राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस बार अक्टूबर के महीने में ही सर्दी ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। पारे में अचानक आई गिरावट की वजह से सुबह के वक्त अब लोगों को अच्छी खासी ठिठुरन महसूस होने लगी है। मौसम में आए इस बदलाव की मुख्य वजह पिछले दिनों हुई बारिश को माना जा रहा है, जिसके बाद से लगातार ठंडी हवाओं और तापमान में कमी का दौर चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अब धीरे-धीरे सर्दी का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में और कमी दर्ज की जा सकती है।
मौसम का हाल और तापमान के आंकड़े
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार यानी 26 अक्टूबर को आकाश पूरी तरह साफ रहने और धूप खिलने की पूरी उम्मीद है, लेकिन इसके बावजूद तापमान में गिरावट बनी रहेगी। खास तौर पर सुबह के वक्त न्यूनतम तापमान करीब 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। सुबह के वक्त इस पारे की वजह से लोगों को हल्की सर्दी का अहसास हो रहा है जो इस महीने के लिहाज से थोड़ा कम है। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि दिन के समय जब तेज धूप निकलती है तो हल्की गर्माहट जरूर महसूस होती है और तापमान लगभग 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन सुबह और देर रात में ठंडक काफी बढ़ जाती है।
बारिश के बाद साफ हुआ हवा का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार पिछली रात हुई हल्की बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियों के तुरंत बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके कारण अचानक से सर्दी की आहट महसूस होने लगी। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि आज हवा की रफ्तार बिल्कुल सामान्य बनी रहेगी और दिन के समय बारिश की कोई आशंका नहीं है, इसके बावजूद मौसम का ठंडा रुख बरकरार रहेगा। इस बदलाव से एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ सुबह-शाम के तापमान में आए इस अंतर के कारण स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रदूषण और एयर क्वालिटी में जबरदस्त सुधार
इस बारिश और हवा के असर से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में जबरदस्त और राहत भरा सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई लगभग 150 से 160 के दायरे में बना हुआ है, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा जाता है। इसके अलावा कुछ विशेष निगरानी स्टेशनों पर यह आंकड़ा घटकर 130 से 140 के आसपास भी दर्ज किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों की बात करें तो दिल्ली और नोएडा जैसे क्षेत्रों में एक्यूआई का स्तर खतरनाक रूप से 250 के पार पहुंच गया था, जबकि ग्रेटर नोएडा में तो यह आंकड़ा 300 के निशान को पार कर चुका था, जो अब काफी बेहतर स्थिति में आ गया है।
प्रदूषक तत्व और एहतियाती कदम
अध्ययनों से पता चलता है कि हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 अभी भी प्रमुख प्रदूषक बने हुए हैं, लेकिन हालिया बारिश ने वातावरण में तैर रही धूल और हानिकारक कणों को काफी हद तक धोकर साफ कर दिया है। इसके बावजूद जो लोग संवेदनशील श्रेणी में आते हैं जैसे कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और सांस या अस्थमा से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति, उन्हें लंबे समय तक खुले आसमान के नीचे या बाहर न रहने की सख्त सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जीआरएपी स्टेज-1 के सभी आवश्यक उपाय पहले ही लागू कर दिए गए हैं और इनका पूरी मुस्तैदी के साथ पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।
बदलते मौसम में सेहत का ख्याल
अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही मौसम का ऐसा मिजाज बदल जाने की वजह से अब लोगों को अपने पहनावे और खानपान में भी बदलाव करने की जरूरत पड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस शुरुआती और छद्म सर्दी की वजह से लोग आसानी से बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए सुबह-शाम के वक्त गर्म कपड़े पहनना शुरू कर देना चाहिए। अपने दैनिक जीवन में खानपान का विशेष ध्यान रखें और तापमान में हो रहे इन उतार-चढ़ाव से अपने शरीर को बचाकर रखें ताकि इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचा जा सके।





















