राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने उन खास इलाकों में गहन तलाशी अभियान यानी कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया है, जिनके आसपास दुनिया के कई ताकतवर नेता ठहरने वाले हैं। इस सुरक्षा घेरे के केंद्र में वे बड़े होटल हैं जहां विदेशी मेहमानों का ठहराव तय किया गया है।
होटलों के आसपास पुख्ता सुरक्षा और सर्च ऑपरेशन
सरदार पटेल मार्ग के नजदीक स्थित घने रिज एरिया में दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला है। इस जंगली और संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस ने कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अज्ञात व्यक्ति का डेरा न हो। इस वीवीआईपी मार्ग पर दो नामचीन फाइव स्टार होटल स्थित हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता है।
प्रमुख मेहमानों का ठहराव और मार्ग की सुरक्षा
तय कार्यक्रमों के अनुसार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विदेशी मेहमान होटल मौर्य में रुकेंगे। वहीं दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग होटल ताज पैलेस में विश्राम करेंगे। इन दोनों होटलों की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने खुद पूरी सुरक्षा टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसके बाद अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच अहम बैठक
यह महत्वपूर्ण वैश्विक सम्मेलन ऐसे दौर में हो रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर भारी दबाव का सामना कर रही है। इसमें रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष, पश्चिम एशिया में गहराता संकट जिसमें विशेष तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी शामिल है, और अमेरिकी प्रशासन द्वारा लागू की गई सख्त व्यापार तथा शुल्क नीतियां शामिल हैं जिनके प्रतिकूल प्रभावों से वैश्विक बाजार जूझ रहे हैं।
सम्मेलन में शामिल होने वाली दिग्गज हस्तियां
इस बड़े कूटनीतिक आयोजन में दुनिया के कई शीर्ष नेता शिरकत करने पहुंच रहे हैं। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा तथा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के नाम प्रमुखता से शामिल हैं।
ब्रिक्स संगठन का विस्तार और वैश्विक प्रभाव
शुरुआती दौर में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका तक सीमित रहने वाला यह समूह साल 2024 में अपने विस्तार के बाद और अधिक व्यापक हो चुका है। इस फेरबदल में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब इसके पूर्ण सदस्य बने, जबकि इंडोनेशिया साल 2025 में इस मोर्चे से जुड़ा। इसके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थailand, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम जैसे देश पिछले वर्ष इसके साझेदार के रूप में जुड़े थे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में समूह की हिस्सेदारी
आज के समय में ब्रिक्स एक बेहद प्रभावशाली और मजबूत भू-राजनीतिक मंच के रूप में स्थापित हो चुका है क्योंकि यह दुनिया की ग्यारह प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाता है। यह गठबंधन वैश्विक आबादी का करीब 49.5 प्रतिशत हिस्सा, पूरी दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा और वैश्विक व्यापार का करीब 26 प्रतिशत हिस्सा अपने भीतर समेटे हुए है। वर्तमान में भारत के पास इस समूह की अध्यक्षता है, जो मुख्य रूप से चार प्रमुख स्तंभों यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के सिद्धांतों पर आधारित है।



















