुए। इनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल था और दूसरा एक युवा लड़का था।

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कोच में कदम रखते ही इन दोनों व्यक्तियों ने सीट को लेकर बेहद कड़े और आक्रामक लहजे में बात करना शुरू कर दिया। उन्होंने पवन शर्मा और उनकी मां से तुरंत वह सीट खाली करने को कहा। इस बर्ताव पर पवन शर्मा ने उन्हें शांत करने की कोशिश की और कहा कि वे इस तरह बदतमीजी से बात न करें, वे सीट छोड़ देते हैं। इसके बाद जब पवन शर्मा सीट से खड़े हो रहे थे, तब उन्होंने कह दिया कि अब लेटकर चले जाना। इस टिप्पणी को सुनते ही स्थिति तेजी से हिंसक झड़प में बदल गई।

कोच के फर्श पर गिरे, सिर में आई थी गंभीर चोट

एफआईआर के अनुसार, पवन के उठते ही बुजुर्ग व्यक्ति ने आपा खो दिया और उनका कॉलर पकड़कर उनके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। जब पवन शर्मा ने इस अचानक हुए शारीरिक हमले का विरोध किया, तो बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मौजूद लड़के ने पवन का गला पकड़ लिया और उनकी छाती पर ताबड़तोड़ कई मुक्के मारे। इस गंभीर हमले के दौरान पवन को तेज धक्का भी दिया गया, जिससे वे संतुलन खोकर मेट्रो कोच के फर्श पर जा गिरे। फर्श पर गिरने से उनके सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लग गई और वे मौके पर ही बेहोश हो गए।

यात्रियों और कोच के हालात को देखते हुए मेट्रो कर्मचारियों ने तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाई। पवन शर्मा को एंबुलेंस की मदद से फौरन एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और वकील बेटे पर मामला दर्ज

इस दुखद घटना के बाद मृतक की मां दुर्गा शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105(3)(5) के तहत दर्ज किया गया है।

जांच में आरोपियों की पृष्ठभूमि से जुड़े विवरण भी सामने आए हैं। मामले में नामजद बुजुर्ग आरोपी संजय प्रताप पूर्व में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। पूर्व प्रशासनिक सेवा के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस समय की गई जांच में पूर्व आईएएस अधिकारी के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ था। वहीं, उनके साथ मौजूद दूसरा आरोपी सिद्धार्थ सिंह उनका बेटा है, जो सुप्रीम कोर्ट में वकालत करता है।

स्टेशन परिसर में पहले भी सामने आ चुके हैं असामान्य मामले

दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के परिसरों में सुरक्षा और अप्रिय घटनाओं से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इससे पूर्व इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के महिला शौचालय में एक शव फंदे से लटका हुआ मिलने पर भारी हड़कंप मच गया था। बाद में मृतक की शिनाख्त शौचालय के केयरटेकर के रूप में हुई थी, जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी। पुलिस अधिकारियों ने उस घटना में आशंका जताई थी कि शव बरामद होने से लगभग दो दिन पहले ही उस व्यक्ति की मौत हो चुकी थी, क्योंकि तलाशी के दौरान परिसर में तेज दुर्गंध फैलने लगी थी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर घटी इस ताजा घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों के बीच अचानक भड़कने वाले गुस्से और उसके घातक परिणामों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर क्या घटना हुई थी?
8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के अंदर वरिष्ठ नागरिक सीट को लेकर हुए विवाद में 48 वर्षीय पवन शर्मा के साथ मारपीट की गई, जिससे घायल होकर बाद में उनकी मौत हो गई।
इस मामले में किन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
मृतक की मां की शिकायत पर पूर्व आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके वकील बेटे सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने मामले में किस कानून और धारा के तहत केस दर्ज किया है?
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105(3)(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़ित पवन शर्मा की मौत किस अस्पताल में हुई?
घटना के बाद मेट्रो कर्मचारियों द्वारा एंबुलेंस से एलएनजेपी अस्पताल ले जाए जाने पर उपचार के दौरान पवन शर्मा की मौत हो गई।
आरोपी संजय प्रताप सिंह की पूर्व पृष्ठभूमि क्या रही है?
संजय प्रताप पूर्व में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रह चुके हैं, जिन्हें सीबीआई ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था और उनके पास 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति मिली थी।
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टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·18 दिन पहले

मेट्रो में सीट के लिए ऐसी हिंसा देखकर डर लगता है। थोड़ी सी सहनशीलता खत्म होती जा रही है, जो एक सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

मेट्रो में सफर करते वक्त ऐसी छोटी-सी बात पर इतनी हिंसा देख कर रूह कांप जाती है। पिछले हफ्ते ही राजीव चौक पर एक अंकल को सीट के लिए बहस करते देखा था, तब तो बात आई-गई हो गई थी, पर यहाँ तो एक आदमी की जान चली गई।

Meera Joshi@meera-joshi·18 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा। हैरानी की बात यह है कि एक पूर्व आईएएस और वकील बेटा होकर भी ऐसी हरकत कर बैठा।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

सीट के झगड़े में जान चले जाना बहुत अजीब है। लगता है बात सिर्फ सीट की नहीं थी, गुस्से में कुछ और ही हुआ होगा जो पुलिस की थ्योरी में साफ नहीं आ रहा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन, तुम्हारी बात सही है कि गुस्से में बात बढ़ी होगी। पर क्या सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो पाया कि पहले हाथ किसने उठाया था?

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