भीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालहिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआतम्यांमार सीमा तक दौड़ेगी ट्रेन: मिजोरम में 230 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सीएम लालदुहोमा ने की समीक्षा बैठकराजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदा
देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला, पेट्रोल पंपों द्वारा यूपीआई बहिष्कार की चेतावनी पर भी रुख किया साफभारत
20 सित॰ 2026, 6:19 pm (38 दिन पहले)· 3

देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला, पेट्रोल पंपों द्वारा यूपीआई बहिष्कार की चेतावनी पर भी रुख किया साफ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये पर तंज कसते हुए उन्हें हास्य कलाकार बनने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने डिजिटल भुगतान पर लगने वाले मामूली शुल्क का बचाव करते हुए पेट्रोल पंप संचालकों के विरोध को गलत ठहराया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दल के शीर्ष नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों की कड़ी आलोचना की है। नागपुर में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि जिस अंदाज में राजनीतिक मंचों पर दूसरों का उपहास उड़ाया जा रहा है, उसके बाद कांग्रेस नेता के लिए स्टैंड-अप कॉमेडी का पेशा चुनना अधिक मुफीद साबित होगा। उन्होंने टिप्पणी की कि उनकी रणनीतियों की वजह से पार्टी पूरी तरह दिशाहीन और प्रभावहीन हो चुकी है, लिहाजा ऐसा रास्ता अपनाने से उन्हें एक नया काम मिल सकता है। यह प्रतिक्रिया इंदौर शहर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' नामक सभा के बाद सामने आई, जहां राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली की नकल करने की बात कही गई थी।

पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान विवाद और एमडीआर शुल्क

राजनीतिक बयानबाजी के अलावा मुख्यमंत्री ने डिजिटल भुगतान को लेकर खड़े किए जा रहे विवाद पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। दरअसल मुंबई शहर के पेट्रोल पंप डीलरों ने घोषणा की थी कि यदि प्रशासन संशोधित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर को वापस नहीं लेता है, तो वे 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक की राशि के यूपीआई भुगतानों को लेना बंद कर देंगे। इस चेतावनी पर असहमति जताते हुए फडणवीस ने कहा कि व्यापारियों द्वारा ऐसा कड़ा रुख दिखाना बिल्कुल भी जायज नहीं है। उन्होंने रेखांकित किया कि ऑनलाइन माध्यमों के आने से ईंधन स्टेशनों की बिक्री और कामकाज में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

ये भी पढ़ें

फडणवीस के अनुसार डिजिटल व्यवस्था ने पेट्रोल पंपों के दैनिक लेन-देन में भारी पारदर्शिता लाने का काम किया है और आज आम नागरिक बेहद सुगमता से इसका उपयोग कर रहे हैं। व्यवस्था के संचालन के लिए जो शुल्क निर्धारित किया गया है, वह बेहद नगण्य है। उन्होंने दो-टूक कहा कि प्रणाली को सुचारू बनाए रखने की मामूली लागत की भरपाई का विरोध करने के बजाय कारोबारियों को इससे मिलने वाले व्यापक लाभ पर गौर करना चाहिए।

संसदीय समिति की भूमिका और नीतिगत पृष्ठभूमि

नियमों की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रकार का एमडीआर लागू करने का परामर्श जिस संसदीय पैनल ने दिया था, उसमें पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम सहित कांग्रेस दल के तीन अन्य प्रमुख राजनेता भी शामिल थे। ऐसे में इस मामले पर अनावश्यक विवाद खड़ा करना सिर्फ जनता के बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश है। उन्होंने दोहराया कि यह व्यवस्था सभी प्रकार के भुगतानों पर एकमुश्त लागू नहीं होती, बल्कि यह चुनिंदा और विशेष लेन-देन तक ही सीमित है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्ता रेखांकित करते हुए फडणवीस ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और आर्थिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने में ऑनलाइन तंत्र ने ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे व्यवस्था को बाधित करने के बजाय पारदर्शी व्यवस्था का समर्थन करें और अनावश्यक टकराव से बचें।

सवाल-जवाब

देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने कहा कि नकल करने के अंदाज को देखते हुए राहुल गांधी को पार्टी छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन बन जाना चाहिए, जिससे उन्हें कोई काम मिल सके।
यह राजनीतिक विवाद किस कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ?
यह विवाद इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कथित रूप से मजाक उड़ाने के बाद खड़ा हुआ।
मुंबई के पेट्रोल पंप संचालकों ने क्या चेतावनी दी है?
उन्होंने कहा है कि यदि संशोधित एमडीआर वापस नहीं लिया गया, तो वे 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान लेना बंद कर देंगे।
डिजिटल भुगतान शुल्क की सिफारिश किस समिति ने की थी?
फडणवीस के अनुसार, इस शुल्क की सिफारिश करने वाली संसदीय समिति में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और कांग्रेस के तीन अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
क्या यह नया लेन-देन शुल्क सभी यूपीआई भुगतानों पर लागू होगा?
नहीं, सरकार के अनुसार यह शुल्क सभी भुगतानों पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल कुछ विशेष और निर्धारित लेन-देन पर ही लगाया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·38 दिन पहले

ईंधन खुदरा बाजार में डिजिटल भुगतान और एमडीआर (MDR) का विवाद आर्थिक पारदर्शिता और परिचालन लागत के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। पेट्रोलियम जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लेनदेन शुल्क को लेकर होने वाला विरोध सीधे वितरण प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। संसदीय समिति की पृष्ठभूमि यह स्पष्ट करती है कि डिजिटल सुधारों पर नीतिगत स्तर पर सहमति रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर खुदरा विक्रेताओं के वित्तीय मार्जिन और डिजिटल बुनियादी ढांचे की लागत के बीच तालमेल बिठाना सरकार और बाजार दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 दिन पहले

महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मी के बीच देवेंद्र फडणवीस का यह बयान दर्शाता है कि कैसे डिजिटल गवर्नेंस और आर्थिक नीतियां अब राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन चुकी हैं। व्यापारियों के विरोध को शांत करने के लिए संसदीय समिति में कांग्रेस नेताओं की भागीदारी का हवाला देना एक सोची-समझी रणनीति है। इससे न केवल विपक्ष का दोहरा रुख उजागर होता है, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था और एमडीआर (MDR) जैसे जटिल नीतिगत मुद्दों पर भाजपा को रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक होने का मौका मिलता है। यह दर्शाता है कि आगामी चुनावों में डिजिटल यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी लागत पर राजनीति और तेज होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·38 दिन पहले

अर्जुन की बात बिल्कुल सही है। एक वित्तीय विश्लेषक के तौर पर, मैं इसे केवल राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि देश के डिजिटल भुगतान ढांचे की स्थिरता से जुड़ा बड़ा आर्थिक मुद्दा मानता हूं। ₹2,000 से अधिक के लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का विरोध यह दर्शाता है कि व्यापारिक वर्ग अब मुफ्त डिजिटल सेवाओं का आदी हो चुका है, जबकि इस विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने की एक वास्तविक लागत होती है। यह टकराव स्पष्ट करता है कि भविष्य में सरकार और नीति-निर्माताओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था की प्रगति और छोटे-मंझले व्यापारियों के लाभांश मार्जिन के बीच एक व्यावहारिक संतुलन बनाना होगा, ताकि देश की नकदी रहित अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित न हो।

Rohan Verma@rohan-verma·38 दिन पहले

डिजिटल भुगतान पर शुल्क और उस पर राजनीतिक बहस नीतिगत विरोधाभास और जमीनी चुनौतियों को दर्शाती है। एक तरफ जहां सरकार पारदर्शिता और डिजिटल ढांचे को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ व्यवसायी इसके संचालन खर्च से चिंतित हैं। देवेंद्र फडणवीस द्वारा इस नीति में विपक्षी नेताओं की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करना यह दिखाता है कि कैसे अक्सर प्रशासनिक निर्णयों पर राजनीतिक हित हावी हो जाते हैं। भविष्य में ऐसी डिजिटल नीतियों को बिना किसी बाधा के लागू करने के लिए सरकार और व्यापारियों के बीच आपसी सहमति बनाना बेहद जरूरी होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·38 दिन पहले

कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिहाज से, पेट्रोल पंपों द्वारा डिजिटल भुगतान के बहिष्कार की चेतावनी केवल एक व्यापारिक विरोध नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकती है। नकदी के लेन-देन में अचानक बढ़ोतरी होने से ईंधन स्टेशनों पर लूटपाट और चोरी जैसी आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, यूपीआई भुगतान बंद होने से आम नागरिकों और पंप कर्मचारियों के बीच विवाद पैदा हो सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति आ सकती है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी संभावित बाधाओं को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा ताकि सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित न हो।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp