दिल्ली की राजनीति में इन दिनों एक मंत्री और उनके समर्थकों से जुड़ा सड़क निरीक्षण का मामला काफी तूल पकड़ चुका है। इस पूरे प्रकरण में अब तक पुलिस के पास अलग-अलग पक्षों की तरफ से कुल पांच शिकायतें आ चुकी हैं। बावजूद इसके कि मामले से जुड़ी ये शिकायतें दो अलग-अलग थानों तक पहुंच गई हैं, पुलिस ने अभी तक किसी भी पक्ष की तहरीर पर औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज नहीं की है। इस स्थिति ने आम लोगों और राजनीतिक हलकों में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
थानों में पहुंची शिकायतों का पूरा गणित
विकासपुरी और तिलक नगर थानों में दर्ज कराई गई इन पांच शिकायतों में दोनों तरफ से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें से एक मुख्य शिकायत उस व्यक्ति साहिब सिंह की तरफ से आई है जिसे वायरल वीडियो में थप्पड़ खाते हुए देखा गया था। इसके अलावा सार्वजनिक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों की ओर से भी दो शिकायतें दी गई हैं जिनमें आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह और उनके साथियों पर काम में बाधा डालने के आरोप हैं। साथ ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से भी दो शिकायतें पुलिस को सौंपी गई हैं जिनमें मंत्री के साथ बदसलूकी किए जाने का दावा किया गया है।
दो अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में क्यों उलझा मामला
इस पूरे घटनाक्रम में दो थानों के शामिल होने की वजह घटनास्थल का भौगोलिक दायरा है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद वाली सड़क का एक सिरा विकासपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि सड़क पर मौजूद एक गुरुद्वारे वाला हिस्सा तिलक नगर थाने के अधिकार क्षेत्र में पड़ता है। यही वजह है कि दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी शिकायतों के लिए इन दोनों थानों का रुख किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ शिकायतें दो थानों में आने भर से अलग-अलग मुकदमे दर्ज नहीं किए जाते, बल्कि पहले पूरी घटना के तथ्यों की कानूनी परख की जाती है।
किस तरह से शुरू हुआ था यह पूरा विवाद
यह सारा बखेड़ा एक सड़क की गुणवत्ता की जांच के दौरान खड़ा हुआ था। रविवार के दिन दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री पश्चिमी दिल्ली के एक इलाके में सड़कों की दशा देखने पहुंचे थे। उनके साथ स्थानीय विधायक जरनैल सिंह और उनके समर्थक भी मौके पर मौजूद थे। सड़क की मजबूती को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। एक वीडियो सामने आया जिसमें विधायक सड़क की सतह का एक टुकड़ा हाथ से उखाड़कर दिखाते नजर आते हैं। इसके बाद वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान एक अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आई जिसमें मंत्री एक व्यक्ति के हाथ की तरफ बढ़ते हैं और उसे थप्पड़ मार देते हैं। उस व्यक्ति की पहचान बाद में साहिब सिंह के रूप में हुई जो जरनैल सिंह के सोशल मीडिया का काम देखता है और घटना के वक्त वीडियो बना रहा था।
मंत्री प्रवेश वर्मा और आप नेताओं का पक्ष
अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि मौके पर मौजूद विपक्षी कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था जिस वजह से उन्हें गुस्सा आ गया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो केवल एक हिस्से को दिखाता है और उसमें पूरी सच्चाई छिपी हुई है। दूसरी तरफ जरनैल सिंह ने इन तमाम बातों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे केवल इलाके में बनी घटिया सड़क का मुद्दा उठा रहे थे। आप नेताओं का कहना है कि मंत्री को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए अन्यथा वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
सरकारी कर्मचारियों और ठेकेदारों के आरोप
इस घटनाक्रम में केवल थप्पड़ का मामला नहीं है बल्कि सरकारी तंत्र की तरफ से भी कानूनी शिकायतें दी गई हैं। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों और वहां काम कर रहे ठेकेदार ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि जरनैल सिंह ने सड़क का निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास किया और कथित रूप से अवैध धन की मांग की। एक अन्य शिकायत में नवनिर्मित सड़क को नुकसान पहुंचाने का जिक्र भी किया गया है। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है।
सड़क पर प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत
इस पूरे मामले ने तूल पकड़ा तो आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता सड़क पर उतर आए और प्रवेश वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और कुलदीप कुमार समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। पार्टी का कड़ा रुख है कि वीडियो में साफ दिख रही घटना के आधार पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी पार्टी ने भी इस पूरे वाकये को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए विपक्षी विधायक के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं।

















