प्राइवेसी केंद्रित क्रिप्टोकरेंसी ज़ीकैश (ZEC) पर संस्थागत निवेशकों की नए सिरे से खरीदारी का रुख देखने को मिल रहा है, हालांकि टोकन की कीमतों में यह तेजी अभी पूरी तरह से नहीं दिख पाई है। मौजूदा समय में टोकन 1,200 डॉलर के स्तर के इर्द-गिर्द लाल निशान में कारोबार कर रहा है। इस महीने टोकन में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिसके चलते हालिया दिनों में आई रिकवरी सीमित नजर आ रही है। विश्लेषकों के अनुसार, तेजी का रुख बनाए रखने के लिए इस डिजिटल टोकन को पिछले सप्ताह के 1,368 डॉलर के उच्चतम स्तर को पार करना अनिवार्य होगा।
ग्रेस्केल ईटीएफ में 41 मिलियन डॉलर का शुद्ध प्रवाह
संस्थागत निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार के संकेत ग्रेस्केल के ज़ेडईसी आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में साफ तौर पर दर्ज किए गए हैं। बीते सप्ताह इस फंड में लगातार चार दिनों तक शुद्ध आवक देखी गई। पूरे सप्ताह के दौरान कुल निवेश प्रवाह 41.09 मिलियन डॉलर यानी 4.1 करोड़ डॉलर से ज्यादा दर्ज किया गया। यह मजबूत आंकड़ा तीन हफ्तों के लगातार फंड निकासी के सिलसिले के बाद सामने आया है, जिससे यह जाहिर होता है कि बड़े फंड हाउस और संस्थागत खरीदार दोबारा इस प्राइवेसी कॉइन पर भरोसा जता रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत पूंजी की यह वापसी एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव से ठीक पहले हुई है। आगामी 5 नवंबर को नेटवर्क अपग्रेड 7 (NU7) तय है, जो ब्लॉकचेन स्तर पर कई बड़े सुधार लाएगा।
एनयू7 अपग्रेड और नेटवर्क के बुनियादी बदलाव
5 नवंबर को निर्धारित नेटवर्क अपग्रेड 7 (NU7) ज़ीकैश के पूरे इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस अपग्रेड का सबसे अहम पहलू लेन-देन के समय में भारी कटौती करना है। इसके प्रभावी होने के बाद ब्लॉक कन्फर्मेशन का समय घटकर केवल 25 सेकंड रह जाएगा, जिससे नेटवर्क की गति और उपयोगिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इसके अलावा, इस अपग्रेड के जरिए नेटवर्क से स्प्रूट पूल और उससे जुड़े लेन-देन को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया जाएगा। स्प्रूट पूल को हटाना पुराने आर्किटेक्चर को विदा करने और सुरक्षा तथा प्राइवेसी के आधुनिक मानकों को अपनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। यही वजह है कि संस्थागत निवेशक इस अपग्रेड से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।
चार घंटे के चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
यदि तकनीकी चार्ट का गहराई से आकलन करें, तो चार घंटे के टाइमफ्रेम पर ज़ीकैश का रुझान अभी भी अल्पावधि में मंदी की ओर झुका हुआ है। टोकन 1,197 डॉलर के आसपास घूम रहा है, जो 50-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1,207 डॉलर और 200-अवधि के EMA 1,231 डॉलर दोनों के नीचे बना हुआ है। 26 सितंबर को दर्ज किए गए 1,698 डॉलर के शिखर से फिसलने के बाद से टोकन लगातार दबाव महसूस कर रहा है, जिससे कीमतों में कोई भी उछाल ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पा रहा है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो स्थिति मिली-जुली दिखती है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 47 के तटस्थ स्तर पर मंडरा रहा है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) संकेतक शून्य रेखा के ठीक ऊपर हल्का सकारात्मक बना हुआ है। यह संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसे एक ठोस और मजबूत रिकवरी नहीं कहा जा सकता।
सप्लाई ज़ोन और संभावित गिरावट के खतरे
तकनीकी परिदृश्य के मुताबिक, 1,296 डॉलर से लेकर 1,385 डॉलर के दायरे में एक मजबूत ओवरहेड सप्लाई ज़ोन सक्रिय है। इसी बिकवाली दबाव ने पिछले हफ्ते रिकवरी को 1,368 डॉलर के पास रोक दिया था। अपट्रेंड की नई शुरुआत के लिए टोकन को 1,231 डॉलर पर मौजूद 200-अवधि ईएमए और पिछले हफ्ते के 1,268 डॉलर के पीक को पार करना जरूरी होगा, जिसके बाद ही 1,698 डॉलर के पिछले स्विंग हाई तक का रास्ता खुल सकता है।
यदि बिकवाली का दबाव गहराता है, तो नीचे की तरफ निकटतम तकनीकी सहारा 4 सितंबर के उच्च स्तर 1,050 डॉलर के पास मौजूद है, जो 1,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है।
क्रिप्टो बाजार का व्यापक रुख
ज़ीकैश के अलावा व्यापक क्रिप्टो बाजार में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। प्रमुख डिजिटल परिसंपत्ति बिटकॉइन 81,800 डॉलर के आसपास दबाव में कारोबार कर रही है, हालांकि गुरुवार तक स्पॉट ईटीएफ में 442.67 मिलियन डॉलर का शुद्ध संस्थागत निवेश देखा गया था। वहीं दूसरी ओर इथेरियम 2,400 डॉलर के ऊपर टिकने की मशक्कत कर रहा है, जबकि रिपल 1.30 डॉलर के सपोर्ट की पुष्टि के बाद 1.32 डॉलर के ऊपर पहुंचकर 1.40 डॉलर के स्तर पर नजरें गड़ाए हुए है। इसके साथ ही पाई नेटवर्क (PI) में भी 2 प्रतिशत की रिकवरी देखी गई, जबकि लॉन्ग पोजिशन के लिक्विडेशन बढ़ने से कुल बाजार का सेंटिमेंट बुलिश से न्यूट्रल की तरफ मुड़ गया है।



















