हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा का विवादित बयान, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के सामने बीमार भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती पर उड़ाया मजाकहैदराबाद में अभी से गहराया जल संकट, अक्टूबर में ही 233 प्रतिशत बढ़ी पानी के टैंकरों की मांगपीतल नगरी में 30 रुपये से शुरू होने वाली वेज बिरयानी का जादू, 16 मसालों से बनता है लाजवाब जायकाआरबीएनजेड द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों के बीच न्यूजीलैंड डॉलर 0.5700 के करीब मजबूतउत्तर प्रदेश के पुरा महादेव मंदिर में सावन पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना, सुरक्षा के कड़े इंतजामलंबे समय तक डेस्क पर बैठने से होती है पीठ में जकड़न, केवल पांच मिनट करें हस्तोत्तानासनकांगड़ा की गज्ज खड्ड पर 86 करोड़ से अधिक की लागत से आकार ले रहा नया पुल, इन दो क्षेत्रों के बीच कम होगी दूरीहिमाचल में ग्राम पंचायत स्तर पर होगी बंदरों की गणना, सुक्खू सरकार ने वन्यजीव विंग से मांगा पूरा ब्यौरामहर्षि वाल्मीकि जयंती पर राहुल गांधी ने दी बधाई, आदिकवि के विचारों को बताया प्रेरणास्रोतएनटीए ने जारी किया जेईई मेन 2027 का विस्तृत पाठ्यक्रम, तीनों विषयों की 54 यूनिट्स से तय होगी परीक्षा की दिशा
उत्तर प्रदेश में योगी को रोकने के लिए ओवैसी ने सपा और कांग्रेस को दिया साथ आने का न्योताउत्तर प्रदेश
26 अक्तू॰ 2026, 9:18 am (1 घंटे पहले)· 2

उत्तर प्रदेश में योगी को रोकने के लिए ओवैसी ने सपा और कांग्रेस को दिया साथ आने का न्योता

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी योगी आदित्यनाथ को फिर मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहती, इसलिए वे विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं।

उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सामने गठबंधन की नई पेशकश रखी है। राज्य के पश्चिमी हिस्से के दौरे के दौरान उन्होंने साफ किया कि उनका मुख्य मकसद योगी आदित्यनाथ को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उनकी पार्टी विपक्षी दलों के साथ चुनावी तालमेल बैठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कैराना से शामली तक बदला चुनावी सुर

चुनावी जनसभाओं के दौरान ओवैसी के बयानों में तीखे तेवर और रणनीतिक लचीलापन दोनों देखने को मिले। कैराना में आयोजित रैली में उन्होंने पहले तो समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों पर जमकर प्रहार किए। हालांकि, इसके बाद शामली में उन्होंने अपने रुख में नरमी लाते हुए संकेत दिया कि वे मिलकर चुनाव लड़ने को राजी हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालें।

ये भी पढ़ें

ओवैसी ने अतीत का हवाला देते हुए याद दिलाया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने की पूरी कोशिश की थी। हालांकि, उस समय उनके गठबंधन के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी दल योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के प्रति गंभीर हैं, एआईएमआईएम बिना किसी झिझक के उनके साथ मंच साझा करने को तैयार है।

अखिलेश यादव पर तीखे हमले और मुस्लिम प्रतिनिधित्व का सवाल

कैराना में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओवैसी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर बेहद आक्रामक नजर आए। खुद की तुलना रावण से किए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दरअसल भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भाषा बोल रहे हैं।

समुदाय की राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए ओवैसी ने कहा कि जब तक अब्दुल खुद नेता नहीं बनेगा, तब तक लोगों के बुनियादी मसले हल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी तर्क रखा कि जब समाजवादी पार्टी को 90 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन हासिल होता है, तो सत्ता और विपक्ष में उनकी वास्तविक समस्याओं को लेकर जवाबदेही और सवाल भी सीधे अखिलेश यादव से ही पूछे जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सपा से जुड़े मुस्लिम नेताओं की खामोशी पर भी सवाल खड़े किए।

विपक्षी दलों की झिझक और वोट कटवा का ठप्पा

यह पहली बार नहीं है जब ओवैसी ने राज्य में भाजपा विरोधी मोर्चे में शामिल होने की पहल की है। इससे पहले भी उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समक्ष औपचारिक गठबंधन का प्रस्ताव रखा था और इसके लिए 2 अक्टूबर तक का समय तय किया था। उस मियाद के बीत जाने के बाद भी मुख्य विपक्षी खेमे की ओर से कोई सकारात्मक जवाब सामने नहीं आया।

सपा और अन्य विपक्षी दल ओवैसी के साथ औपचारिक समझौते से बचते रहे हैं। विपक्षी रणनीतिकारों का मानना है कि ओवैसी की चुनावी मौजूदगी से वोटों का ध्रुवीकरण तेज होता है, जिससे सीधे तौर पर भाजपा को चुनावी लाभ मिलता है। इसी वजह से उन्हें अक्सर वोट कटवा करार दिया जाता है। जब इस गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव से रुख स्पष्ट करने को कहा गया था, तो उन्होंने दो टूक कहा था कि जिस गठबंधन ने पहले भाजपा को शिकस्त दी थी, समाजवादी पार्टी उसी पुराने गठबंधन के ढांचे को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित रखेगी। इसके अलावा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर भी ओवैसी ने अपने विचार रखे हैं।

सवाल-जवाब

असदुद्दीन ओवैसी ने सपा और कांग्रेस को क्या प्रस्ताव दिया है?
ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए सपा और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का खुला प्रस्ताव दिया है।
ओवैसी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
ओवैसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव भाजपा और आरएसएस की भाषा बोल रहे हैं और 90 फीसदी मुस्लिम वोट पाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर जवाब नहीं देते।
विपक्षी दल एआईएमआईएम के साथ गठबंधन से क्यों बच रहे हैं?
विपक्षी दलों का मानना है कि ओवैसी की राजनीति से वोटों का ध्रुवीकरण होता है और उनकी पार्टी को अक्सर वोट काटने वाले दल के रूप में देखा जाता है।
गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव का क्या रुख रहा है?
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि समाजवादी पार्टी उसी गठबंधन ढांचे को आगे बढ़ाएगी जिसने पहले भाजपा को हराया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 मिनट पहले

अखिलेश पर हमला करते हुए ओवैसी का ये कहना कि 'जब तक अब्दुल खुद नेता नहीं बनेगा', यूपी की राजनीति में सचमुच एक तीखा सवाल छोड़ जाता है।

Ravikash Gupta@ravikash·38 मिनट पहले

अर्जुन भाई, बात तो ठीक है पर सपा-कांग्रेस भला क्यों ओवैसी साहब को घास डालने लगीं? बिहार में भी तो यही हुआ था, कौन पूछता है इन्हें?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

अखिलेश को साथ लिए बिना ओवैसी का ये दांव सिर्फ हवाबाजी है, जमीन पर मुस्लिम वोटरों का मूड अलग ही कहानी कह रहा है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, हवाबाजी तो मान सकते हैं, पर ओवैसी का शामli और कैराना वाला रुख अचानक बदलने के पीछे कोई गहरी चुनावी चाल भी हो सकती है। इसे पूरी तरह खारिज करना ठीक नहीं होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp