मूलांक 4 राशिफल 26 अक्टूबर 2026: हर बात साबित करने की जिद और बेकार की बहस से बचेंमूलांक 5 राशिफल 26 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा अपनापन, लेनदेन में साफ रखें हिसाबमूलांक 3 राशिफल 26 अक्टूबर 2026: अटके काम पकड़ेंगे रफ्तार और गलतियों से मिलेगा छुटकाराम्यूजिक ऐप्स का भविष्य एआई एजेंट्स के हाथ में, जानिए कैसे स्पॉटिफ़ाई की है बड़ी तैयारीदिल्ली में जल्दी शुरू हुई सर्दी की आहट, सुबह के तापमान में भारी गिरावट और सुधर गया प्रदूषणफ्रांस की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन, इमैनुएल मैक्रों की अपील का नहीं हो रहा असरलाइव: 28 अक्टूबर तक आंध्र तट से टकराएगा चक्रवात अर्णव, तमिलनाडु में बारिश का दौर जारीब्राजील में लूला की ऐतिहासिक वापसी, दक्षिणपंथी संसद और ध्रुवीकृत देश के बीच शुरू होगा चौथा कार्यकालब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुई इनैसियो लुला डा सिल्वा ने दर्ज की बड़ी जीत, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी उम्मीदवार को दी शिकस्तचीन के केंद्रीय बैंक ने युआन की संदर्भ दर मजबूत की, वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचल
माउंट आबू यात्रा के दौरान हनुमान भक्तों के लिए ये पांच स्थान हैं बेहद खासराजस्थान
26 अक्तू॰ 2026, 8:30 am (29 मिनट पहले)· 0

माउंट आबू यात्रा के दौरान हनुमान भक्तों के लिए ये पांच स्थान हैं बेहद खास

माउंट आबू और आबूरोड के रास्ते में पड़ने वाले पांच प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की अपनी अलग मान्यताएं और इतिहास हैं। इन पावन स्थलों पर दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में कई धार्मिक स्थल आते हैं। आबूरोड से माउंट आबू की चढ़ाई शुरू करते ही सबसे पहले आरना गांव का हनुमान मंदिर नजर आता है। इस पावन स्थल को आरना हनुमान या बालेश्वर हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है और यह पहाड़ी मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। सड़क मार्ग से सफर करने वाले तमाम लोग यहां कुछ पल ठहरकर संकटमोचन के दर्शन करते हैं ताकि उनकी आगे की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। इस प्राचीन मंदिर में भगवान को गुड़ और चने का भोग अर्पित करने की गहरी परंपरा चली आ रही है। ऐसी गहरी मान्यता है कि यहां मत्था टेकने से पूरा सफर बिना किसी बाधा के संपन्न होता है।

चम्पेश्वर हनुमान मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता

पहाड़ी रास्ते से थोड़ा आगे बढ़ने पर सनी गांव के पास चम्पेश्वर हनुमान मंदिर स्थित है जो स्थानीय निवासियों और आसपास के इलाकों के लोगों की अटूट आस्था से जुड़ा है। यह पूरा परिसर चारों तरफ फैली प्राकृतिक हरियाली के बीच स्थित है जो इसे बेहद शांत और मनमोहक बनाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित प्रतिमा है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह अपने आप प्रकट हुई थी। पुरानी लोक मान्यताओं के अनुसार बीते समय में यहां घने चंपा के पेड़ों और गुफाओं के बीच बजरंगबली की यह मूर्ति प्राप्त हुई थी जिसके बाद से यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।

ये भी पढ़ें

ज्ञान गुफा एवं ज्ञानेश्वर हनुमान मंदिर की भव्यता

देलवाड़ा क्षेत्र में स्थित ज्ञान गुफा एवं ज्ञानेश्वर हनुमान मंदिर अपनी विशाल वास्तुकला और भव्य मूर्तिकला के कारण विशिष्ट स्थान रखता है। इस परिसर का सबसे बड़ा आकर्षण हनुमान जी की लगभग 21 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा है जिसमें वे हाथों में मंजीरे थामे प्रभु श्रीराम की भक्ति में पूरी तरह लीन दिखाई देते हैं। श्रद्धालुओं के बीच ऐसी जानकारी है कि इस पावन मंदिर की स्थापना वर्ष 1965 में की गई थी। इस पूरे परिसर के भीतर संगमरमर से निर्मित भव्य मंदिर, भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और बजरंगबली की सुंदर मूर्तियां तथा मुख्य प्रवेश द्वार पर उकेरे गए नक्काशीदार हाथी इसकी उत्कृष्ट शिल्पकला का परिचय देते हैं। ज्ञान गुफा के ऐतिहासिक महत्व के बारे में कहा जाता है कि प्राचीन काल में यहां साधु-संत एकांत में बैठकर तपस्या और साधना किया करते थे।

वनवासी हनुमान मंदिर और गौमुख क्षेत्र

माउंट आबू के गौमुख क्षेत्र में बना वनवासी हनुमान मंदिर इस पूरे मार्ग का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस स्थान की विशेषता यह है कि पर्यटक और भक्त महर्षि वशिष्ठ आश्रम तथा गौमुख कुंड की कठिन यात्रा शुरू करने से पहले यहीं पर रुककर आशीर्वाद लेते हैं। वनवासी हनुमान मंदिर से ही गौमुख मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों का रास्ता शुरू होता है। इस पूरे इलाके में चारों तरफ घना जंगल फैला हुआ है जिसके कारण इसे वनवासी हनुमान मंदिर के नाम से पुकारा जाता है।

टेकरी वाले हनुमान मंदिर की मान्यता

माउंट आबू की तलहटी यानी आबूरोड क्षेत्र में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित हनुमान टेकरी मंदिर भी अत्यंत प्रसिद्ध है जिसे लोग टेकरी वाले हनुमान मंदिर के रूप में जानते हैं। गुजरात की ओर से माउंट आबू बायपास के रास्ते आने वाले यात्री इस मंदिर में दर्शन करने के पश्चात ही अपनी आगे की यात्रा बढ़ाते हैं। इस स्थान से जुड़ी खास मान्यता यह है कि लगातार 5 मंगलवार तक यहां व्रत रखकर पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सवाल-जवाब

आबूरोड से माउंट आबू जाते समय सबसे पहले कौन सा मंदिर आता है?
आबूरोड से माउंट आबू जाने वाले रास्ते पर आरना गांव में स्थित आरना हनुमान या बालेश्वर हनुमान मंदिर सबसे पहला पड़ाव है।
चम्पेश्वर हनुमान मंदिर की प्रतिमा की क्या विशेषता है?
चम्पेश्वर हनुमान मंदिर की प्रतिमा के बारे में मान्यता है कि यह स्वयंभू है और प्राचीन काल में पेड़ों व गुफाओं के बीच प्रकट हुई थी।
ज्ञान गुफा मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा कितनी ऊंची है?
ज्ञान गुफा एवं ज्ञानेश्वर हनुमान मंदिर में हनुमान जी की लगभग 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है।
ज्ञान गुफा मंदिर की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
भक्तों के अनुसार ज्ञान गुफा मंदिर की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी।
वनवासी हनुमान मंदिर कहां स्थित है?
वनवासी हनुमान मंदिर माउंट आबू के गौमुख क्षेत्र में स्थित है जो गौमुख का प्रवेश द्वार भी माना जाता है।
टेकरी वाले हनुमान मंदिर से जुड़ी क्या मान्यता है?
टेकरी वाले हनुमान मंदिर में लगातार 5 मंगलवार व्रत रखकर दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp