देश की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में कुल मिलाकर 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचेंगे। इस वैश्विक आयोजन में रूस, चीन, साउथ अफ्रीका और ब्राजील जैसे प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की पूरी संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के बेहद व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
अभेद्य किले में बदले गए भारत मंडपम और होटल
आयोजन स्थल भारत मंडपम के साथ-साथ शहर के 11 बड़े होटल्स को पूरी तरह से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए इन्हीं 11 होटलों को चुना गया है, जिसके आसपास सुरक्षा के कड़े पहरे बिठाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए कुल 25000 सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा आपात स्थिति और विशेष सुरक्षा के मद्देनजर 100 एनएसजी कमांडो और 30 डीसीपी रैंक के अधिकारियों को भी तैनात करने की योजना बनाई गई है।
ट्रैफिक और रूट डायवर्जन की व्यवस्था
सुरक्षा के साथ-साथ यातायात को सुचारू रखने के लिए भी बड़े पैमाने पर कदम उठाए गए हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस दिल्ली के 35 अहम रूटों पर है, क्योंकि विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और मेहमानों के इन्हीं मार्गों से होकर गुजरने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था के चलते सेंट्रल दिल्ली में दो दिनों तक लगभग कर्फ्यू जैसे हालात रहने वाले हैं। हालांकि इस दौरान कनॉट प्लेस और चांदनी चौक जैसे प्रमुख बाजार खुले रहेंगे, लेकिन कुल 22 रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा ताकि काफिलों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।





















